केशव प्रसाद मौर्य
केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री (Deputy CM of Uttar Pradesh) थें. वह भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सदस्य हैं और उन्होंने इलाहाबाद जिले के फूलपुर (Phulpur) संसदीय क्षेत्र से 2014 का भारतीय आम चुनाव लड़ा और इसे जीता. मौर्य ने 19 मार्च 2017 को उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. 2022 विधानसभा चुनाव में वो सिराथू निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार पल्लवी पटेल से हार गए.
केशव प्रसाद मौर्य का जन्म 7 मई 1969 (Maurya Date of Birth) को कौशाम्बी जिले के सिराथू में एक मौर्य परिवार में हुआ में हुआ था (Maurya Family). शुरुआती दिनों में, उन्होंने अपने माता पिता के साथ कृषि कार्यों में हाथ बटाते हुए हुए चाय की दुकान भी चलायी और समाचार पत्र बेचने का भी काम किया. मौर्य ने इलाहाबाद में हिंदू साहित्य सम्मेलन में हिंदी साहित्य का अध्ययन किया (Maurya Education).
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सदस्य मौर्य ने राम जन्मभूमि आंदोलन में भी भाग लिया. वे कम उम्र से ही आरएसएस और विहिप-बजरंग दल (VHP-Bajrang Dal) से जुड़े रहे हैं, वे नगर कार्यवाहक और विहिप प्रांत संगठन मंत्री समेत अन्य पदों पर भी रहे हैं. भाजपा में मौर्य पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ और भाजपा किसान मोर्चा के क्षेत्रीय समन्वयक रहे हैं. उन्होंने 2002, 2007 और 2012 के विधानसभा चुनाव लड़े हैं और 2014 में फूलपुर सीट से सांसद चुने जाने से पहले सिराथू विधानसभा क्षेत्र के विधायक थे. 8 अप्रैल 2016 को, उन्हें उत्तर प्रदेश के भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया था. उनके नेतृत्व में, भाजपा ने 2017 के उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज की. चुनाव परिणाम आने के बाद, उन्हें मुख्यमंत्री पद का प्रबल दावेदार माना जाने लगा. 18 मार्च 2017 को, उन्हें उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री के रूप में नियुक्त किया गया.
उनका ऑफिशियल ट्विटर हैंडल @kpmaurya1 है. उनके फेसबुक पेज का नाम Keshav Prasad Maurya है.
केशव मौर्य ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से विरोध समाप्त करने और संगम स्नान कर सकारात्मक संदेश देने की अपील की है. उन्होंने साफ कहा कि प्रशासनिक चूक को लेकर जांच कराई जाएगी. मौर्य ने शंकराचार्य को पूज्य संत बताते हुए राजनीतिक टिप्पणियों से दूरी बनाए रखी.
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर के बाहर कल शाम हुए हंगामे के बाद से आज वहां सुरक्षा बढ़ा दी गई है. उनके कैंप के बाहर सीसीटीवी से निगरानी की जा रही है. एक दिन पहले ही सीसीटीवी कैमरे लगा दिए गए, अब आज बैरिकेडिंग भी कर दी गई है. हालांकि अविमुक्तेश्वरानंद के सेवकों ने आरोप लगाया है कि अब तक कोई सुरक्षा नहीं मिली है. आजतक से खास बातचीत में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोप लगाया है कि मेला प्रशाशन उन्हें मेले से बाहर करना चाहता है. आपको बता दें कि शनिवार की शाम माघ मेले में अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में जबरदस्ती घुसने की कोशिश की गई. कुछ लोगों ने कैम्प के बाहर आई लव बुलडोज़र बाबा के नारे लगाते हुए हंगामा किया, वो लाठी डंडे और झंडा लेकर पहुंचे थे. कुछ युवक जबरन शिविर में घुसने की कोशिश करने लगे. इस दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के सेवकों और आरोपियों के बीच हाथापाई हुई. शंकराचार्य विवाद मामले में केशव मौर्य ने एक बार फिर बयान दिया है. डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि उन्हें जब बात करने को कहा जाएगा तो बात कर सकते हूैं नहीं तो प्रार्थना तो कर ही सकता हूं.
