राम मंदिर ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) एयर मार्शल (रिटायर्ड) जीतेंद्र मिश्रा गुरुवार सुबह दिल्ली से फ्लाइट के जरिए अयोध्या पहुंचे. अयोध्या पहुंचने के बाद उन्होंने सबसे पहले राम मंदिर जाकर भगवान राम के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की. इसके बाद वह रामघाट स्थित श्री राम जन्मभूमि क्षेत्र ट्रस्ट के कार्यालय पहुंचे.
मिश्रा ने ट्रस्ट के सदस्यों और पदाधिकारियों के साथ अपनी पहली बैठक में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्हें ट्रस्ट के कामकाज, लेखा व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी दी गई. बैठक को मुख्य रूप से परिचयात्मक बैठक बताया गया, जिसमें नए CEO का ट्रस्ट के अन्य सदस्यों से औपचारिक परिचय कराया गया.
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बैठक के बाद जीतेंद्र मिश्रा ने कहा कि यह परिचयात्मक बैठक थी, जिसमें उन्होंने ट्रस्ट के दूसरे सदस्यों से मुलाकात की. उन्होंने कहा कि अपनी भूमिका और जिम्मेदारियों को समझने में उन्हें कुछ और दिन लगेंगे. मिश्रा फिलहाल मंदिर ट्रस्ट के कार्यालय में ही ठहरे हुए हैं.
CEO की जिम्मेदारियों के लिए तैयार होगी SOP
ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरि ने बताया कि गुरुवार को नए CEO के साथ ट्रस्ट सदस्यों का औपचारिक परिचय हुआ. उन्होंने कहा कि CEO के लिए SOP तैयार की जाएगी, जिसमें उनकी जिम्मेदारियों और अधिकारों को स्पष्ट किया जाएगा. आने वाले दिनों में इस प्रक्रिया को पूरा किए जाने की उम्मीद है.
सूत्रों के मुताबिक, जीतेंद्र मिश्रा दिन में ट्रस्ट की कुछ और बैठकों में भी शामिल हो सकते हैं. 62 वर्षीय पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा इससे पहले पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख रह चुके हैं. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उन्होंने वेस्टर्न एयर कमांड का नेतृत्व किया था.
राम मंदिर ट्रस्ट की जिम्मेदारी मिलने पर मिश्रा ने इसे अपने लिए सौभाग्य बताया था. उन्होंने कहा था कि चयन समिति के प्रति वह आभारी हैं और वह अपनी नियुक्ति को भगवान राम का आशीर्वाद मानते हैं. उन्होंने कहा था कि जीवन में उन्हें दो बार महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने का अवसर मिला, पहली बार देश की सेवा और अब राम मंदिर तथा राम भक्तों के संगठन और प्रशासन की जिम्मेदारी.
दान घोटाले के विवाद के बाद ट्रस्ट में बदलाव
CEO की नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब मंदिर ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है. मंदिर में मिले कथित चंदा गबन के विवाद के बाद आठ लोगों की गिरफ्तारी हुई थी. इस विवाद के बाद चंपत राय ने महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद ट्रस्ट की प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए गए हैं.
बुधवार को ट्रस्ट ने गोविंद देव गिरि को महासचिव और महेश भगचंदका को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया था. इसके अलावा मदन मोहन पांडेय और निर्मला यादव समेत नए ट्रस्टियों को भी शामिल किया गया. ट्रस्ट की जिम्मेदारियां लगातार बढ़ रही हैं और इसी को देखते हुए प्रशासनिक एवं वित्तीय कामकाज को अधिक व्यवस्थित करने पर जोर दिया जा रहा है.
चंपत राय से मिले गोविंद देव गिरि
गुरुवार को ही गोविंद देव गिरि ने कारसेवक पुरम स्थित भारत कुटी में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय से भी मुलाकात की. इस दौरान ट्रस्ट के पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा और ट्रस्ट के विशेष आमंत्रित सदस्य तथा VHP केंद्रीय सलाहकार समिति के सदस्य दिनेश जी भी मौजूद रहे.
गोविंद देव गिरि और चंपत राय के बीच यह मुलाकात बंद कमरे में हुई. दोनों के बीच करीब एक घंटे से ज्यादा समय तक बातचीत चली. ट्रस्ट में हुए हालिया प्रशासनिक बदलावों के बीच इस मुलाकात को भी अहम माना जा रहा है. फिलहाल, ट्रस्ट का पूरा फोकस प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्था को मजबूत करने के साथ मंदिर से जुड़ी बढ़ती जिम्मेदारियों को व्यवस्थित तरीके से संभालने पर है.