मथुरा में आयोजित 'पंचायत आजतक' के मंच पर सहारनपुर से कांग्रेस के नवनिर्वाचित सांसद इमरान मसूद ने उत्तर प्रदेश की राजनीति, पेपर लीक, संविधान, दलित और मुस्लिम वोट बैंक और 2027 के विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन की संभावनाओं पर खुलकर बात की.
इमरान मसूद ने सपा के साथ सीट शेयरिंग का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बीजेपी को अगर 2027 में चुनाव हराना है तो अभी से सीट बंटवारा करना होगा, तब बीजेपी को हरा पाएंगे, नहीं तो भूल जाइए. इसके साथ ही दमाद के सपा में शामिल होने पर मसूद का झलका दर्द और कहा कि क्या कहूं बेटी छह महीने से घर बैठी है.
कांग्रेस सांसद ने तीखा हमला बोला और कहा कि सियासत के लिए किसी का घर बर्बाद करना ठीक नहीं है. उनकी बेटी अपने छोटे बच्चे के साथ उनके घर बैठी है और वे इस पारिवारिक बिखराव के लिए राजनीति को ही दोषी मानते हैं.
दामाद के सपा में जाने छलका इमरान का दर्द
अखिलेश यादव के हालिया सहारनपुर दौरे में गैरमौजूदगी और अपने सगे दामाद (शायान मसूद) के समाजवादी पार्टी में शामिल होने के सवाल पर इमरान मसूद बेहद भावुक हो गए.
उन्होंने कहा, "सियासत ही दुनिया में सब कुछ नहीं होती. उस बाप के दिल से पूछिए जिसकी बेटी आज अपने घर बैठी हो और जिसका घर बर्बाद हो गया हो. मेरी बेटी आज 6 महीने से मेरे घर पर है. मैं इसके लिए किसी को नहीं, बस अपने वक्त को दोषी ठहराता हूं.
इमरान मसूद ने किया पारिवारिक दर्द और बेटी का जिक्र
इमरान मसूद ने अपनी बेटी के घर टूटने का दर्द बयां करते हुए कहा कि राजनीति अपनी जगह है, लेकिन पारिवारिक रिश्तों का इस तरह शिकार होना बेहद दुखद है. उन्होंने कहा, "जिसके परिवार के अंदर अपनी बच्ची छोटे से बच्चे के साथ घर पर बैठी दिखाई देती है, उसके दर्द और तकलीफ का अंदाजा वही लगा सकता है। यह राजनीति का हिस्सा नहीं होना चाहिए था.
दामाद के दल बदलने पर मसूद ने साफ शब्दों में कहा, समाजवादी पार्टी में जाना कोई गुनाह नहीं है, गुनाह मेरी बच्ची को छोड़ देना है। 2022 में मेरे साथ जो व्यवहार कराया गया और जिसकी वजह से स्थितियां बिगड़ीं, असली गुनाह वह था.
क्या इस पारिवारिक बिखराव ने उन्हें राजनीतिक रूप से कमजोर किया है? इस सवाल पर मसूद ने कहा कि इंसान मुश्किलों से कमजोर नहीं, बल्कि और ज्यादा मजबूत होता है। वे इस स्थिति से निराश होने के बजाय खुद को और मजबूत कर रहे हैं.
पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार को इमरान ने घेरा
इमरान मसूद ने राज्य में बार-बार हो रहे पेपर लीक और नौकरियों की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि हर विभाग में संविदा की व्यवस्था थोप दी गई है. परीक्षा कराने वाली एजेंसियों से लेकर कर्मचारियों तक सब संविदा पर चल रहे हैं. हाल ही में हटाए गए 47 कर्मचारी भी संविदा के ही थे. जब तक स्थाई नौकरियां नहीं मिलेंगी, यह तंत्र दुरुस्त नहीं होगा.
