scorecardresearch
 

गूगल-माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों ने बदले हायर‍िंग रूल्स, जान‍िए- अब कैसे मिलेगा करोड़ों का पैकेज? 

ताजा र‍िपोर्ट्स में बड़ी टेक कंपन‍ियों के बदलते हायर‍िंग पैटर्न को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. रिपोर्ट्स के अनुसार अब रट्टा मारकर ड‍िग्री लेने वालों का जमाना जा रहा है. अब गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी टेक दिग्गज कंपनियां अब मार्कशीट नहीं, 'टैलेंट वेलोसिटी' और 'एआई स्किल' पर लगा रही हैं दांव. जान‍िए- ये नये बदलाव क्या हैं. 

Advertisement
X
क्यों टेक दिग्गजों ने गिराई डिग्री की दीवार? अप्रैल 2026 की र‍िपोर्ट में बड़ा खुलासा
क्यों टेक दिग्गजों ने गिराई डिग्री की दीवार? अप्रैल 2026 की र‍िपोर्ट में बड़ा खुलासा

अगर आप अब भी कॉलेज की परीक्षाओं में केवल रट्टा मारकर टॉप करने के सपने देख रहे हैं, तो सावधान हो जाइए! साल 2026 में गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और ओपनएआई (OpenAI) जैसी दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों ने अपने 'हायरिंग रूल्स' पूरी तरह बदल दिए हैं. ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब डिग्री केवल एक कागज का टुकड़ा रह गई है, असली खेल तो 'टैलेंट वेलोसिटी' और 'स्किल असेसमेंट' का है.

क्या है नया नियम? अप्रैल 2026 की र‍िपोर्ट में खुलासा
22 अप्रैल 2026 को जारी लिंक्ड‍िन के 'टैलेंट वेलोसिटी' र‍िपोर्ट ने कॉर्पोरेट जगत में हड़कंप मचा दिया है. र‍िपोर्ट के मुताबिक दुनिया की 86% कंपनियों के पास सही 'टैलेंट वेलोसिटी' नहीं है, यानी वे बदलते बाजार के हिसाब से नए स्किल वाले लोग नहीं ढूंढ पा रही हैं.

वहीं माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी दिग्गज कंपनियां अब 25 साल से कम उम्र के उन युवाओं को प्राथमिकता दे रही हैं जिनके पास मजबूत प्रोजेक्ट पोर्टफोलियो है, भले ही उनके पास किसी बड़े कॉलेज की डिग्री न हो. यही वजह है कि अब नौकरी पाने के लिए केवल 'कोडिंग' आना काफी नहीं है. 2026 में AI Fluency वैसी ही बेसिक जरूरत बन गई है जैसी साल 2000 में कंप्यूटर चलाना था.

रट्टा मार पढ़ाई क्यों हुई फेल?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि टेक्नोलॉजी इतनी तेजी से बदल रही है कि 4 साल का कॉलेज सिलेबस उसके साथ कदमताल नहीं कर पा रहा है. अब कंपनियां इंटरव्यू में सवाल पूछने के बजाय 'लाइव प्रोजेक्ट्स' करवाकर देख रही हैं.  अप्रैल 2026 की एक अन्य र‍िपोर्ट (Unstop Talent) के मुताबिक, 49% एचआर लीडर्स अब सबसे पहले उम्मीदवार की 'प्रॉब्लम सॉल्विंग' स्किल चेक कर रहे हैं.

Advertisement

अगर आप एआई टूल्स का इस्तेमाल करके काम को 20% तेज कर सकते हैं, तो आपकी सैलरी डिग्री वाले शख्स से कहीं ज्यादा होगी. इस र‍िपोर्ट का लब्बोलुआब यही है कि अब सिर्फ डिग्री के भरोसे न बैठें.  अपना पोर्टफोलियो बनाएं, जिसमें आप दें कि आपने क्या सीखा है. मन में गांठ बांध लें कि एआई आपका काम छीनेगा नहीं, बल्कि एआई जानने वाला शख्स आपकी जगह ले लेगा.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement