समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 21 अक्टूबर यानी बुधवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी पर चुनाव में बेईमानी और धांधली के आरोप लगाए. उन्होंने मतदाता सूची मंत्रियों तक पहुंचने पर सवाल उठाते हुए कहा कि बीजेपी बिना बेईमानी के चुनाव नहीं जीत सकती. उन्होंने मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर भी कहा कि जनता इस बार उसे छीनने जा रही है.
प्रेस कॉन्फ्रेंस दौरान, अखिलेश ने दावा किया कि बीजेपी के नेताओं के पास मतदाता सूची है. उन्होंने सवाल किया कि यह सूची सरकार के मंत्रियों तक कैसे पहुंची. साथ ही, उन्होंने मंत्रियों के वॉयस मैसेज अलग-अलग जगह भेजे जाने की बात कही.
मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर क्या बोले अखिलेश?
अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री की कुर्सी को सुरक्षित नहीं बताया. उन्होंने कहा कि 'जनता इस बार मुख्यमंत्री की कुर्सी छीनने जा रही है'. उनके मुताबिक, कुर्सी बचाने के लिए मुख्यमंत्री कुछ भी कह सकते हैं. इसके अलावा, उन्होंने बीजेपी पर चुनाव में बेईमानी और धांधली करने का आरोप भी लगाया. अखिलेश ने कहा कि 'बीजेपी इनके बिना चुनाव नहीं जीत सकती'. यह उनका राजनीतिक आरोप है.
आजम खान से लेकर आरक्षण तक का जिक्र
प्रेस कॉन्फ्रेंस में आजम खान का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने उनके साथ बड़े पैमाने पर अन्याय किया है. समाजवादी पार्टी उन्हें न्याय दिलाने के लिए लगातार काम करती रहेगी. आरक्षण पर जोर देते हुए अखिलेश ने कहा कि लोगों को आरक्षण, हक और सम्मान केवल समाजवादी पार्टी दे सकती है. शिक्षामित्रों के मुद्दे पर बीजेपी की योजना को अधूरा बताते हुए उन्होंने वादा किया कि सपा की सरकार बनने पर उन्हें पूरा शिक्षक बनाकर सरकारी नौकरी दी जाएगी.
इसके अलावा, अखिलेश ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) को भ्रष्टाचार का अड्डा बताते हुए बीजेपी पर निशाना साधा. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी के लोग श्रद्धा और आस्था से खिलवाड़ करते हैं.
SIR पर कांग्रेस ने भी उठाए सवाल
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं. 21 अक्टूबर को लखनऊ स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना ने मतदाता सूचियों में गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि SIR के नाम पर मतदाता सूचियों में सामने आई अनियमितताएं लोकतंत्र और लोगों के वोट देने के संवैधानिक अधिकार पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं.
आराधना मिश्रा मोना ने बताया कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस प्रदेश के हर जिले में मतदाता सूचियों की जांच और सत्यापन कराएगी. पार्टी इस मामले में कानूनी कार्रवाई भी करेगी. उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मतदाता सूची में सामने आई हर अनियमितता का जवाब मांगा.