अगर आप फिट हैं. पेट भी नहीं निकला और वजन भी नॉर्मल है तो क्या कोलेस्ट्रॉल भी ठीक होगा? अधिकतर लोग इसको सही मानते भी हैं. लेकिन एक्सपर्ट्स बताते हैं कि कोलेस्ट्रॉल और मोटापे का संबंध तो है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि मोटापा नहीं है तो कोलेस्ट्रॉल नॉर्मल ही होगा. सामान्य BMI वाला व्यक्ति में भी यह बढ़ा हुआ हो सकता है.
जेनेटिक कारण, थाइराइड की बीमारी, डायबिटीज और स्मोकिंग की लत वाले फिट दिखने वाले लोगों में भी कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ हो सकता है. डॉक्टर बताते हैं कि किसी व्यक्ति का वजन कम होना या उसका बाहर से फिट दिखना यह गारंटी नहीं कि उसकी हार्ट की नसों में प्लाक नहीं जमा होगा. ऐसे में फिट दिखने वाले लोगों को भी डॉक्टर की सलाह पर अपनी कोलेस्ट्रॉल लेवल की जांच कराते रहना चाहिए.
कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर शरीर क्या बताता है?
इस बारे में राजीव गांधी अस्पताल में कार्डियोलॉजी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अजीत जैन ने बताया है. डॉ. जैन बताते हैं कि कई मामलों में हाई कोलेस्ट्रॉल के कुछ खास लक्षण दिखाई नहीं देते हैं. न सिर दर्द, न चक्कर न छाती में दर्द और न कोई खास कमजोरी, फिर भी बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ रह सकता है. अगर कोई व्यक्ति बाहर से फिट दिख रहा है, उसको मोटापा नहीं है तो उसको भी बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल की समस्या हो सकती है. अगर यह कंट्रोल ना हो तो इससे हार्ट अटैक आने का भी रिस्क होता है.
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डाइट को ठीक करना है जरूरी
डॉ अजीत बताते हैं कि 2025 के ICMR-INDIAB के एक डाटा में भारतीय डाइट में फैट की ज्यादा मात्रा और प्रोटीन कम पाया गया था. यही वजह है कि लोगों में कोलेस्ट्रॉल बढ़ रहा है. कुछ लोगों का मेटाबॉलिज्म अच्छा होता है. उनके शरीर पर फैट लेने के बाद भी चर्बी नहीं जमती है. इससे वो पतले या फिट तो दिखते हैं, लेकिन अधिक मात्रा में लिया गया फैट कोलेस्ट्रॉल को बढ़ा सकता है.
कब जांच करानी चाहिए?
अगर आपके परिवार को किसी को दिल की बीमारी की हिस्ट्री है. आपको डायबिटीज है, स्मोकिंग करते हैं, तो भले ही आप बाहर से फिट हैं, लेकिन फिर भी डॉक्टर की सलाह पर हर 6 महीने में कोलेस्ट्रॉल की जांच करा लेनी चाहिए.