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Tata Sons Chairman Resign: इंटर्न से चेयरमैन तक... चंद्रशेखरन ने ऐसे दी टाटा संस को रफ्तार

Tata Sons Chairman Step Down: रतन टाटा के भरोसेमंद माने जाने वाले एन चंद्रशेखरन ने टाटा संस के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने टाटा ग्रुप में एक इंटर्न के तौर पर 1987 से शुरुआत करते हुए 40 साल बिताए हैं.

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टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने दिया इस्तीफा. (Photo: ITG)
टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने दिया इस्तीफा. (Photo: ITG)

टाटा संस के चेयरमैन पद से एन चंद्रशेखरन ने इस्तीफा (N Chandrasekaran Resign) दे दिया है और टाटा ग्रुप के साथ अपने करीब 40 साल के सफर को खत्म करने का ऐलान किया है. उन्होंने ये कदम अगले सप्ताह होने वाली टाटा संस एजीएम (Tata Sons AGM) से पहले उठाया है, जो 18 अगस्त को होने वाली है. उन्होंने ग्रुप में अपने करियर की शुरुआत एक इंटर्न के रूप में की थी और चेयरमैन तक का सफर तय किया, लेकिन बीते छह महीने से उनकी दोबारा नियुक्ति को लेकर लगातार मतभेद चल रहे थे. 

इस्तीफे के बाद चंद्रशेखरन का बयान
एन चंद्रशेखरन ने अपने इस्तीफे की खबर की पुष्टि करते हुए कहा है कि, 'मैंने टाटा संस बोर्ड (Tata Sons Board) को अपने पद छोड़ने के फैसले के बारे में सूचना दे दी है और उत्तराधिकार प्रक्रिया जल्द शुरू करने के लिए अनुरोध किया है.' उन्होंने कहा कि मैंने टाटा समूह में 40 वर्ष पूरे कर लिए हैं और पिछले एक दशक में टाटा संस का नेतृत्व करना मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान की बात रही.'

इंटर्न से चेयरमैन तक का सफर 
दिवंगत रतन टाटा को चंद्रशेखरन पर भरोसा था और उन्होंने इस भरोसे को कायम रखा. अगर टाटा ग्रुप के साथ उनके चार दशक के साथ पर नजर डालें, तो साल 1987 में उन्होंने ग्रुप की कंपनी टीसीएस में एक इंटर्न के रूप में एंट्री ली थी.

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इसके बाद अपनी मेहनत और काबिलियत की दम पर 2007 में TCS में चीफ ऑपरेटिंग ऑफिस का पद संभाला और फिर साल 2009 में देश की इस सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के सीईओ बनाए गए. 

टाटा संस के चेयरमैन के तौर पर उनकी नियुक्ति के बारे में बात करें, तो साइरस मिस्त्री के हटने के बाद साल 2017 में उन्हें टाटा संस के चेयरमैन पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी और तब से वे इसे संभाल रहे थे. बता दें कि Tata Sons 400 अरब डॉलर के टाटा समूह की प्रमुख होल्डिंग कंपनी है. यह टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), टाटा मोटर्स (Tata Motors) और एयर इंडिया (Air India) समेत 30 से अधिक कंपनियों को नियंत्रित करती है. टाटा संस में टाटा ट्रस्ट्स की 66% हिस्सेदारी है.

टाटा ग्रुप में निभाया बड़ा रोल
N Chandrasekaran ने कोयम्बटूर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से अप्लायड साइंस में बैचलर डिग्री हासिल की. इसके बाद कंप्यूटर एप्लीकेशन में मास्टर डिग्री हासिल की. Tata Sons की कमान संभालने के बाद उन्होंने ग्रुप की कंपनियों को रफ्तार देने में बड़ा रोल निभाया. एयर इंडिया का अधिग्रहण कर टाटा ग्रुप में वापसी उनकी उपलब्धियों में सबसे ऊपर रही.

इसके अलावा उन्होंने टाटा मोटर्स, टाटा डिजिटल को आगे बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई. उनके नेतृत्व में ग्रुप पर मौजूद कर्ज में कमी आई, तो वहीं सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में ग्रुप को आगे बढ़ाया. उनके कार्यकाल में टाटा ग्रुप का रेवेन्यू दोगुने से ज्यादा बढ़ा.

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