scorecardresearch
 

E20 पेट्रोल नीति के विरोध से पहले तहसीन पूनावाला का दावा- दिल्ली पुलिस ने किया हाउस अरेस्ट

तहसीन पूनावाला ने दावा किया कि E20 पेट्रोल नीति के खिलाफ प्रदर्शन और भूख हड़ताल से पहले दिल्ली पुलिस ने उन्हें घर में नजरबंद कर दिया. उन्होंने बिना कागजात हिरासत में लिए जाने का आरोप लगाया, जबकि पुलिस ने कानून व्यवस्था का हवाला दिया.

Advertisement
X
तहसीन पूनावाला ने दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें घर में नजरबंद कर दिया (Photo: X/@tehseenp)
तहसीन पूनावाला ने दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें घर में नजरबंद कर दिया (Photo: X/@tehseenp)

E20 पेट्रोल नीति के खिलाफ प्रदर्शन और भूख हड़ताल शुरू करने से पहले ही तहसीन पूनावाला को दिल्ली पुलिस ने घर में नजरबंद कर दिया. पूनावाला ने खुद कई वीडियो जारी करके यह दावा किया कि पुलिस उनके घर के बाहर मौजूद है और उन्हें बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा. उन्होंने केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और एथेनॉल मिश्रित ईंधन के खिलाफ लंबे समय से मुहिम छेड़ रखी है. शनिवार को जारी वीडियो में पूनावाला ने आरोप लगाया कि उनके घर पर महिला पुलिसकर्मियों समेत भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया.

पूनावाला ने ट्वीट कर कहा कि पूरी दिल्ली पुलिस की टुकड़ी उन्हें घर में नजरबंद करने आई है और कहा कि गडकरी एथेनॉल को लेकर डरे हुए हैं. एक अन्य वीडियो में पूनावाला एक पुलिस अधिकारी से सवाल कर रहे हैं कि बिना किसी कागजात के उन्हें कैसे रोका जा सकता है. उन्होंने कहा कि आजादी के पंद्रह दिन पहले उन्हें बिना किसी दस्तावेज के हिरासत में लिया जा रहा है. जवाब में पुलिस अधिकारी ने कहा कि उनका प्रदर्शन कानून व्यवस्था बिगाड़ सकता है इसलिए उन्हें सहयोग करना चाहिए.

शुक्रवार को पूनावाला ने ऐलान किया था कि वे अकेले गांधी स्मृति तक पैदल मार्च करेंगे, वहां मौन प्रदर्शन करेंगे और उसके बाद भूख हड़ताल शुरू करेंगे. यह फैसला तब आया जब 31 जुलाई को संसद तक उनकी प्रस्तावित गाड़ी मार्च की अनुमति नहीं दी गई. गौरतलब है कि परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के महीने भर चले प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था. अब पूनावाला जनता के इसी गुस्से को E20 पेट्रोल के मुद्दे से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं.

Advertisement

यह भी पढ़ें: नितिन गडकरी ने माना E20 पेट्रोल से कम होगा माइलेज, संसद में दिया जवाब

सरकार की E20 पेट्रोल नीति के तहत ईंधन में अस्सी प्रतिशत पेट्रोल और बीस प्रतिशत एथेनॉल मिलाया जाता है. इस नीति की विपक्षी दलों और उपभोक्ता संगठनों ने कड़ी आलोचना की है. कई पुरानी गाड़ियों के मालिकों का कहना है कि E20 से माइलेज घटा है और मेंटेनेंस खर्च बढ़ गया है. हालांकि नितिन गडकरी ने माना कि E20 से ईंधन क्षमता दो से छह प्रतिशत तक घट सकती है, लेकिन उन्होंने कहा कि जांच में इंजन खराब होने का कोई सबूत नहीं मिला. संसद में लिखित जवाब में गडकरी ने कहा कि E20 से बेहतर एक्सीलरेशन मिलता है और E10 के मुकाबले कार्बन उत्सर्जन तीस प्रतिशत कम होता है.

पूनावाला और उनकी टीम भारत की मुख्य मांग है कि शुद्ध पेट्रोल, E5 और E10 ईंधन भी उपलब्ध रहें ताकि वाहन मालिकों के पास विकल्प हो. पूनावाला ने पांच जुलाई को इस मुद्दे पर पहला जमीनी प्रदर्शन किया था. इसके बाद इकतीस जुलाई को प्रस्तावित गाड़ी मार्च को दिल्ली टैक्सी और ट्रांसपोर्ट ओनर्स एसोसिएशन का भी समर्थन मिला था, लेकिन बीस जुलाई की हिंसा दोहराए जाने की आशंका के चलते अनुमति नहीं मिली और मार्च रद्द करना पड़ा.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement