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1857 की क्रांति की विरासत, अमीर खुसरो की जन्मस्थली... जानिए आखिर क्या है एटा जिले का इतिहास

1857 की क्रांति से जुड़ा इतिहास, अमीर खुसरो की जन्मस्थली पटियाली और अवागढ़ के ऐतिहासिक किले तक, एटा की पहचान कई पहलुओं से बनी है. जिले की चार विधानसभा सीटों का चुनावी गणित, धार्मिक स्थल और यहां का इतिहास जानने के लिए पढ़िए एटा जिले की पूरी प्रोफाइल.

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एटा जिले में कुल चार विधानसभा सीटें हैं (Photo: AI generated)
एटा जिले में कुल चार विधानसभा सीटें हैं (Photo: AI generated)

उत्तर प्रदेश के एटा जिले की पहचान इतिहास, धार्मिक स्थलों और राजनीति से जुड़ी रही है. 1857 की क्रांति के दौरान भी यह क्षेत्र महत्वपूर्ण रहा. यहां अवागढ़ का ऐतिहासिक किला, कैलाश मंदिर और पटना पक्षी विहार जैसे स्थान हैं. एटा की पहचान से जुड़ा एक और नाम अमीर खुसरो का है, जिनका जन्म जिले के पटियाली में हुआ था. जिले की चार विधानसभा सीटें इसे चुनावी लिहाज से भी महत्वपूर्ण बनाती हैं. 

कानपुर-दिल्ली मार्ग पर बसा एटा

एटा अलीगढ़ मंडल का हिस्सा है और जिला मुख्यालय एटा शहर में है. इसका क्षेत्रफल 4,446 वर्ग किलोमीटर है. 2011 की जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक जिले की आबादी करीब 17.61 लाख थी. प्रशासनिक व्यवस्था के तहत जिले में आठ ब्लॉक और तीन तहसीलें हैं. एटा के नाम की उत्पत्ति को लेकर जिला प्रशासन की वेबसाइट पर अलग-अलग मान्यताओं का उल्लेख मिलता है. एक मान्यता के अनुसार, इसका पुराना नाम ‘ऐंठा’ था, जो समय के साथ एटा हो गया. दूसरी कहानी में ईंट से जुड़े प्रसंग को नाम की वजह बताया गया है. इन कहानियों को स्थानीय इतिहास से जुड़ी मान्यताओं के रूप में देखा जाता है. एटा की सीमाएं बदायूं, अलीगढ़, फर्रुखाबाद, मैनपुरी, फिरोजाबाद, हाथरस और कासगंज सहित आसपास के जिलों से लगती हैं. जिले में यादव और लोधी राजपूत समुदायों की उल्लेखनीय मौजूदगी बताई जाती है. कायस्थ समुदाय के कुलश्रेष्ठ परिवारों की जड़ें भी एटा से जुड़ी मानी जाती हैं. इस समुदाय से जुड़े लाला शांति स्वरूप, अधिवक्ता रतेन्द्र पाल कुलश्रेष्ठ और डॉ. राजीव कुलश्रेष्ठ जैसे नामों का उल्लेख किया जाता है.

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1857 की क्रांति से जुड़ा इतिहास

एटा का इतिहास केवल प्रशासनिक पहचान तक सीमित नहीं है. जिला प्रशासन के इतिहास संबंधी विवरण में इसे 1857 की क्रांति से जुड़े प्रमुख क्षेत्रों में शामिल किया गया है. जिले के अवागढ़ कस्बे में स्थित ऐतिहासिक किला भी यहां की पहचान का हिस्सा है. अवागढ़ का किला जादौन शासकों से जुड़ा बताया गया है. 

पटियाली और अमीर खुसरो का संबंध

एटा जिले के पटियाली का नाम सूफी कवि और साहित्यकार अमीर खुसरो के जन्मस्थान के रूप में दर्ज है. अमीर खुसरो का भारतीय साहित्य और संगीत परंपरा में महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है. पटियाली का यह संबंध जिले को ऐतिहासिक और साहित्यिक पहचान भी देता है. 

धार्मिक और प्राकृतिक स्थल

एटा में ऐतिहासिक किले के साथ धार्मिक और प्राकृतिक महत्व के कई स्थान हैं. शहर के बाबूगंज क्षेत्र में स्थित कैलाश मंदिर भगवान शिव को समर्पित प्राचीन मंदिर है. वहीं, जलेसर क्षेत्र में पटना पक्षी विहार स्थित है. जिला प्रशासन की वेबसाइट के मुताबिक, यह संरक्षित पक्षी विहार 108 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है और इसकी स्थापना 1991 में हुई थी. सर्दियों में यहां प्रवासी पक्षियों की मौजूदगी इसे खास बनाती है. 

एटा जिले की चार विधानसभा सीटें

एटा जिले में चार विधानसभा क्षेत्र हैं. अलीगंज, एटा, मारहरा, जलेसर. 

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एटा सीट से बीजेपी के प्रत्याशी विपिन कुमार डेविड 17247 वोटों के अंतर से हराकर चुनाव जीता उन्होंने समाजवादी पार्टी के जुगेंद्र सिंह यादव को शिकस्त दी थी.

अलीगंज में बीजेपी नेता सत्यपाल सिंह राठौर 2700 वोटों के अंतर से चुनाव जीते थे. उन्होंने सपा उम्मीदवार रामेश्वर सिंह यादव को मात दी थी.

मारहरा सीट से  भाजपा के वीरेंद्र सिंह लोधी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी सपा के अमित गौरव को 1107 मतों से शिकस्त दे दी थी.

जलेसर में बीजेपी के प्रत्याशी संजीव कुमार ने जीत दर्ज की . उन्होंने सपा उम्मीदवार रंजीत सुमन को हराया.

लोकसभा चुनाव में एटा की तस्वीर

2024 के लोकसभा चुनाव में एटा संसदीय सीट पर समाजवादी पार्टी के देवेश शाक्य ने जीत दर्ज की. उन्हें 4,75,808 वोट मिले, जबकि बीजेपी के राजवीर सिंह को 4,47,756 वोट मिले. दोनों के बीच जीत का अंतर 28,052 वोट रहा. 

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