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छाता बन गया माइक, सहेली बनी 'रिपोर्टर'... छात्राओं ने की गड्ढों की ऐसी 'Ground Reporting' और छा गईंं, VIDEO

महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले की तीन 15 वर्षीय छात्राओं ने खराब सड़क की समस्या को लेकर एक व्यंग्यात्मक वीडियो बनाया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इस वीडियो में उन्होंने छाते को माइक बनाकर सड़क की बदहाल स्थिति को दिखाया.

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छात्राओं की व्यंग्यात्मक रिपोर्टिंग सोशल मीडिया पर वायरल है
छात्राओं की व्यंग्यात्मक रिपोर्टिंग सोशल मीडिया पर वायरल है

महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले की तीन स्कूली छात्राओं की अनोखी 'ग्राउंड रिपोर्टिंग' इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा में है. खराब सड़क और गड्ढों से परेशान 15 साल की नेहा घारे, ज्योत्सना मुकाने और मानसी पवार ने समस्या उठाने का ऐसा तरीका चुना कि उनका वीडियो वायरल हो गया. छात्राओं ने छाते को माइक बनाया, मोबाइल से वीडियो शूट किया और अपने गांव की बदहाल सड़क की रिपोर्टिंग शुरू कर दी. वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने भी मामले का संज्ञान लिया और सड़क की मरम्मत कराई.

मामला रायगढ़ जिले के कर्जत तालुका के कोंदिवडे गांव का है. मॉनसून के दौरान रायगढ़ की कई सड़कों की हालत खराब हो जाती है. कर्जत-कोंदिवडे रोड भी ऐसी ही सड़कों में शामिल थी. सड़क पर जगह-जगह गड्ढे होने के कारण स्थानीय लोगों के साथ स्कूल जाने वाले बच्चों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था.

इसी परेशानी को सामने लाने के लिए नेहा, ज्योत्सना और मानसी ने व्यंग्यात्मक अंदाज में (सटायर) में एक वीडियो बनाने का फैसला किया. वीडियो में नेहा घारे रिपोर्टर की भूमिका में नजर आती हैं. उन्होंने अपने छाते को ही माइक बना लिया और सड़क की हालत को लेकर ज्योत्सना से सवाल पूछे. ज्योत्सना ने 'ग्राउंड रिपोर्ट' में सड़क के गड्ढों और उनसे होने वाली परेशानियों के बारे में बताया. वहीं, मानसी पवार ने मोबाइल फोन से पूरा वीडियो शूट किया.

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'गाड़ियों से उछलता था कीचड़, खराब हो जाती थी यूनिफॉर्म'
तीनों छात्राओं की उम्र 15 साल है और वे खांडपे के ज्ञान मकरंद विद्यालय में 10वीं कक्षा में पढ़ती हैं. छात्राओं ने बताया कि बारिश के मौसम में सड़क की हालत और खराब हो जाती थी. गड्ढों में पानी और कीचड़ भर जाता था. सड़क से गुजरने वाली गाड़ियों के कारण कीचड़ उछलकर उनकी स्कूल यूनिफॉर्म पर पड़ता था, जिससे उन्हें रोजाना परेशानी होती थी.

छात्राओं ने इसी समस्या को गंभीर लेकिन व्यंग्यात्मक अंदाज में वीडियो के जरिए उठाया. सोशल मीडिया पर पोस्ट होते ही वीडियो लोगों का ध्यान खींचने लगा और इसे लाखों बार देखा गया. ग्रामीण महाराष्ट्र की सड़क व्यवस्था पर सवाल उठाती इन छात्राओं की रिपोर्टिंग की लोगों ने जमकर तारीफ की.

वायरल वीडियो के बाद प्रशासन ने बनवाई सड़क

वीडियो का असर सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा. मामला प्रशासन के संज्ञान में पहुंचने के बाद कर्जत-कोंदिवडे रोड की मरम्मत कर उसे दोबारा बनाया गया. छात्राओं के इस प्रयास की उनके परिवार और गांव के लोगों ने भी तारीफ की. नेहा के पिता आत्माराम घारे ने कहा कि उन्हें अपनी बेटियों के काम पर गर्व है. उन्होंने कहा, 'हमारी बेटियों ने जो किया, उस पर हमें गर्व है. सरकार को इस तरह के मुद्दों का संज्ञान लेना चाहिए.'

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तीनों छात्राओं के वीडियो की चर्चा राजनीतिक हलकों तक भी पहुंच गई है. महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे के छात्राओं से मुलाकात करने की संभावना है. वहीं, CJP नेता अभिजीत दिपके ने उनकी तारीफ करते हुए कहा कि व्यवस्था की खामियों को उजागर करते Gen Alpha को देखने से ज्यादा प्रेरणादायक कुछ नहीं है.

कर्जत के विधायक महेंद्र थोरवे ने भी मामले पर प्रतिक्रिया दी है. सड़क के गड्ढों से परेशान तीन स्कूली छात्राओं ने बिना किसी बड़े संसाधन के सिर्फ एक मोबाइल फोन और छाते के सहारे अपनी समस्या सामने रखी. उनकी रिपोर्टिंग न सिर्फ लाखों लोगों तक पहुंची, बल्कि प्रशासन तक आवाज पहुंचने के बाद सड़क की मरम्मत भी हुई.

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