उत्तर प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को उस समय हंगामा हो गया, जब समाजवादी पार्टी के विधायक सचिन यादव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर लेकर सदन में विरोध प्रदर्शन करने लगे. विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने उन्हें कई बार ऐसा करने से रोका, लेकिन जब विधायक नहीं माने तो उन्हें पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया. इसके बाद मार्शल को बुलाकर उन्हें सदन से बाहर निकालने का आदेश दिया गया.
सदन की कार्यवाही के दौरान सचिन यादव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर लेकर विरोध दर्ज करा रहे थे. विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने उन्हें समझाते हुए कहा कि इस तरह मुख्यमंत्री का अपमान नहीं किया जा सकता और उनकी तस्वीर के साथ इस प्रकार का प्रदर्शन सदन की गरिमा के अनुरूप नहीं है. उन्होंने विधायक से प्रदर्शन रोकने और अपनी सीट पर लौटने को कहा.
कार्रवाई के बाद सपा विधायक दल की हुई बैठक
अध्यक्ष की अपील के बावजूद सचिन यादव अपनी जगह पर डटे रहे और प्लेकार्ड दिखाते हुए विरोध जारी रखा. इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें चेतावनी दी कि यदि उन्होंने प्रदर्शन नहीं रोका तो उन्हें सदन से बाहर कर दिया जाएगा. इसके बावजूद जब विधायक नहीं माने तो अध्यक्ष ने उन्हें पूरे सत्र के लिए निलंबित करने की घोषणा कर दी.
निलंबन की घोषणा के बाद भी सचिन यादव सदन से बाहर नहीं गए. इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने मार्शल को बुलाकर उन्हें सदन से बाहर निकालने का आदेश दिया. मार्शल की मौजूदगी में उन्हें विधानसभा से बाहर ले जाया गया.
इस कार्रवाई के बाद समाजवादी पार्टी विधायक दल की बैठक हुई. बैठक में फैसला लिया गया कि पार्टी अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेगी. समाजवादी पार्टी का कहना है कि वह राम मंदिर के विषय पर चर्चा की मांग कर रही है और यह मांग नियमों के तहत उठाई जाएगी.
सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का लगाया आरोप
सदन में हुई इस कार्रवाई के बाद विधानसभा का माहौल और अधिक गरमा गया. विपक्षी दलों के सदस्यों ने निलंबन का विरोध किया और सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया. वहीं सपा ने साफ किया कि वह अपने मुद्दों को उठाने का सिलसिला जारी रखेगी.