झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में धांधली को लेकर छात्रों का आंदोलन तेज होता जा रहा है. रांची में छात्र एकजुट हैं और उन्होंने सरकार से बंद कमरे में नहीं बल्कि ओपन में बात करने की डिमांड की है. ऐसे में ये सवाल अब सबसे बड़ा सस्पेंस यही बन गया है कि आखिर छात्रों की बात किससे होगी.
गुरुवार सुबह सामने आया कि सरकार ने प्रोटेस्ट कर रहे छात्रों से बातचीत के लिए चार मंत्रियों का एक प्रतिनिधिमंडल गठित किया है. हालांकि छात्रों की मांग है कि वह सीधे सीएम से ही बात करेंगे. बहुत संभावना है कि मंत्रियों का दल गुरुवार को धरना स्थल पर पहुंचकर छात्रों से बातचीत करेगा. सरकारी सूत्रों के मुताबिक अगर धरना स्थल पर बातचीत नहीं हो पाई तो किसी सार्वजनिक स्थान पर छात्र प्रतिनिधियों को बुलाया जा सकता है.
सरकार रिजल्ट कैंसिल करने पर भी कर रही है विचार
सूत्रों के अनुसार, छात्रों के बढ़ते विरोध को देखते हुए सरकार परीक्षा के रिजल्ट को भी रद्द करने के विकल्प पर भी गंभीरता से विचार कर रही है. सूत्रों का कहना है कि सरकार के स्तर पर इस मुद्दे पर चर्चा चल रही है और जल्द ही कोई अहम फैसला लिया जा सकता है.
इस बीच कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि सरकार ने बातचीत के लिए छात्र प्रतिनिधियों को बुलाया है. हालांकि, छात्रों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे बंद कमरे में बातचीत नहीं करेंगे. उनकी मांग है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं उनसे बातचीत करें. साथ ही वार्ता के दौरान कम से कम दो मीडिया प्रतिनिधियों की मौजूदगी हो और पूरी बातचीत सार्वजनिक रूप से हो, ताकि पारदर्शिता बनी रहे. सरकारी पक्ष से भी संकेत मिले हैं कि बातचीत किसी सार्वजनिक स्थान पर कराई जा सकती है.
आमने-सामने सरकार और विपक्ष
इस बीच राज्य सरकार और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं. सरकार ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की जांच सीआईडी (CID) कर रही है और अब तक 19 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं. वहीं, भाजपा ने एक बार फिर मामले की सीबीआई जांच की मांग उठाते हुए सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया है.
क्या बोले झारखंड सरकार के मंत्री चमरा लिंडा
इधर, आंदोलन के तूल पकड़ने पर झारखंड के मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि सरकार छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से ले रही है. उन्होंने बताया कि छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के साथ सरकार की बैठक होगी, जिसमें वह खुद भी सरकारी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा रहेंगे. उन्होंने भरोसा दिलाया कि छात्रों को न्याय मिलेगा और उनकी सभी शिकायतें मुख्यमंत्री तक पहुंचाई जाएंगी.
माफिया किसी सरकार या विपक्ष का नहीं होता- चमरा लिंडा
चमरा लिंडा ने कहा कि यह किसी एक सरकार या संस्था की विफलता नहीं है, बल्कि पूरे देश में फैल चुकी एक गंभीर समस्या है. उन्होंने कहा, 'जिस तरह जमीन माफिया और शिक्षा माफिया हैं, उसी तरह अब परीक्षा माफिया भी सक्रिय हो गया है. माफिया किसी सरकार या विपक्ष का नहीं होता. यह समस्या सभी राज्यों में है और इसका समाधान भी सभी दलों को मिलकर निकालना होगा.'
मंत्री ने कहा कि सरकार जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है और अब तक कई लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है. उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह इस मुद्दे पर राजनीति कर रहा है, जबकि सरकार का उद्देश्य छात्रों को न्याय दिलाना और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाना है.
बाबूलाल मरांडी ने बोला सरकार पर हमला
उधर, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि JSSC-CGL परीक्षा में नौकरियां बेचे जाने के आरोपों को लेकर भाजपा शुरू से ही छात्रों के साथ खड़ी रही है. पार्टी ने सड़क से लेकर सदन तक लगातार इस मुद्दे को उठाया है.

मरांडी ने कहा कि दिसंबर 2024 में विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान भी भाजपा ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी, लेकिन सरकार ने उस समय कोई ठोस कदम नहीं उठाया. उन्होंने दावा किया कि अब पूरे देश में JPSC और JSSC परीक्षाओं में सीट बिक्री के आरोपों और धांधली की स्वतंत्र जांच की मांग उठ रही है.
उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की आवाज सुननी चाहिए और मामले की सीबीआई जांच करानी चाहिए. यदि ऐसा नहीं हुआ तो भाजपा छात्रों के अधिकारों की लड़ाई को और तेज करेगी. इस बीच परीक्षा विवाद को लेकर राज्य में सियासी घमासान जारी है. एक ओर सरकार सीआईडी जांच और गिरफ्तारियों का हवाला देकर कार्रवाई का दावा कर रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष का कहना है कि निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच ही एकमात्र रास्ता है. अब छात्रों और सरकार के बीच प्रस्तावित बैठक पर सभी की नजरें टिकी हैं.