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EPFO New Scheme: ईपीएफओ की नई स्कीम, सिर्फ 6 महीने के लिए ओपन, जानें किसे मिलेगा फायदा

EPFO New Scheme: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने छह महीने के लिए ईपीएफओ माफी योजना-2026 को नोटिफाई किया था और PF ट्रस्टों के पास इसमें आवेदन करने के लिए 28 दिसंबर 2026 तक का समय है.

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ईपीएफओ की नई स्कीम के बड़े फायदे. (File Photo: ITG)
ईपीएफओ की नई स्कीम के बड़े फायदे. (File Photo: ITG)

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) नई योजना शुरू की है, जो खासतौर पर  कुछ प्रोविडेंट फंड (पीएफ) ट्रस्टों के लिए माफी योजना है, जो सिर्फ छह महीने के लिए लाई गई. इस माफी योजना-2026 (EPFO Amnesty Scheme) को ईपीएफओ द्वारा उन पीएफ ट्रस्टों के लिए शुरू किया गया है, जिन्हें आयकर विभाग द्वारा मान्यता प्राप्त है, लेकिन उनके पास ईपीएफ कानून के तहत औपचारिक छूट आदेश नहीं है. ऐसे पीएफ ट्रस्टों का संचालन करने वाले इंस्टीट्यूशन या कंपनियों को अपनी स्थिति नियमित करने का वन-टाइम मौका दिया गया है.

किसे मिलेगा लाभ? 
यह कदम कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) योजना 2026 का हिस्सा है, जिसे बीते 29 जून, 2026 को नोटिफाई किया गया था. यह एकमुश्त सुविधा उन पीएफ ट्रस्टों के लिए है जो आयकर अधिनियम, 1961 के तहत मान्यता प्राप्त हैं, लेकिन जिनके पास कर्मचारी भविष्य निधि और विविध प्रावधान (EPF-MP) अधिनियम, 1952 की धारा-17 या फिर सामाजिक सुरक्षा संहिता (COSS), 2020 की धारा 143 के तहत औपचारिक छूट आदेश नहीं है. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की ओर से कहा गया है कि यह माफी एक अंतरिम उपाय है और 6 महीने तक उपलब्ध रहेगी. PF Trusts के पास आवेदन करने के लिए 28 दिसंबर 2026 तक का समय है.

दो कैटेगरी की गई हैं तय
EPFO Six Month Amnesty Scheme के तहत पात्रों को दो कैटेगरी में बांटा गया है. इनमें पहली में वे इंस्टीट्यूशन आते हैं, जो पहले से ट्रस्ट रेग्युलाइजेशन की मांग कर रहे हैं और जिन्होंने पहले ही नॉन-डिस्काउंटेड इंस्टीट्यूशन के रूप में अनुपालन शुरू कर दिया है. वहीं दूसरी कैटेगरी में सोशल सिक्योरिटी संहिता, 2020 के तहत छूट प्राप्त इंस्टीट्यूशन के रूप में परिचालन जारी रखते वाले आते हैं.

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नई योजना का क्या-क्या असर?
EPFO की यह योजना ट्रस्ट की स्थापना से लेकर एक निर्धारित समय सीमा तक छूट की स्थिति और ट्रस्ट की मान्यता देकर रेग्युलाइजेशन की सुविधा देती है. इसके साथ ही यह सोशल सिक्योरिटी कोड-2020 के तहत कुछ आवश्यकताओं को भी माफ करती है, जिसमें न्यूनतम कर्मचारी संख्या, फंड के आकार को लेकर तय नियम, 3 साल पहले अनुपालन की जरूरत शामिल हैं.

इसके अलावा बकाया, हर्जाना और ब्याज से संबंधित लंबित आकलन वापस ले लिए जाएंगे और माफ कर दिए जाएंगे. बशर्ते सदस्य खातों में वैधानिक दरों के बराबर या उससे बेहतर अंशदान और ब्याज प्राप्त हुआ हो.

आवेदन कैसे करना होगा?
योजना के तहत पात्र इंस्टीट्यूशनों को संबंधित ईपीएफओ क्षेत्रीय कार्यालय के पास ईमेल के जरिए केंद्र सरकार को औपचारिक आवेदन करना होगा. वे अभिरुची (rc.exemption@epfindia.gov.in) पर भेज सकते हैं. मंत्रालय ने कहा कि आवेदकों को अपने वित्तीय खातों का ऑडिट एक चार्टर्ड अकाउंटेंट से करवाना होगा, जबकि ईपीएफओ अधिकारियों द्वारा निर्देशित कोई भी विशेष या अनुपालन ऑडिट आवेदन जमा करने के 3 महीने के भीतर पूरा किया जाना चाहिए.

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