सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का शिकार होना कई लोगों के लिए घाटा, तो कभी फायदे का सौदा भी बन जाता है. इस समय रणवीर शौरी के लिए ये घाटे का सौदा बन चुका है. अनुपम खेर संग वायरल गाने पर रील बनाकर वो थोड़े फंस से गए हैं. एक महिला यूजर के लिए उन्होंने कुछ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया, जिसके बाद रणवीर पर कई लोग जमकर बरसे हैं.
अनुपम खेर ने अपनी फिल्म खोसला का घोसला 2 की टीम के साथ 'तेरी गलियों में' गाने पर एक रील बनाई थी, जिसे 150 मिलियन से ज्यादा लोगों ने देखा. कई लोगों को रणवीर शौरी, बोमन ईरानी, अनुपम खेर और परवीन दबास का अंदाज काफी अच्छा लगा. लेकिन कुछ लोग ऐसे भी थे, जो सबको ट्रोल कर रहे थे. उसी में एक महिला यूजर ने भी ट्रोल करने की कोशिश की, जिसपर रणवीर जमकर बरस पड़े. उन्होंने लड़की को गाली दी, जिससे सोशल मीडिया पर रायता फैल गया.
रणवीर के कमेंट पर उठे सवाल!
रणवीर शौरी ने अपने शब्दों के चुनाव पर खुद का बचाव भी किया था. अब एक्टर ने इस पूरे विवाद पर एक वीडियो शेयर किया, जिससे वो सोशल मीडिया पर शांति का संदेश फैलाने की कोशिश कर रहे हैं. रणवीर का कहना है- पिछले कुछ दिनों में रायता ज्यादा फैल गया, तो मैंने सोचा कि ये वीडियो बनाऊं.
'क्या ही हमारी गलती थी कि हमने ऐसी रील बनाई जो 150 मिलियन से ज्यादा व्यूज ले गई और वायरल हो गई. क्या इतना बड़ा पाप किया, जो कुछ लोगों ने हमें गंदी गालियां दीं या हमें उस लायक समझा. वो रील भी कोई ऐसी नहीं थी, पुराना ट्रेंड था जिसे हमने मजाक मस्ती के लिए शूट किया. उसकी वजह से हमें गंदी गालियां देना, चाहे आप लड़का हैं या लड़की उसका क्या तुक था? पहली बात तो मुझे यही समझ नहीं आई.'
प्रधानमंत्री को गाली देने से नाराज रणवीर
रणवीर ने आगे कहा- ऊपर से जो गाली दी गई, खासकर उस लड़की ने जिसके कारण विवाद खड़ा हुआ, उसने जो गाली दी उसमें प्रधानमंत्री जी को भी घसीटा हुआ है. उन्हें भी गाली दे रही है. क्या मतलब है? हम एक फन रील बना रहे हैं, अपनी टीम के साथ. आप उसमें पॉलिटिक्स ला रही हैं. उसमें गंदी भाषा का इस्तेमाल कर रही हैं. आपका जेंडर जो हो, उसका क्या मतलब है?
'फिर ये चर्चा होती है कि लड़की ने गाली दी, तो तुम मत दो. इसका क्या लॉजिक है? लड़कियों को देवी का रूप कहा जाता है. तो लड़कों में भी तो देवी बसती हैं? अगर आप लड़के हैं, तो आपके अंदर अपनी मां का अंश नहीं है? या लड़की के अंदर बाप का अंश नहीं है? हमारे कल्चर में लड़कियों को देवी के साथ-साथ राक्षस भी माना जाता है, और वो आपका क्या बर्ताव है उसपर निर्भर करता है. आप लिबरलिज्म की आड़ में अपना मतलब निकलना बंद करें.'
रणवीर शौरी अंत में कहते हैं कि वो फेमिनिज्म के तबतक फेवर में है, जबतक एक समान बर्ताव होता है. अगर उसके नाम पर किसी की टांग खींचना या गाली देना है, तो वो इसके सख्त खिलाफ हैं.