माइक्रोसॉफ्ट
Microsoft Corporation एक अमेरिकी बहुराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी निगम है जो कंप्यूटर सॉफ्टवेयर, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, पर्सनल कंप्यूटर का उत्पादन करता है. इसका मुख्यालय रेडमंड, वाशिंगटन, संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित Microsoft Redmond परिसर में है (Headquarter of Microsoft). इसके सबसे प्रसिद्ध सॉफ्टवेयर उत्पाद ऑपरेटिंग सिस्टम की विंडोज लाइन, माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस सूट, इंटरनेट एक्सप्लोरर और एज वेब ब्राउजर हैं (Softwares of Microsoft).
इसके प्रमुख हार्डवेयर उत्पाद Xbox वीडियो गेम कंसोल और टचस्क्रीन पर्सनल कंप्यूटर के Microsoft सरफेस लाइनअप हैं. Microsoft कुल राजस्व के हिसाब से 2020 की फॉर्च्यून 500 रैंकिंग में संयुक्त राज्य के सबसे बड़े कॉर्पोरेशन की रैंकिंग में 21वें स्थान पर है. यह 2016 तक राजस्व के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा सॉफ्टवेयर निर्माता था. यह Google, Amazon, Apple और Meta के साथ-साथ बड़ी पांच अमेरिकी सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों में से एक है (Information Technology Companies).
माइक्रोसॉफ्ट की स्थापना बिल गेट्स (Bill Gates) और पॉल एलन (Paul Allen) ने 4 अप्रैल, 1975 को की थी (Fondation and Founder of Microsoft ). सत्या नडेला (Satya Nadella) इस कंपनी के अध्यक्ष और सीईओ है (CEO of Microsoft), उपाध्यक्ष और अध्यक्ष ब्रैड स्मिथ (Brad Smith) और बिल गेट्स तकनीकी सलाहकार हैं (Technical Adviser of Microsoft).
शरुआत में अल्टेयर 8800 के लिए बेसिक दुभाषियों को विकसित करने और बेचने के लिए की गई थी. बाद में यह पर्सनल कंप्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम का निर्माता बन गया. फिर 1980 के दशक के मध्य में MS-DOS के साथ बाजार उतरा, उसके बाद Windows का निर्माण किया. कंपनी की 1986 की आईपीओ निकाला (Microsoft IPO). 1990 के दशक के बाद से, यह ऑपरेटिंग सिस्टम बाजार में तेजी से लोकप्रिय हो गया और इसके कई कॉर्पोरेट अधिग्रहण किए हैं, जिनमें से सबसे बड़ा दिसंबर 2016 में लिंक्डइन का 26.2 बिलियन डॉलर में अधिग्रहण किया गया था, इसके बाद मई 2011 8.5 बिलियन डॉलर में स्काइप टेक्नोलॉजीज का अधिग्रहण किया गया था (Microsoft Acquisition of LinkedIn and Skype). 2020 तक, Microsoft का तीसरा सबसे बड़ा global brand valuation है.
माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी टेक कंपनी में नौकरी और अच्छी सैलरी छोड़कर अपना स्टार्टअप शुरू करना हर किसी के लिए आसान नहीं होता है. लेकिन अतिशय जैन ने इस जोखिम को उठाया. उन्होंने AI के क्षेत्र में अपना कारोबार खड़ा करने के लिए नौकरी छोड़ दी. दिलचस्प बात यह है कि उनके जाने के करीब एक महीने बाद कंपनी ने कर्मचारियों के लिए 15 लाख रुपये तक का एग्जिट ऑफर पेश किया.
माइक्रोसॉफ्ट में नौकरी जाने के बाद राहुल कौशिक ने 30 दिनों का जॉब चैलेंज शुरू किया है. इस दौरान उन्होंने ज्यादा सैलरी वाली नई नौकरी खोजने की कोशिश की. उनकी कहानी दिखाती है कि अचानक नौकरी छूटने पर टेक सेक्टर में काम करने वाले लोगों को किन मुश्किलों का सामना करना पड़ता है.
लेऑफ हमेशा पिंक स्लिप से शुरू नहीं होते. कभी-कभी वे बायआउट, अप्रेजल की चिंताओं या ऑर्गेनाइजेशनल में हो रहे बदलावों के रूप में कर्मचारियों के सामने आते हैं. लेकिन अब कंपनी भी जॉब कट के पुराने तरीकों को पीछे छोड़ते हुए नए-नए तरीके अपना रही है. यहां पर जॉब कट के चार शेड्स के बारे में बताया गया है, जिससे कर्मचारियों को समझ आएगा कि इसका मतलब क्या है?
माइक्रोसॉफ्ट ने दुनिया भर में करीब 60,000 एलिजिबल कर्मचारियों को अपनी मर्जी से नौकरी छोड़ने का ऑफर दिया है. सॉफ्टवेयर इंजीनियर शुभ जैन ने कर्मचारियों को सलाह दी कि वे तुरंत एक्सेप्ट या रिजेक्ट न करें, बल्कि फैसला करने से पहले पूरी लिखित शर्तें, सेवरेंस, ग्रेच्युटी, स्टॉक, इंश्योरेंस सारी चीजें पहले मांग लें.
Microsoft Buyout Offer: माइक्रोसॉफ्ट ने करीब 60,000 कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने के साथ बायआउट पैकेज ऑफर किया है, इसके तहत वॉलेंटियरी एग्जिट चुनने वालों को कई बेनेफिट्स दिए जाएंगे.
