इलाहाबाद हाई कोर्ट की दो सदस्यीय पीठ ने राज्य में पंचायत चुनाव 3 महीने के भीतर कराने का महत्वपूर्ण आदेश दिया है. हालांकि, इस समय सीमा में चुनाव कराना कितना व्यावहारिक होगा, इसे लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. यद्यपि सरकार और विपक्ष दोनों ने अदालत के फैसले का सार्वजनिक रूप से स्वागत किया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह माना जा रहा है कि कोई भी दल विधानसभा चुनावों से ठीक पहले पंचायत चुनाव में नहीं उतरना चाहता. चुनाव टलने का सबसे बड़ा कारण ओबीसी आयोग की रिपोर्ट का पूरा न होना बताया जा रहा है. आयोग अभी तक केवल सीमित जिलों में ही काम पूरा कर सका है और तैयार मतदाता सूचियों में भी कई विसंगतियां सामने आई हैं.