बिहार के गोपालगंज जिले में एक विधवा को गांववालों ने मिड डे मील बनाने से रोक दिया. वहां के डीएम राहुल कुमार को जैसे ही यह खबर मिली, वह खुद स्कूल पहुंच गए. उन्होंने उसी महिला से मिड डे मील बनवाया और खुद भी खाया. इसके साथ ही आदेश दिया कि खाना वही विधवा बनाएंगी.
राहुल ने ट्वीट कर साझा की तस्वीरें
घटना गोपालगंज जिले के कल्याणपुर की है. राहुल ने स्कूल पहुंच वहां की तस्वीरें भी साझा की और कहा कि कभी-कभी कुछ प्रतीकात्मक चीजें लोगों का अंधविश्वास तोड़ देती हैं. मैंने उसी से खाना बनाने को कहा और उन्होंने ही परोसा भी.
“:Sometimes u do symbolic things to overcome people's beliefs. Asked same widow cook to serve me meal. ”Wow
— sonia singh (@soniandtv)
डीएम के आदेश पर विधवा की बहाली
कल्याणपुर पंचायत के मुखिया रामदेव पासवान ने बताया कि पर ही पहले विधवा को हटाया गया था. डीएम के आदेश के बाद दोबारा उन्हें इस स्कूल में मिड डे मील बनाने का जिम्मा सौंपा गया. ग्रामीणों ने महिला के उठाया और उन्हें बच्चों के लिए एक अपशकुन करार देते हुए स्कूल ही बंद करा दिया था.
छह साल से बना रही थी मिड डे मील
महिला का कहना है कि 13 वर्ष पहले उनके पति का निधन हो गया था. उनके दो बच्चे हैं. उन्हें पालने के लिए मिडिल स्कूल में बतौर रसोइया उन्हें रखा गया. वह पिछले छह वर्ष से खाना बना रही हैं. लेकिन 16 दिसंबर को गांववालों ने स्कूल पर ताला लगा दिया. इस पर महिला ने डीएम से मिलकर गुहार लगाई थी.
सोशल मीडिया पर खूब हुई तारीफ
राहुल कुमार को चुनाव के दौरान लोगों ने जागरुकता फैलाने के लिए हीरो का तमगा दिया था. अब दोबारा सोशल मीडिया पर उनकी जमकर तारीफ की जा रही है. कई लोगों ने ट्वीट कर उनके इस काम के लिए उन्हें सराहा है.
This is leading by example. God bless
— लाट साहेब !!! (@noupdates)
People like you bring the changes in society. We are proud of you.
— taf (@tauseef_sami)
कुछ लोगों ने तो बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तक से कहा है कि इस काम की तारीफ की जानी चाहिए.
Mr. CM Please appreaciate this work. Indeed a very good job.
— Vijay Kumar (@vijaykr7661)
सामाजिक कुरीति के खिलाफ़ आपके इस जज़्बे को सलाम।।
— Abhay Kumar (@abhay1314)