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पहले मांगे 8000, फिर 5000 और आखिर में 4000 पर हुआ सौदा, मुआवजे की रकम के लिए घूस लेते क्लर्क गिरफ्तार

बेगूसराय में डूबने से बच्ची की मौत के बाद सरकार से मिलने वाली 4 लाख रुपये की मुआवजा राशि के भुगतान के बदले रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है. पटना निगरानी की टीम ने अंचल कार्यालय के लिपिक सह नाजिर सोनू कुमार को 4000 रुपये लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है.

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15 दिनों से मांगी जा रही थी रकम.(Photo: Sourabh Kumar/ITG)
15 दिनों से मांगी जा रही थी रकम.(Photo: Sourabh Kumar/ITG)

बिहार के बेगूसराय में सरकारी मुआवजे की राशि के भुगतान के बदले रिश्वत मांगने वाले अंचल कार्यालय के लिपिक सह नाजिर को पटना निगरानी की टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान सदर अंचल कार्यालय में तैनात लिपिक सह नाजिर सोनू कुमार के रूप में हुई है. आरोप है कि वह डूबने से बच्ची की मौत के बाद उसके परिवार को मिलने वाली चार लाख रुपये की आपदा मुआवजा राशि के भुगतान के एवज में पैसे मांग रहा था.

मामला बेगूसराय प्रखंड के चांदपुर गांव का है. यहां के रहने वाली दौलती देवी की बेटी रानी कुमारी की 3 अक्टूबर 2025 को बूढ़ी गंडक नदी में डूबने से मौत हो गई थी. दौलती देवी के मुताबिक, यह घटना छठ के नहाय-खाय के दिन हुई थी. बच्ची की मौत के बाद परिवार को आपदा के तहत सरकार की ओर से चार लाख रुपये की सहायता राशि मिलनी थी.

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मुआवजे की रकम पाने के लिए परिवार लगातार अंचल कार्यालय के चक्कर लगा रहा था, लेकिन भुगतान नहीं हो पा रहा था. इसी दौरान दौलती देवी ने सोनू कुमार से संपर्क किया. आरोप है कि उसने कागजात तैयार कराने और मुआवजे का भुगतान कराने के लिए पहले 8000 रुपये की मांग की. आर्थिक रूप से कमजोर परिवार ने इतनी रकम देने में असमर्थता जताई तो मांग घटकर 5000 रुपये हुई और बाद में 4000 रुपये में सौदा तय हुआ.

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30 जुलाई को निगरानी में की शिकायत

लगातार रिश्वत की मांग से परेशान होकर दौलती देवी ने पटना निगरानी विभाग से संपर्क किया. उन्होंने शिकायत में बताया कि मुआवजे की चार लाख रुपये की राशि तभी दिलाने की बात कही जा रही है, जब उन्हें रिश्वत दी जाए. पीड़ित महिला की शिकायत के बाद निगरानी विभाग ने 30 जुलाई को मामले का सत्यापन कराया. सत्यापन में शिकायत सही पाए जाने के बाद आगे की कार्रवाई की गई.

निगरानी टीम ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया और आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया. तय योजना के मुताबिक दौलती देवी को सोनू कुमार को रिश्वत की रकम देने के लिए भेजा गया. जैसे ही महिला ने 4000 रुपये दिए, पटना से पहुंची निगरानी टीम ने आरोपी को मौके पर दबोच लिया.

कार्रवाई के बाद बेगूसराय प्रखंड सह अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया. निगरानी टीम आरोपी से पूछताछ और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है. सरकारी सहायता की रकम के भुगतान के लिए रिश्वत मांगने के आरोप में हुई इस गिरफ्तारी ने अंचल कार्यालय की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.

बेगूसराय

15 दिनों से मांगी जा रही थी रकम

पीड़िता दौलती देवी ने बताया कि बेटी रानी कुमारी की मौत के बाद उन्हें चार लाख रुपये का मुआवजा मिलना था. इसके लिए वह लगातार कार्यालय जा रही थीं. उनका आरोप है कि सोनू कुमार करीब 15 दिनों से पैसे की मांग कर रहा था. पहले उसने 8000 रुपये मांगे. गरीबी का हवाला देने के बावजूद जब वह नहीं माना तो 5000 रुपये की मांग की और आखिरकार 4000 रुपये में भुगतान कराने की बात तय हुई.

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दौलती देवी के मुताबिक, परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है और वह रिश्वत देने में सक्षम नहीं थीं. जब आरोपी अपनी मांग से पीछे नहीं हटा तो उन्होंने मजबूर होकर पटना निगरानी विभाग में शिकायत की. महिला ने बताया कि शिकायत के बाद आज जैसे ही उन्होंने तय रकम दी, निगरानी टीम ने सोनू कुमार को पकड़ लिया.

पटना निगरानी के डीएसपी श्याम बाबू प्रसाद ने बताया कि चांदपुरा गांव की रहने वाली दौलती देवी की बेटी रानी कुमारी की वर्ष 2025 में डूबने से मौत हुई थी. सरकार की ओर से परिवार को चार लाख रुपये का मुआवजा मिलना था. आरोप है कि सदर अंचल के क्लर्क सोनू कुमार ने भुगतान के लिए 4000 रुपये की मांग की थी. शिकायत मिलने के बाद 30 जुलाई को सत्यापन किया गया और मामला दर्ज किया गया. इसके बाद आज रिश्वत की रकम लेते ही सोनू कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया.

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