मुंबई और आसपास के इलाकों में बारिश अब सिर्फ परेशानी नहीं, बल्कि जानलेवा साबित हो रही है. पिछले तीन दिनों में खुले मैनहोल, करंट और पेड़ गिरने जैसे हादसों में 5 लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि पेड़ गिरने की घटना में कई लोग घायल भी हुए हैं. सवाल ये है कि क्या ये सिर्फ बारिश का कहर है या सिस्टम की लापरवाही?
पिछले कई दिनों से जारी बारिश ने मुंबई को ठप कर दिया है. शहर की सड़कें पानी में डूब गई हैं, ट्रैफिक रुक गया है और आम लोगों की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हुई है. सबसे दुखद बात यह है कि इस बारिश में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है. खुले मैनहोल और बिजली के लटके तारों ने बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) और सरकार के तैयारियों के दावों को बेनकाब कर दिया है.
मुंबई में 3 दिन में 5 लोगों की मौत
जिस तरह से पिछले 3 दिन में मुंबई और उसके पास के इलाकों में बारिश के दौरान हुए हादसों में 5 लोगों की जान चली गई, उससे यही लग रहा है कि मुंबई हादसों का शहर है.
30 जून को मुंबई में पेड़ गिरने से विहान की मौत हुई तो वहीं, 1 जुलाई को नवी मुंबई में सुरेश लोखंडे नाम के शख्स की जान चली गई. 1 जुलाई को डोंबिवली में शशि चक्र की मौत हुई तो वहीं, 2 जुलाई को मुंब्रा में आलिया और मुंबई में असलम शख्स नाम के शख्स की जान गई.
मैनहोल में गिरने से एक शख्स की गई जान
सबसे ज्यादा चर्चा मुंबई में खुले मैनहोल में गिरने से 55 साल के असलम शेख की मौत की हो रही है. दरअसल, अंधेरी के साकीनाका इलाके में खैरानी रोड पर असलम शेख की खुले मैनहोल में गिरने की घटना सीसीटीवी में कैद हो गई. आननफानन में 15 फीट नीचे गटर में उतरकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ लेकिन सारी जद्दोजहद असलम की जान नहीं बचा सकी.
असलम शेख के परिवार में मातम पसरा है. परिवार पूछ रहा है कि आखिर सरकार और बीएमसी प्रशासन आम लोगों की जान की कीमत क्यों नहीं समझ रहा. हादसे की खबर सुनकर बीएमसी की मेयर रितु तावड़े भी मौके पर पहुंचीं. उन्होंने किंतु परंतु करने की जगह तुरंत बीएमसी प्रशासन की गलती और लापरवाही मानी. साथ ही मृतकों के परिजनों को 10 लाख के मुआवजे का ऐलान किया.
इतना ही नहीं हादसे में लापरवाही बरतने को लेकर मेयर रितु तावड़े ने साकीनाका वार्ड ऑफिसर समेत चार BMC अधिकारियों को सस्पेंड भी कर दिया. अधूरा काम छोड़ने वाले कॉन्ट्रैक्टर के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है.
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वहीं, 3 दिन में 5 लोगों की जान चली जाने से सरकार और बीएमसी विपक्ष के निशाने पर है. साकीनाका में मैनहोल में गिरने से हुए हादसे की गूंज महाराष्ट्र विधानसभा में भी सुनी गई. विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर ने सरकार को सख्त निर्देश दिए कि सिर्फ अधिकारियों को सस्पेंड करना काफी नहीं होगा.
उन्होंने कहा कि ये हादसा बहुत दुखद और गंभीर है. पानी भरने की वजह से कई हादसे होते हैं. कई जगह गड्ढे खुदे पड़े हैं, कई जगह मैनहोल खुले हैं. सिर्फ अधिकारियों को सस्पेंड करना काफी नहीं होगा. नाले को खुला छोड़ने के लिए जिम्मेदार दोषियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने पर विचार किया जाना चाहिए.
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इस मुद्दे पर मुंबई बीजेपी अध्यक्ष और बीजेपी विधायक अमित साटम ने सदन में कहा किलापरवाह कॉन्ट्रैक्टर के खिलाफ FIR दर्ज करके कड़ी कार्रवाई की जाएगी. बता दें कि स्पीकर राहुल नार्वेकर ने साकीनाका हादसे पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी. जिसके बाद शहरी विकास राज्य मंत्री माधुरी मिसाल ने हादसे की पूरी जानकारी सदन के सामने रखी. लेकिन विपक्ष कह रहा है कि बीजेपी से बीएमसी संभल नहीं रही है.
करंट लगने से 17 साल की युवती की मौत
वहीं, ठाणे के मुंब्रा में बारिश के दौरान करंट लगने से 17 साल की आलिया की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि, मुंब्रा के यास्मीन पार्क की बी-विंग में रहने वाली आलिया किसी काम से बिल्डिंग के बाहर निकली थी. इसी दौरान वो बारिश के पानी में उतरे करंट की चपेट में आ गई और उसकी जान चली गई.
डोंबिवली में भी करंट लगने से महिला की मौत
वहीं, डोंबिवली में बच्चों के लिए नाश्ता लेने निकली मां की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई. डोंबिवली के हनुमान नगर में खुले बिजली के तार ने 42 साल की महिला शशि चक्र की जान ले ली.
मुंबई में 30 जून को चेंबूर इलाके में स्कूल बस पर पेड़ गिरने से 11 साल के विहान की मौत हो गई थी. अब ठाणे के मीरा-भाईंदर इलाके में भी एक ऐसी ही घटना हुई है. जहां मूसलाधार बारिश के दौरान एक चलती स्कूटी पर अचानक नारियल का पेड़ गिर गया. जिससे स्कूटी सवार युवक बुरी तरह से घायल हो गया है. हादसे का वीडियो भी सामने आया है. बताया जा रहा है कि, ये नारियल का पेड़ खोखला हो गया था.
बता दें कि मुंबई में भारी बारिश की वजह से कई इलाकों में पानी भरा दिख रहा है. खासकर निचले इलाकों जैसे दादर, प्रभादेवी, माटुंगा, सायन, अंधेरी, मुंब्रा, नालासोपारा और कलंबोली में जलजमाव से लोगों को काफी दिक्कत हो रही है. लेकिन बारिश के बाद हो रहे हादसों से मुंबई वाले भी खौफ में हैं.