दिल्ली में पानी की सप्लाई बेहतर बनाने और यमुना में गंदा पानी जाने से रोकने के लिए सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है. 22 अक्टूबर को गृहमंत्री अमित शाह दिल्ली जल बोर्ड की 43 जल और सीवेज परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. इन पर कुल ₹8,941.22 करोड़ खर्च किए जाएंगे. इन योजनाओं में नया सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, सीवर लाइन बिछाने और पुराने प्लांट की क्षमता बढ़ाने जैसे काम शामिल हैं.
इससे पहले 18 अक्टूबर को ‘चलो यमुना’ अभियान के तहत दिल्ली में 70 जगहों पर सफाई की गई. इसमें 35 हजार से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया और यमुना के किनारों से 76,755 किलो कचरा हटाया गया. सरकार का जोर अब नदी के किनारों की सफाई के साथ सीवेज के बेहतर इंतजाम पर भी है, ताकि गंदा पानी यमुना में जाने से रोका जा सके.
43 परियोजनाओं पर खर्च होंगे ₹8,941 करोड़
22 अक्टूबर को होने वाले कार्यक्रम में 10 परियोजनाओं का लोकार्पण किया जाएगा. इन पर ₹2,827.11 करोड़ खर्च हुए हैं. वहीं, ₹6,114.11 करोड़ की 33 परियोजनाओं का शिलान्यास होगा. इनका मकसद सीवेज को इकट्ठा करना, साफ करना और सीवर नेटवर्क को उन इलाकों तक पहुंचाना है, जहां अभी व्यवस्था पूरी नहीं है.
ओखला में बनेगा 124 एमजीडी का नया प्लांट
योजनाओं में ओखला में ₹1,161 करोड़ की लागत से बनने वाला नया सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट प्रमुख है. इसकी क्षमता रोजाना 124 मिलियन गैलन होगी. इसके अलावा आठ पुराने सीवेज प्लांट को भी अपग्रेड किया जाएगा. इस काम पर करीब ₹1,041 करोड़ खर्च होंगे. अपग्रेड होने के बाद इन प्लांट की कुल क्षमता 78.2 एमजीडी से बढ़कर 140.8 एमजीडी हो जाएगी. इससे करीब 78.5 लाख लोगों को फायदा मिलने का अनुमान है.
358 कॉलोनियों और 113 गांवों को फायदा
बाहरी दिल्ली में 29 नए डिस्ट्रिक्ट सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और सीवेज पंपिंग स्टेशन बनाए जाएंगे. इन पर ₹3,113.67 करोड़ खर्च होंगे. योजना के तहत 358 अनधिकृत कॉलोनियों और 113 गांवों को सीवेज व्यवस्था से जोड़ने का लक्ष्य है. इससे करीब 36.29 लाख लोगों को लाभ मिलने का अनुमान है.
इसके साथ ही ₹1,691 करोड़ की लागत से 1,034 किलोमीटर लंबा सीवर नेटवर्क बनाया जाएगा. इससे करीब 25.82 लाख लोगों को फायदा पहुंचाने की योजना है.
चंद्रावल में नया जल शोधन संयंत्र
पानी की सप्लाई मजबूत करने के लिए चंद्रावल में 477 एमएलडी क्षमता का नया जल शोधन संयंत्र बनाया जाएगा. इस पर ₹298.3 करोड़ खर्च होंगे और करीब 22 लाख लोगों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है. मुंडका में ₹225.02 करोड़ की लागत से 4.5 किलोमीटर लंबा ट्रंक ड्रेन भी बनाया जाएगा.
यमुना सफाई के लिए लोगों से जुड़ने की अपील
‘चलो यमुना’ अभियान में नागरिकों, छात्रों, सामाजिक संगठनों और सरकारी विभागों ने हिस्सा लिया. सफाई के लिए जेसीबी, ट्रैक्टर-ट्रॉली, नावों और दूसरी मशीनों का इस्तेमाल किया गया. जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि यमुना को साफ रखने की जिम्मेदारी सिर्फ सरकार की नहीं, दिल्ली के लोगों की भी है.
उन्होंने ‘बर्थडे विद यमुना’ पहल की भी घोषणा की है. इसके तहत यमुना किनारे छोटे विश्राम स्थल बनाए जाएंगे, जहां लोग जन्मदिन जैसे खास मौके मना सकेंगे. उन्होंने खुद 7 नवंबर को यमुना किनारे जन्मदिन मनाने की बात कही है.
इन परियोजनाओं से सीवेज इकट्ठा करने और उसे साफ करने की व्यवस्था मजबूत करने की योजना है. यमुना को साफ रखने में इनका असर इस बात पर निर्भर करेगा कि काम कितनी तेजी से पूरे होते हैं और सीवेज को सही तरीके से नेटवर्क से जोड़कर ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाया जाता है.