नई दिल्ली डीसीपी कार्यालय में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के धरने पर बीजेपी नेताओं ने तीखा हमला बोला है. गिरिराज सिंह ने राहुल के धरने को नौटंकी बताया है तो रविशंकर प्रसाद ने इसे अराजकता की राजनीति करार दिया, जबकि राहुल गांधी पैलेट गन मामले में एफआईआर और जांच अधिकारी के नाम पर अड़े हैं. वहीं, जेपी नड्डा ने इसकी आलोचना की है.
दरअसल, राहुल गांधी शुक्रवार दोपहर को पैलेट गन फायरिंग में घायल हुए सालिह और उनकी मां के साथ डीसीपी कार्यालय पहुंचे थे, जहां उनकी पुलिस अधिकारियों से एफआईआर दर्ज करने और जांचकर्ता का नाम बताए जाने की मांग की. इसके बाद पुलिस ने कांग्रेस सांसद की तीखी बहस हो गई. इसके बाद राहुल गांधी संसद मार्ग थाने में धरने पर बैठ गए. राहुल गांधी के धरने पर बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद और गिरिराज सिंह तीखी प्रतिक्रिया दी है.
गिरिराज सिंह का राहुल पर तंज
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए राहुल गांधी के धरने पर कड़ा तंज कसा. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट खुद कमेटी बना रही है. इसके बाद भी राहुल गांधी थाना और डीसीपी ऑफिस केवल नौटंकी करने के लिए पहुंचते हैं, जिसे देश के लोग अच्छी तरह जानते हैं. गिरिराज सिंह ने कहा कि राहुल गांधी जी सिर्फ नौटंकी ही कर सकते हैं.
'बिना मंजूरी के धरने पर बैठे राहुल'
बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का अराजकता की राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है. वो बिना अनुमति या पूर्व सूचना के संसद मार्ग थाने में धरने पर बैठे हैं. पुलिस ने उन्हें बताया है कि संबंधित घटना पर पहले ही एफआईआर दर्ज है और जांच जारी है. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने एक हाई-पावर्ड कमेटी बनाई है. बीजेपी सांसद ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' पर अपने रुख के कारण फंसी हुई है और इसलिए ये सब कर रही है.
पैलेट गन इस्तेमाल के हैं सबूत
वहीं, राहुल गांधी ने स्पष्ट कर दिया है कि 20 जुलाई को पैलेट गन का इस्तेमाल हुआ, जिसके सबूत और रिपोर्ट मौजूद हैं कि साहिल के शरीर और आंख में छर्रे हैं, जिससे पीड़ित एक आंख से नहीं देख पाएगा. दिल के पास भी ऐसे छर्रे हैं, जिन्हें छुआ नहीं जा सकता. उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस कहती है कि उसने पैलेट गन नहीं चलाई. अंदर बताया गया कि ऊपर से आदेश है कि एफआईआर नहीं होगी.
राहुल ने कहा कि हमारी सिर्फ एक मांग है कि एफआईआर दर्ज हो और जांच अधिकारी का नाम बताया जाए, वरना वह नहीं हटेंगे. राहुल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जब तक एफआईआर दर्ज नहीं हो जाती, तब तक वह यहां से नहीं हटेंगे. ॉ
नड्डा ने साधा निशाना
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि आज पूरा देश राहुल गांधी की सस्ती राजनीति को देख रहा है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का आज का धरना न तो न्याय के लिए है और न ही बच्चों के लिए. यह सिर्फ राहुल गांधी की फुटेज खाने की भूख है.