
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा अब अपने अंतिम पड़ाव पर है. तमिलनाडु के कन्याकुमारी से शुरू हुई ये यात्रा 14 राज्यों से गुजरते हुए 3970 किलोमीटर की दूरी तय कर अब जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर पहुंच चुकी है. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार को यात्रा के श्रीनगर पहुंचने पर ऐतिहासिक लाल चौक जाकर तिरंगा फहराया.
राहुल गांधी के श्रीनगर शहर के ऐतिहासिक लाल चौक पर तिरंगा फहराने के कार्यक्रम को लेकर पुलिस-प्रशासन भी एक्शन में नजर आया. सुरक्षा-व्यवस्था को देखते हुए लाल चौक को सील कर दिया गया था और आम नागरिकों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई थी. राहुल गांधी के साथ इस दौरान उनकी बहन प्रियंका गांधी और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी नजर आए.
इससे पहले राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा आज सुबह 11 बजे पंथा से हुई. राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के दोपहर में श्रीनगर के लाल चौक पहुंची. पंथा से शुरू हुई भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी के साथ उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और पार्टी की जम्मू कश्मीर यूनिट के नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे.
LIVE: National flag hoisting | Lal Chowk, Srinagar | Jammu and Kashmir |
— Bharat Jodo (@bharatjodo)
इससे पहले, रविवार को भारत जोड़ो यात्रा की शुरुआत से पहले राहुल गांधी ने ट्वीट कर सरकार को घेरा और पीएम मोदी पर सवाल भी दागे. राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा है कि आज कश्मीरी पंडित बीजेपी की सरकार से पूछ रहे हैं- हमारा राजनीतिक इस्तेमाल करने के अलावा आपने हमारे लिए किया ही क्या है? जवाब है प्रधानमंत्रीजी?
गौरतलब है कि श्रीनगर का लाल चौक एक जमाने में देशविरोधी गतिविधियों के लिए कुख्यात था लेकिन धीरे-धीरे वक्त बदला, हालात बदले और आज स्थिति ये है कि जिस लाल चौक के पास जिंदगी संगीनों के साये में घुटती थी वहां तिरंगा पूरी शान से लहरा रहा है. वैसे लाल चौक पर तिरंगा फहराने की परंपरा पुरानी है. ये एक लंबी कहानी है.

मुरली मनोहर जोशी ने भी फहराया था तिरंगा
श्रीनगर के लाल चौक पर साल 1992 में 26 जनवरी को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के तत्कालीन अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी ने तिरंगा फहराया था. तब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी और मुरली मनोहर जोशी ने कन्याकुमारी से कश्मीर तक एकता यात्रा निकाली थी. उस यात्रा का समापन श्रीनगर के लालचौक पर तिरंगा फहराने से होना था. तब नरेंद्र मोदी बीजेपी के महासचिव थे. 26 जनवरी 1992 को मुरली मनोहर जोशी ने नरेंद्र मोदी के साथ मिलकर लाल चौक पर झंडा फहरा दिया.
तब मुरली मनोहर जोशी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे. इस वक्त राहुल गांधी की सुरक्षा को लेकर कांग्रेस सवाल उठा रही है. कांग्रेस पार्टी का सीधा आरोप है कि राहुल गांधी की सुरक्षा को लेकर खिलवाड़ किया जा रहा है. लेकिन सच्चाई ये भी है कि राहुल गांधी पूरे देश की यात्रा करके कश्मीर पहुंचे हैं. जितनी सुरक्षा उन्हें कश्मीर में मिली है, उतनी देश के किसी राज्य में नहीं दी गई.