मानसी मिश्रा वर्तमान में aajtak.in में सीनियर असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. अपनी धारदार लेखनी और सूक्ष्म दृष्टि से वह एजुकेशन, हेल्थ और समसामयिक विषयों के साथ-साथ महिलाओं, ट्रांसजेंडर्स और हाशिए पर खड़े समाज के मुद्दों को प्रमुखता से उठाती हैं. मानसी की मुख्य दक्षता खबरों के पीछे छिपे 'मानवीय पहलू' को तलाशने में है. एआई (AI) के इस बदलते दौर में वह खुद को तकनीक के साथ अपडेट रखते हुए पत्रकारिता की विश्वसनीयता और 'ह्यूमन-टच' को बरकरार रखने के मिशन पर काम कर रही हैं.
पत्रकारिता के सफर में 15 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव रखने वाली मानसी ने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला, लखनऊ से की थी. वह हिंदुस्तान अखबार की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा रहीं और इस दौरान उन्होंने रांची, मेरठ, पटना, भागलपुर और कानपुर जैसे अलग-अलग मिजाज के शहरों में काम किया. अखबार की दुनिया में जमीन पर उतरकर रिपोर्टिंग करने से लेकर आज डिजिटल मीडिया के मंच तक, मानसी ने हर माध्यम में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है. उनके पास प्रिंट और डिजिटल दोनों दुनिया का वो दुर्लभ अनुभव है, जो आज की पत्रकारिता में बहुत कम दिखता है.
कानपुर के पास एक छोटे से गांव सपई से आने वाली मानसी के व्यक्तित्व और लेखन शैली में वही 'मिट्टी का देसीपन' झलकता है. उन्होंने भारतीय विद्या भवन के डॉ राजेंद्र प्रसाद इंस्टीट्यूट लखनऊ से पत्रकारिता की बारीकियां सीखीं और लखनऊ वविश्वविद्यालय वुमन स्टडीज में पोस्ट ग्रेजुएशन किया, जिसने उनके लेखन में संवेदनशीलता और गहराई पैदा की. व्यक्तिगत जीवन में मानसी एक नई चीजें सीखने की शौकीन इंसान हैं. वह अपने परिवार के साथ जुड़ी रहने वाली और जीवन के साधारण पलों में खुशियां तलाशने वाली शख्सियत हैं. उनके लिए पत्रकारिता केवल एक पेशा नहीं बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति की आवाज बनने का एक जरिया है.