इमरान मसूद (Imran Masood) एक राजनीतिज्ञ हैं. वह उत्तर प्रदेश राज्य विधानसभा में सहारनपुर नगर परिषद के अध्यक्ष और सहारनपुर जिले की मुजफ्फराबाद सीट (अब बेहट सीट) से विधायक रहे हैं. वह कांग्रेस, उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष और सलाहकार परिषद के सदस्य थे.
मसूद अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के पूर्व राष्ट्रीय सचिव भी रहे हैं. वे समाजवादी पार्टी (बहुजन) और समाजवादी पार्टी के भी स्दस्य रहे और चुनाव लड़ा. 7 अक्टूबर 2023 को इमरान मसूद फिर से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हो गए.
2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के राघव लखनपाल ने उन्हें हराया था. उन्होंने 2017 में यूपी का विधानसभा चुनाव लड़ा और हार गए. 29 मार्च 2014 को, उन्हें नरेंद्र मोदी के खिलाफ नफरत भरे भाषण के लिए पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था.
2017 के यूपी विधानसभा चुनाव में इमरान मसूद ने नकुड़ सीट से चुनाव लड़ा था. हालांकि वह एकमात्र मुस्लिम और गठबंधन उम्मीदवार थे फिर भी वह बीजेपी के डॉ. धर्म सिंह सैनी से हार गए.
विपक्ष की रैली से पहले कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की पुरजोर मांग की है. मसूद ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में धांधली करके लोकतंत्र और चुनाव आयोग की साख को नुकसान पहुंचाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जब तक सीईसी इस्तीफा नहीं देते, विपक्ष चुप नहीं बैठेगा.
जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर विवाद बढ़ रहा है. दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी, इमरान मसूद समेत अन्य नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज की है. इमरान मसूद ने कहा है कि FIR के बावजूद वे छात्रों से मिलने जाएंगे.
दिल्ली की जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी है. कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और सपा नेता मोहिबुल्लाह नदवी भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया. वहीं, हंगामा बढ़ता देख दिल्ली पुलिस ने यूनिवर्सिटी के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है.
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के आवास पर उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक हुई. इसमें सपा के साथ गठबंधन और सीटों के बंटवारे को लेकर चर्चा की गई. कांग्रेस पार्टी जल्द ही 125-140 सीटों की सूची तैयार कर समाजवादी पार्टी को सौंपेगी.
कांग्रेस के उत्तर प्रदेश वर्किंग प्रेसिडेंट इमरान मसूद ने भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने संसद के विशेष सत्र, परिसीमन, और चुनाव आयोग की स्वायत्तता जैसे अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी. इमरान मसूद ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल लोकतंत्र का अपमान कर रहा है और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को खत्म करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि विपक्ष की मुख्य लड़ाई देश में लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा के लिए है.
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने बीजेपी और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के बयान पर कड़ा पलटवार किया है. उन्होंने पीएम मोदी का इस्तीफा दिलाने की चुनौती दी और पूरे देश में चुनाव दोबारा कराने की मांग की.
चुनावी प्रक्रिया और वोट चोरी के आरोपों को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक घमासान तेज हो गया है. केंद्रीय मंत्री पियूष गोयल और बीजेपी नेताओं द्वारा उठाए गए तीखे सवालों का जवाब देते हुए कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने सरकार पर करारा हमला बोला है. बीजेपी ने सवाल खड़ा किया था कि अगर कांग्रेस पार्टी को वर्तमान चुनाव प्रक्रिया गैर-कानूनी और संदिग्ध लगती है, तो कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री अपने पदों से इस्तीफा क्यों नहीं दे देते, क्योंकि वे भी इसी चुनाव प्रणाली के माध्यम से चुनकर सत्ता में आए हैं.
उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के चुनावों से पहले बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. हाल ही में यूपी कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बने सहारनपुर के सांसद इमरान मसूद के सुर समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव के प्रति अचानक नरम पड़ गए हैं. कल तक सीट शेयरिंग को लेकर आक्रामक तेवर दिखाने वाले मसूद अब आपसी तालमेल और एकजुटता पर जोर दे रहे हैं.
लखनऊ स्थित कांग्रेस मुख्यालय में नए प्रदेश नेतृत्व के पदभार ग्रहण कार्यक्रम के दौरान अजय राय और ममता चौधरी के समर्थकों के बीच विवाद हो गया. आरोप है कि अजय राय को लेकर अपशब्द कहे जाने के बाद उनके समर्थकों ने हंगामा किया और हाथों में जूते लेकर विरोध जताया. घटना के बाद अजय राय ने वरिष्ठ नेताओं से शिकायत कर ममता चौधरी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. उन्हें मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है.
