उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की.
दोनों नेताओं के बीच हुई यह बैठक आधे घंटे से अधिक समय तक चली, जिसमें आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति, प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों और बदलते सामाजिक समीकरणों पर विस्तार से चर्चा हुई.
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की ओर से युवाओं, खासकर Gen-Z मतदाताओं को साधने की रणनीति पर भी मंथन हुआ. हाल के दिनों में जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्ष जिस तरह से आक्रामक नजर आ रहा है, उसके जवाब में बीजेपी की रणनीति को लेकर भी चर्चा की गई. माना जा रहा है कि युवाओं के बीच पार्टी की पहुंच बढ़ाने और उन्हें सीधे जोड़ने के लिए एक विशेष रोडमैप तैयार किया जा रहा है.
दिलचस्प बात यह है कि प्रयागराज में राहुल गांधी के प्रस्तावित छात्र संवाद कार्यक्रम से पहले केशव मौर्य भी छात्रों के बीच पहुंचे थे और उनसे संवाद किया था. ऐसे में राजनीतिक विश्लेषक इस मुलाकात को केवल एक औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि 2027 के चुनाव से पहले युवाओं को लेकर बीजेपी की रणनीतिक तैयारी के रूप में देख रहे हैं.
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बैठक में प्रदेश में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं, ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई. केशव मौर्य ने प्रदेश की राजनीतिक स्थिति को लेकर केंद्रीय नेतृत्व को फीडबैक दिया और आगे की रणनीति को लेकर मार्गदर्शन प्राप्त किया.
आपको बता दें कि पिछले कुछ दिनों में उत्तर प्रदेश के शीर्ष नेताओं की दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व के साथ मुलाकातों का सिलसिला तेज हुआ है. 8 अगस्त को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की थी. वहीं, केशव मौर्य इससे पहले 3 जून को प्रधानमंत्री मोदी और 9 जुलाई को अमित शाह से भी मुलाकात कर चुके हैं.
बैठक के बाद केशव मौर्य ने सोशल मीडिया पर अमित शाह के साथ अपनी तस्वीर साझा करते हुए इसे शिष्टाचार भेंट बताया और केंद्रीय गृह मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया.