
असम विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस को एक और तगड़ा झटका लगा है. नगांव से लोकसभा सांसद और पूर्व मंत्री प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. सूत्रों का कहना है कि वह जल्द ही बीजेपी का दामन थाम सकते हैं, जिससे राज्य का सियासी समीकरण बदल सकता है.
उन्होंने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर कांग्रेस छोड़ने का ऐलान किया है. प्रद्युत ने अपने पत्र में लिखा, अत्यंत दुख के साथ, मैं आज भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सभी पदों, विशेषाधिकारों और प्राथमिक सदस्यता से अपना त्यागपत्र देता हूं.

बोरदोलोई का कांग्रेस छोड़ना पार्टी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, विशेषकर नगांव और उसके आस-पास के क्षेत्रों में. जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं और मतदाताओं के बीच उनकी गहरी पैठ है. हालांकि, बोरदोलोई ने अभी तक अपने अगले कदम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि वो बीजेपी उन्हें अपने पाले में करने के लिए सक्रिय है. यदि वह औपचारिक रूप से बीजेपी में शामिल होते हैं तो नगांव क्षेत्र में चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं.
प्रद्युत बोरदोलोई दशकों तक असम में कांग्रेस का एक प्रमुख चेहरा रहे हैं. उन्होंने 1998 में मार्घेरिटा सीट से विधायक के रूप में अपना करियर शुरू किया था. इसके बाद उन्होंने 2001 से 2015 के बीच असम सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्री पद संभाले. उन्हें ऊपरी असम में कांग्रेस के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक माना जाता था, जिन्होंने संगठन और शासन दोनों में बड़ी भूमिका निभाई. 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने नागांव सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा और भारी मतों से जीत हासिल की. तब से वो नागांव लोकसभा सांसद के पद पर हैं.
फिलहाल कांग्रेस पार्टी ने अपने दिग्गज नेता के इस्तीफे पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. वहीं दूसरी ओर, बीजेपी नेता भी इस घटनाक्रम पर चुप्पी साधे हुए हैं और उन्होंने बोरदोलोई के शामिल होने की खबरों पर न तो इनकार किया है और न ही पुष्टि की है. जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, बोरदोलोई के इस कदम से असम में राजनीतिक दल-बदल का सिलसिला तेज होने की उम्मीद है, जिससे मुकाबला और भी रोचक और अनिश्चित हो गया है.