दिल्ली में कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों से कथित धक्का-मुक्की और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ FIR दर्ज हुई है. इमरान मसूद ने राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा कि वह कांग्रेस की महिला कार्यकर्ता को बचाने की कोशिश कर रहे थे.
आराधना मिश्रा के यूपी कांग्रेस अध्यक्ष बनने पर ओपी राजभर ने कहा है कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा. कांग्रेस को किसी मुस्लिम नेता को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करना चाहिए.
उत्तर प्रदेश कांग्रेस में बड़ा संगठनात्मक बदलाव हुआ है। आराधना मिश्रा ‘मोना’ को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि सहारनपुर सांसद इमरान मसूद कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त हुए हैं। देवेंद्र निषाद और आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है।
यूपी कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव को लेकर चर्चा तेज है. सूत्रों के मुताबिक, आराधना मिश्रा को प्रदेश अध्यक्ष और सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने की संभावना है. कांग्रेस तीन कार्यकारी अध्यक्ष बनाने पर भी विचार कर रही है
सोशल मीडिया पर कांग्रेस नेता इमरान मसूद का एक वीडियो वायरल है, जिसमें उन्हें उत्तर प्रदेश की राजनीति को बीजेपी बनाम समाजवादी पार्टी बताते हुए देखा जा सकता है. दावा किया जा रहा है कि उन्होंने यह बयान आगामी 2027 यूपी विधानसभा चुनाव से पहले दिया है. फैक्ट चेक में सामने आया कि वीडियो नया नहीं, बल्कि जनवरी 2022 का है.
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर 'इंडिया गठबंधन' में तकरार बढ़ गई है. सहारनपुर, रायबरेली, अमेठी, बाराबंकी और सीतापुर जैसे प्रमुख जिलों की सीटों पर सपा और कांग्रेस के बीच फंसा पेंच गठबंधन के लिए सबसे बड़ा कुरुक्षेत्र बन गया है. देखना होगा है कि कौन कुर्बानी देगा?
यूपी में 2027 चुनाव से पहले सीट शेयरिंग पर चल रही खींचतान के बीच कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि अखिलेश यादव नाराज हैं तो नुकसान उनका ही होगा. इस बयान ने सपा-कांग्रेस गठबंधन में नेतृत्व, सम्मान और सीट बंटवारे को लेकर चल रही खींचतान फिर सामने ला दी.
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन पर हमला बोला है. उन्होंने इस गठबंधन को 'ठगबंधन' कहा और अंदरूनी लड़ाई और विवादों का जिक्र किया. राजभर ने दावा किया कि सपा नेता 'आत्मनिर्भर' होकर काम कर रहे हैं.
पश्चिमी यूपी में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और दिग्गज नेता अमीर आलम की नई जुगलबंदी ने 2027 से पहले सियासी पारा चढ़ा दिया है. इसे सपा पर सीटों का दबाव बनाने और कैराना सांसद इकरा हसन के बढ़ते कद को घेरकर सियासी हिसाब बराबर करने के मास्टर प्लान के तौर पर देखा जा रहा है.
यूपी चुनाव से पहले कांग्रेस और सपा के बीच सीट शेयरिंग को लेकर खींचतान के बीच नेताओं की बयानबाजी भी तेज है. इकरा हसन के बयान पर कांग्रेस नेता उदित राज ने पलटवार किया और कहा कि 2024 का चुनाव दोनों दलों ने साथ मिलकर लड़ा था. वहीं उन्होंने अखिलेश यादव की PDA रथ यात्रा को लेकर भी कहा कि आखिरकार 2024 वाले समीकरण पर ही चुनाव लड़ा जाएगा.
यूपी में 2027 के चुनावों से पहले सपा-कांग्रेस गठबंधन की रस्साकशी अब इमरान मसूद और इकरा हसन की जुबानी जंग में बदल गई है. मसूद जहां सीटों के जल्द बंटवारे के लिए दबाव बना रहे हैं, वहीं इकरा हसन ने पलटवार कर साफ किया है कि प्रदेश में भाजपा को हराने में केवल अखिलेश यादव ही सक्षम हैं.
यूपी चुनाव से पहले सपा और कांग्रेस में जुबानी जंग तेज हो गई है. इमरान मसूद ने कांग्रेस के बिना भाजपा को हराना असंभव बताते हुए सीटों पर जल्द फैसले की मांग की. इकरा हसन ने पलटवार कर अखिलेश यादव को ही भाजपा का एकमात्र विकल्प बताया, जिसके बाद कांग्रेस नेता असीम वकार ने इकरा को राजनीति में नया बता दिया.