प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच बढ़ा विवाद अब यूपी की सियासत का बड़ा मुद्दा बन गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘कालनेमी’ वाले बयान के बाद डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का संतों के प्रति नरम और सम्मानजनक रुख सामने आया. दोनों बयानों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या यह मतभेद है या सोची-समझी राजनीतिक रणनीति है.
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर यूपी की सियासत गरमा गई है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव खुलकर मैदान में उतर गए हैं तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अविमुक्तेश्वरानंद का नाम लिए बिना उन पर निशाना साध रहे हैं. ऐसे में केशव प्रसाद मौर्य ने नरम रुख अख्तियार कर रखा है, जिसे डैमेज कन्ट्रोल माना जाए या फिर कोई सियासी गेम?
यूपी सरकार के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने स्पष्ट किया है कि जिसने भी शंकराचार्य का अपमान किया है, उसके खिलाफ सख्त जांच करवाई जाए. उन्होंने विशेष रूप से अविमुक्तेश्वरानंद से अनुरोध किया है कि वे अपना विरोध समाप्त कर स्नान करें. इस मौके पर यूपी बीजेपी अध्यक्ष ने भी संतों की आस्था और जनता की सुरक्षा को सबसे महत्वपूर्ण बताया. यह बयान धार्मिक भावनाओं के सम्मान और सामाजिक शांति बनाए रखने के लिए अहम माना जा रहा है.
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का बरेली से लखनऊ लौटते समय काफिले की गाड़ी एक गाय से टकरा गई. हादसे में गाड़ी का बंपर डेंट हुआ, लेकिन केशव प्रसाद मौर्य और साथ बैठे किसी को चोट नहीं आई. गाड़ी में ड्राइवर के ब्रेक लेने से बड़ी दुर्घटना टली. घटना के बाद सुरक्षा कर्मियों ने हालात संभाले और डिप्टी सीएम को दूसरी सुरक्षित गाड़ी में बैठाकर एयरपोर्ट भेजा गया, जिससे अफरा-तफरी के बीच स्थिति नियंत्रित हुई.
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) का ड्राफ्ट जारी होते ही राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है. उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इस प्रक्रिया को लोकतंत्र मजबूत करने वाला बताया और फर्जी मतदान रोकने पर जोर दिया. उन्होंने विपक्षी नेता अखिलेश यादव के वोटरों के आंकड़ों को अवास्तविक बताया और भाजपा की मजबूत संगठनात्मक शक्ति पर विश्वास जताया. मौर्य ने 6 जनवरी से 6 फरवरी तक नाम जोड़ने की अपील भी की है.
उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के खासमखास सतुआ बाबा का नाम इन दिनों चर्चा में है. प्रयागराज के जिलाधिकारी को केशव प्रसाद मौर्य की नसीहत से शीतलहीर में प्रदेश का राजनीतिक तापमान बढ़ गया है.
प्रयागराज में सतुआ बाबा के शिविर में डीएम मनीष कुमार वर्मा के रोटी बनाने का वीडियो वायरल होने के बाद डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने उन्हें नसीहत दी है. उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यों से ज्यादा जरूरी मेले की व्यवस्थाओं पर ध्यान देना है. यह टिप्पणी अब सोशल मीडिया और प्रशासनिक हलकों के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है.
उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने विधानसभा सत्र के दौरान समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला किया. उन्होंने सपा पर आरोप लगाया कि वे गुंडागर्दी को बढ़ावा देते हैं और विकास के असली मायने नहीं समझते. इसके अलावा उन्होंने ब्राम्हण विधायकों की मुलाकात पर भी बात की और कहा कि इसे अलग चश्मे से नहीं देखना चाहिए.
केशव प्रसाद मौर्य का कहना है कि आज के राजनीतिक परिदृश्य में भारतीय जनता पार्टी ने जय मातरम और जय श्रीराम जैसे नारे बुलंद किए हैं. भाजपा के इस रुख के कारण अब कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को भी जनता के बीच अपनी हिंदू पहचान जताने के लिए वंदे मातरम कहना और मंदिरों में जाना जरूरी हो गया है. इस बदलाव ने राजनीति की दिशा बदल दी है, जहां सभी पार्टियों को अपनी पृष्ठभूमि एवं विचारधारा को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करना पड़ रहा है. धीरे-धीरे यह विषय सभी के लिए अहम होता जा रहा है और अब यह केवल एक पार्टी का मुद्दा नहीं रहा बल्कि हर राजनीतिक दल के लिए आवश्यक हो गया है. इससे राजनीतिक क्षेत्र में धार्मिक पहचान की भूमिका और भी बढ़ गई है.
