क्रिकेट जगत में कुछ गेंदबाज ऐसे हुए, जिन्होंने अपनी रफ्तार, फिटनेस और लगातार शानदार प्रदर्शन से अलग पहचान बनाई. वेस्टइंडीज के पूर्व तेज गेंदबाज कर्टनी वॉल्श भी ऐसे ही बॉलर्स में शामिल रहे. वॉल्श ने अपनी मेहनत, फिटनेस और शानदार गेंदबाजी से नई मिसाल कायम की. 30 अक्टूबर 1962 को जमैका के किंग्स्टन में जन्मे वॉल्श टेस्ट क्रिकेट में 500 विकेट लेने वाले दुनिया के पहले गेंदबाज बने. उन्होंने अपने करियर में 132 टेस्ट मैच खेले और 519 विकेट हासिल किए. इस दौरान उनका औसत 24.44 और स्ट्राइक रेट 57.8 रहा.
कर्टनी वॉल्श ने उस दौर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला, जब वेस्टइंडीज की तेज गेंदबाजी का दबदबा था. मैल्कम मार्शल और कर्टली एम्ब्रोस जैसे दिग्गजों के साथ गेंदबाजी करते हुए उन्होंने शुरुआत में लगातार मेहनत की जिम्मेदारी निभाई. बाद में अनुभव और कौशल के दम पर वह टीम के प्रमुख गेंदबाज बन गए.
कैलिस को आउट कर रचा इतिहास
कर्टनी वॉल्श ने 2001 में पोर्ट ऑफ स्पेन में साउथ अफ्रीकी दिग्गज जैक्स कैलिस को एलबीडब्ल्यू आउट करके अपने 500 टेस्ट विकेट पूरे किए. वह इस मुकाम तक पहुंचने वाले पहले गेंदबाज थे. उन्होंने टेस्ट करियर में 22 मौकों पर पारी में 5 या उससे ज्यादा विकेट झटके. उनका टेस्ट इनिंग्स में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 37 रन देकर 7 विकेट था.
कर्टली एम्ब्रोस के साथ कर्टनी वॉल्श की जोड़ी ने विश्व क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई. दोनों ने 49 टेस्ट मैचों में मिलकर 421 विकेट हासिल किए. एम्ब्रोस की लंबाई और सटीकता के साथ वॉल्श की रफ्तार, उछाल और लगातार गेंदबाजी करने की क्षमता बल्लेबाजों को मुश्किल में डालती थी.
कर्टनी वॉल्श के करियर के कई प्रदर्शन आज भी याद किए जाते हैं. 1993 में एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वेस्टइंडीज की एक रन से रोमांचक जीत, 1994 में जमैका में माइक एथर्टन के खिलाफ उनकी खतरनाक गेंदबाजी और 1995 में भारत दौरे पर टीम को मुश्किल परिस्थितियों से निकालने में उनकी भूमिका अहम रही.
कर्टनी वॉल्श की फिटनेस का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 30019 गेंदें फेंकीं. वनडे इंटरनेशनल में भी उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा. उन्होंने 205 ओडीआई मैचों में 30.47 की औसत से 227 विकेट लिए. इस प्रारूप में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 5 रन देकर 1 विकेट रहा.
हालांकि, बल्लेबाजी कर्टनी वॉल्श ताकत नहीं थी. टेस्ट क्रिकेट में वह 43 बार शून्य पर आउट हुए. लेकिन गेंदबाजी में उनके योगदान के सामने यह आंकड़ा उनके करियर की पहचान नहीं बना.