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बैरिकेडिंग के ऊपर कंटीले तार... छात्र न पहुंच पाएं झारखंड विधानसभा, पुलिस ने कर रखी है ऐसी तैयारी

झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी के छात्रों द्वारा विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को विधानसभा का घेराव करने का ऐलान किया है. ऐसे में प्रशासन ने प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए कई मुख्य मार्गों पर भारी पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ मजबूत बैरिकेडिंग और कंटीले तार भी लगाए हैं.

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छात्रों को विधानसभा पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस की तैयारी (Photo-ITG)
छात्रों को विधानसभा पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस की तैयारी (Photo-ITG)

झारखंड के जेपीएससी और जेएसएससी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्र आंदोलनकारियों के साथ हेमंत सोरेन सरकार की बातचीत विफल रही. तीसरे दौर की वार्ता में कुछ बातों पर सरकार तैयार हुई, लेकिन छात्र सीबीआई जांच की मांग को लेकर अड़े हुए हैं. छात्र आंदोलन सोमवार को निर्णायक मोड़ पर पहुंच सकता है. 

आंदोलनकारी छात्रों ने सोमवार को झारखंड विधानसभा के घेराव का ऐलान किया है. वहीं, प्रदर्शनकारी छात्रों को विधानसभा पहुंचने से रोकने के लिए विधानसभा को पूरी छावनी में तब्दील कर दिया गया है. 

छात्रों के आक्रामक तेवर को देखते हुए प्रशासन ने विधानसभा के आसपास मे 10 अगस्त,2026 की मध्य रात्रि 12 बजे से अगले आदेश तक निषेधाज्ञा लागू की गई है. विधानसभा के बाहर सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है.  बैरिकेडिंग पर कंटीले तार लगा दिए गए हैं ताकि छात्र विधानसभा तक पहुंच ही न सके. 

झारखंड विधानसभा का घेराव करेंगे छात्र
झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है.  सरकार और छात्रों के बीच करीब 5 घंटे चली बातचीत के बावजूद गतिरोध खत्म नहीं हो सका. सरकार की ओर से कई मांगों पर सहमति बनने का दावा किया गया है, लेकिन सीबीआई जांच के मुद्दे पर सहमति नहीं बन पाई. 

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सरकार के साथ फाइनल नतीजे न निकलने के बाद छात्रों ने विधानसभा घेराव का फैसला कायम रखा और आंदोलनकारी छात्र झारखंड विधानसभा के घेराव का ऐलान किया है. रांची के अलग-अलग इलाकों में छात्रों और अभ्यर्थियों के जुटने की संभावना है.इसके बाद आंदोलनकारी विधानसभा की ओर मार्च करने की कोशिश कर सकते हैं. 

बैरिकेडिंग पर कंटीले कैसे पार करेंगे छात्र
छात्रों के प्रस्तावित मार्च को देखते हुए रांची प्रशासन ने विधानसभा और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई है. जानकारी के अनुसार कई स्थानों पर मजबूत बैरिकेडिंग के साथ कंटीले तार लगाए गए हैं. विधानसभा की ओर जाने वाले रास्तों पर पुलिस ने भारी बल में सुरक्षा कर्मी को तैनात किया गया है और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए कई स्तर की सुरक्षा व्यवस्था की गई है. 

झारखंड विधानसभा के तेरह किलोमीटर मार्ग पर पांच जगहों पर बैरिकेड लगाएं गए हैं.  2 हजार से ज़्यादा पुलिस कर्मियों की तैनात की गई है.झारखंड पुलिस आईआरबी और QRT को तैनात किया गया है. विधानसभा के प्रमुख द्वार के आस पास के इलाके में कंटीले तारों से बाउंड्री बना दी गई.

छात्र और पुलिस में कहीं न हो जाए टकराव 

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झारखंड में CID के ADG मनोज कौशिक ने कहा कि सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए हैं. हमारी प्राथमिकता सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी छात्र को नुकसान या गलत कार्रवाई से बचाना है. हम उनसे अपील करते हैं कि अगर वे विरोध करना चाहते हैं, तो पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से करें. प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए कई स्तर की सुरक्षा व्यवस्था की गई है.

प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति तब बन सकती है, जब भीड़ बैरिकेडिंग पार करने या प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने का प्रयास करे. हालांकि पुलिस की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखना और प्रदर्शन को नियंत्रित तरीके से संभालना होगी. आंदोलनकारियों से भी कहा गया है कि वो ऐसा कुछ भी नहीं करे जिससे उनके भविष्य पे असर पड़े. नौकरी सरकारी या गैर सरकारी हो उसमें वैरिफिकेशन के दौरान छात्रों का कैरेक्टर बिल्कुल पाक साफ हो उन्हें इसका ध्यान रखना चाहिए .

सरकार की ओर से निषेधाज्ञा लागू
प्रशासन ने विधानसभा के आसपास प्रतिबंध भी लागू किए हैं. जानकारी रिपोर्ट के अनुसार विधानसभा के 750 मीटर के दायरे में धारा 163 लागू की गई है और इस क्षेत्र में प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई है. इस तरह  सरकार ने 5 या अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने, जुलूस, प्रदर्शन, धरना एवं सभा पर प्रतिबंध लगा दिया है. सभी नागरिक निषेधाज्ञा का पालन करें तथा अफवाहों एवं भ्रामक/भड़काऊ सोशल मीडिया संदेशों से बचें. 

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झारखंड विधानसभा से एक किलोमीटर की दूरी पर किसी भी तरह की धरना प्रदर्शन जमावड़े पर रोक. धरना स्थल से विधानसभा मार्ग के इलाके में सभी स्कूलों को बंद किया गया. छात्र विधानसभा के पास पहुंचते हैं तो प्रशासन के लिए भीड़ को नियंत्रित करना बड़ी चुनौती होगी. 

वहीं, छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखने में सफल रहे तो सरकार पर बातचीत के जरिए समाधान निकालने का दबाव बढ़ सकता है. दूसरी ओर, बैरिकेडिंग तोड़ने या प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश की कोशिश होने पर पुलिस को अतिरिक्त सुरक्षा कदम उठाने पड़ सकते हैं. ऐसे में सबकी नजर इस बात पर है कि विधानसभा घेराव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होता है या आंदोलन और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बनती है.

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