उत्तर प्रदेश विधानसभा के सत्र में आज समाजवादी पार्टी के विधायकों ने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया. सांसद नारेबाजी करते हुए सदन में पहुंचे, जिससे सत्र का माहौल गर्म होता दिखा. दूसरी ओर सरकार ने अनुपूरक बजट पेश किया. इस पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपने विचार साझा किए.
नकली कोडीन सिरप के मामले ने पुलिस और सरकार को घेरा हुआ है. यह दवाई नकली और खतरनाक है, जिससे कई बच्चों की जान गई है और महिलाओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हुआ है. लगातार तीन सत्रों में इस पर सवाल उठाए गए, लेकिन सरकार ने सभी सवालों को निरस्त किया है. विपक्ष ने भी सरकार की सुरक्षा में इस व्यापार को लेकर कड़े आरोप लगाए हैं.
UP के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का कहना है कि साल 2027 में भारतीय जनता पार्टी प्रचंड बहुमत हासिल कर सरकार बनाने जा रही है. समाजवादी पार्टी, जिसके नेतृत्व में श्री अखिलेश यादव सैफई की ओर बढ़ रहे हैं, इस बार कमजोर दिख रही है. साइकिल पार्टी की स्थिति चिंता जनक है और उनके सामने बड़ी चुनौतियां हैं. यह राजनीतिक परिदृश्य आगे क्या मोड़ लेता है, यह देखने वाली बात होगी.
उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने विधानसभा में चर्चा पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होनें कहा कि सरकार का जो फैसला है, वो महत्वपूर्ण फैसला है और सरकार विपक्ष से चाहेगी कि वो सदन में सकारात्मक सहयोग करें. साथ ही एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि जो समाजवादी पार्टी में जाता है वो स्वंय प्रदूषित हो जाता है.
उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने बिहार सरकार में मंत्री नितिन नबीन के BJP के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने और पंकज चौधरी को उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष निर्वाचित होने पर शुभकामनाएं दी. साथ ही कहा कि उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश के BJP कार्यकर्ताओं में डबल उत्साह है, लोग आनंदित है.'
लखनऊ में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के आवास पर नोएडा निवासी दशरथ पाल की जालसाजी का मामला सामने आया है. उसने खुद को दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष का करीबी और पूर्व जिला अध्यक्ष बताकर अनुचित सिफारिशें करने की कोशिश की. डिप्टी सीएम के स्टाफ ने बुलंदशहर जिला अध्यक्ष और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष के कार्यालय से पुष्टि की कि दशरथ पाल का किसी भी तरह से पार्टी से कोई संबंध नहीं है.
उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने अपने नए अध्यक्ष के चुनाव के लिए कवायद तेज कर दी है. बीजेपी ने प्रदेश परिषद सदस्यों के नाम का ऐलान कर दिया है और अब नए अध्यक्ष के नाम पर फाइनल मुहर लगनी है. माना जा रहा है कि बीजेपी ने किसी गैर-यादव ओबीस चेहरे पर दांव खेलने की रणनीति बनाई है.
बिहार चुनाव में हार के बाद अखिलेश यादव ने मगध में जीत का दावा किया था. लेकिन उन्होंने वहां भी चुनाव हार गए हैं. उनकी राजनीतिक स्थिति उत्तर प्रदेश में आने वाले वर्षों तक कमजोर रहने की संभावना है.
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि बाबरी मस्जिद को लेकर पश्चिम बंगाल में स्थिति 2026 तक बहुत बदल सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि 2026 में वहां भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने जा रही है.
उत्तर प्रदेश में एसआईआर के फार्म भरने की अंतिम तारीख 11 दिसंबर है, जिसे लेकर बीजेपी और योगी सरकार पूरी तरह से एक्टिव हो गई है. बीजेपी ने पिछले चार दिनों में डेढ़ लाख कार्यकर्ताओं के साथ संवाद कर उन्हें सियासी रण में लगाया तो दूसरी तरफ योगी सरकार के टॉप थ्री नेता भी जमीन पर उतर गए हैं.