
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद सौगत रॉय ने अपनी सुरक्षा बढ़ाने की मांग को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखी है. उन्होंने 18 अगस्त को अपने निर्वाचन क्षेत्र में हुई कथित हमले की घटना का हवाला देते हुए कहा कि करीब 50 लोगों की भीड़ ने उनकी गाड़ी को घेर लिया था और उन पर हमला करने की कोशिश की थी.
सौगत रॉय ने चिट्ठी में आरोप लगाया कि यह भीड़ स्थानीय बीजेपी विधायकों अर्जित बक्शी और सौरव सिकदर के प्रोत्साहन पर जुटी थी. उनके मुताबिक, भीड़ ने उनके खिलाफ नारेबाजी की और एयरपोर्ट एडवाइजरी कमेटी के चेयरमैन पद से इस्तीफा देने की मांग की.
सांसद ने गृह मंत्री को बताया कि वह एयरपोर्ट एडवाइजरी कमेटी की बैठक में शामिल होने गए थे. वह इस कमेटी के चेयरमैन हैं. इसी दौरान करीब 50 लोगों के एक समूह ने उनकी गाड़ी को घेर लिया, अभद्र नारे लगाए और उन पर शारीरिक हमला करने की कोशिश की.
सौगत रॉय के अनुसार, वह किसी तरह इस हमले से बचते हुए बैठक में पहुंचे और अपनी संसदीय जिम्मेदारी निभाई.
'विधायकों ने भीड़ का बचाव किया'
सांसद ने आरोप लगाया कि बैठक के दौरान दोनों बीजेपी विधायकों ने कथित तौर पर भीड़ का बचाव किया. उन्होंने यह भी कहा कि विधायकों ने उन्हें बैठक में बोलने की अनुमति नहीं देने की बात कही.
सौगत रॉय ने बताया कि बैठक खत्म होने के बाद जब वह बाहर निकल रहे थे, तब उसी भीड़ ने एक बार फिर उन पर हमला करने की कोशिश की. इस दौरान स्थानीय पुलिस और CISF के जवानों ने समय रहते हस्तक्षेप किया, जिससे उन्हें शारीरिक नुकसान से बचाया जा सका.

पुलिस में FIR, लोकसभा अध्यक्ष से भी शिकायत
सौगत रॉय ने कहा कि इस मामले में पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई गई है. उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष को भी घटना की जानकारी देते हुए मामले को प्रिविलेज कमेटी के पास भेजने का अनुरोध किया है. अपनी चिट्ठी में उन्होंने कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में उन पर यह दूसरा हमला है. उन्होंने गृह मंत्री से अपील की कि उन्हें पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए, ताकि वह अपने निर्वाचन क्षेत्र में संसदीय जिम्मेदारियों का सुरक्षित तरीके से निर्वहन कर सकें. साथ ही उम्मीद जताई कि मामले पर गृह मंत्रालय तत्काल उचित कार्रवाई करेगा.