मुस्लिम और मजलूम पर कांग्रेस का स्टैंड
अल्पसंख्यक और मुस्लिम राजनीति पर जवाब देते हुए इमरान मसूद कहा कि कांग्रेस किसी एक जाति या धर्म की पार्टी नहीं है, बल्कि देश के हर पीड़ित और मजलूम की पार्टी है. उन्होंने 'माइनॉरिटी' (अल्पसंख्यक) शब्द से असहमति जताते हुए कहा कि देश का हर नागरिक और वर्ग बराबर है, लेकिन अगर कहीं मुस्लिम पीड़ित होगा, तो कांग्रेस बिना किसी झिझक के उसकी आवाज उठाएगी.
मल्लिकार्जुन खड़गे और दलित सम्मान का मुद्दा
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से जुड़े विवाद और बीजेपी के शुद्धीकरणपर हमला बोलते हुए इमरान मसूद ने कहा कि खड़गे जी ने अपना पूरा जीवन देश की सेवा में समर्पित किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके चरणों के बाद स्थान के शुद्धिकरण की बातें और ऐसी मानसिकता यह दर्शाती है कि सत्ताधारी दल के मन में दलितों और वंचितों के प्रति कितनी कुंठा है.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से जुड़े विवाद पर इमरान मसूद ने भाजपा को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि देश की सेवा में जीवन बिताने वाले एक वरिष्ठ दलित नेता के आगमन के बाद तथाकथित 'शुद्धिकरण' का नाटक करना भाजपा की दलित विरोधी कुंठा को उजागर करता है. संविधान सबको बराबरी का अधिकार देता है और 'राजधर्म' का तकाजा है कि हर वर्ग को सम्मान मिले.
राहुल गांधी के चलते मिली 2024 में जीत
2024 के लोकसभा नतीजों का श्रेय राहुल गांधी की 'भारत जोड़ो यात्रा' को देते हुए इमरान मसूद ने कहा कि इस यात्रा ने देश का माहौल बदला, जिससे सपा-कांग्रेस गठबंधन को उत्तर प्रदेश में इतनी बड़ी सफलता मिली.
2027 के विधानसभा चुनावों में सीट बंटवारे पर बोलते हुए उन्होंने याद दिलाया कि 2017 में बेहद कमजोर स्थिति में होने के बावजूद कांग्रेस 107 सीटों पर चुनाव लड़ी थी. अब कांग्रेस बहुत मजबूत हो चुकी है, ऐसे में 2027 के चुनाव में कांग्रेस की हिस्सेदारी भी उसी मजबूती के हिसाब से तय होगी.
बीजेपी को हराना आसान नहीं है-इमरान मसूद
2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में सीट बंटवारे पर बोलते हुए इमरान मसूद ने साफ कहा कि कांग्रेस किसी की दया पर नहीं लड़ेगी. उन्होंने कहा कि हम गठबंधन के साथ चुनाव लड़ेंगे, लेकिन खुद को मिटाकर किसी को जिताने का काम नहीं करेंगे. अगर समाजवादी पार्टी वक्त रहते बातचीत शुरू नहीं करती, तो नतीजा वैसा ही होगा जैसा पिछली बार बसपा के साथ हुआ था. बाद में केवल हाथ मलना पड़ेगा.
सपा नेतृत्व को घेरते हुए इमरान मसूद ने कहा कि बीजेपी बहुत ही बारीक और आक्रामक स्तर पर बूथ मैनेजमेंट कर रही है. दफ्तरों में बैठकर चुनाव नहीं जीते जाते. मसूद ने कहा कि अगर अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनना है, तो उन्हें तुरंत सीट शेयरिंग फाइनल करके अक्टूबर से पूरी तरह मैदान में उतरना होगा. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव बड़े नेता हैं, लेकिन केवल हवा में चुनाव लड़ने से जीत नहीं मिलेगी.
मनुस्मृति विवाद और राहुल गांधी का बचाव
साधु-संतों द्वारा राहुल गांधी पर मनुस्मृति के गलत इस्तेमाल के आरोपों पर मसूद ने कहा कि अगर किसी को लगता है कि राहुल गांधी ने मनुस्मृति का गलत प्रसंग लिया है, तो वे सार्वजनिक रूप से अध्याय और तथ्य सामने रखकर सिखाएं. राहुल गांधी समाज के वंचितों और संविधान के हक की बात कर रहे हैं और इसमें कुछ भी गलत नहीं है.