एक भारतीय सॉफ्टवेयर डेवलपर ने दावा किया है कि उन्हें माइक्रोसॉफ्ट जॉइन करने के 3 महीने बाद ही वॉलंटरी एग्जिट का मेल आ गया है. लेकिन अब उन्हें इस बात का डर सता रहा है कि अगर वह इस ऑफर को नहीं लेते हैं, तो उन्हें नौकरी से निकाल दिया जाएगा.
माइक्रोसॉफ्ट ने अपने 60 हजार कर्मचारियों को एक खास ऑफर दिया है, जिसकी मदद से वे खुद वॉलेंटियरी एग्जिट ऑफर का चुनाव कर सकते हैं. इसके लिए भारत समेत चार देशों के कर्मचारियों को ये ऑफर है. इस ऑफऱ का चुनाव करने वाली कर्मचारी कंपनी छोड़कर अपना कोई बिजनेस या स्टार्टअप आदि शुरू करना चाहते हैं, तो उनको आर्थिक सहायता के साथ करियर सपोर्ट भी दिया जाएगा.
माइक्रोसॉफ्ट ने भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा में अपने कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने की योजना शुरू की है, जिसमें करीब 60 हजार कर्मचारी शामिल हो सकते हैं.
अक्टूबर में साइबर सुरक्षा से जुड़े कई मामले सामने आए. PHP की खामियों, eMudhra के डिजिटल सर्टिफिकेट, LiteLLM में संदिग्ध कोड और AI की मदद से साइबर हमलों की रिपोर्ट ने चिंता बढ़ाई. हालांकि, इन सभी घटनाओं के आपस में जुड़े होने की पुष्टि नहीं हुई है. वीडियो में जानें डिटेल्स.
साइबर हैकिंग का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां माइक्रोसॉफ्ट ने आरोप लगाए गए हैं चीन समर्थित एक ग्रुप ने आईटी कंपनी कनेक्टवाइज को निशाना बनाया है. इससे दुनियाभर में कंपनी और ऑर्गनाइजेशन को शिकार बनाने की कोशिश की है. इसमें आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) का यूज किया है.
माइक्रोसॉफ्ट में 1.9 करोड़ रुपये का सालाना पैकेज और बड़ा पद छोड़कर 25 वर्षीय जुनेद खान ने अपना एआई स्टार्टअप 'ट्रेजरी' शुरू किया है. बिना किसी को-फाउंडर या बाहरी फंडिंग के, वे मॉडर्न एआई कोडिंग टूल्स के दम पर अकेले इस प्लेटफॉर्म को चला रहे हैं. अपनी पुरानी बचत से गुजारा कर रहे जुनेद की यह कहानी युवाओं को प्रेरित कर रही है.
माइक्रोसॉफ्ट में 23 साल तक सेवा देने और एक्सेल कोपायलट जैसे प्रोजेक्ट्स को खड़ा करने वाले सीनियर वीपी केशवन शनमुगम ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. इतिहास के सबसे बड़े AI बूम के दौरान लिए गए इस फैसले की मुख्य वजह भारत लौटकर अपने बुजुर्ग माता-पिता के साथ वक्त बिताना है.
बिल गेट्स ने AI के बढ़ते खतरे को देखते हुए इस तकनीक पर सख्त नियम बनाने की जरूरत बताई है. उनका मानना है कि कारों और दवाओं की तरह AI के लिए भी सुरक्षा के नियम होने चाहिए, ताकि इसका गलत इस्तेमाल रोका जा सके और लोगों को इसके फायदे मिलते रहें.
अमेरिका में 8 बड़ी आईटी कंपनियों के पर्म प्रोग्राम से निलंबन के बाद भारतीय प्रोफेशनल्स की ग्रीन कार्ड प्रक्रिया अटक सकती है. ट्रंप प्रशासन ने कॉग्निजेंट, इंफोसिस, टीसीएस, विप्रो, एचसीएल, कैपजेमिनी, माइक्रोसॉफ्ट और एडोबी को PERM प्रोग्राम से निलंबित कर दिया है. इससे इन कंपनियों से जुड़ी नई और लंबित ग्रीन कार्ड अर्जियों की प्रक्रिया प्रभावित होगी.
OpenAI और Anthropic ये दो ऐसे नाम हैं जो पिछले कुछ सालों से सबसे ज्यादा चर्चा में हैं. इन्हीं कंपनियों ने दरअसल AI के तमाम पावरफुल मॉडल्स बनाए हैं. गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और एलॉन मस्क की भी कंपनी इस रेस में हैं, लेकिन अब ऐसा क्या हो गया कि तमाम AI CEOs खुद ही सरकार से रेगुलेट होने के लिए कह रहे हैं? आइए समझते हैं.
Apple ने अपना पहला फोल्डेबल iPhone Duo लॉन्च कर दिया है. हालांकि, Duo नाम और दो स्क्रीन वाले फोन का आइडिया नया नहीं है. Apple से करीब 6 साल पहले Microsoft ने Surface Duo लॉन्च किया था. 2020 में आए इस फोन ने अपने डिजाइन और मल्टीटास्किंग फीचर से काफी चर्चा बटोरी थी. अब Apple के iPhone Duo के साथ यह पुराना आइडिया फिर चर्चा में आ गया है.
टेक कंपनी में युवाओं की दिलचस्पी बढ़ती जा रही है. माइक्रोसॉफ्ट में नौकरी के लिए अक्सर लोग उत्साहित रहते हैं. वह सवाल करते हैं कि क्या इसकी लिए कौन सी डिग्री चाहिए होती है या किन स्किलों पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है. खासकर फ्रेशर्स के लिए इस बड़ी कंपनी के साथ शुरुआत करना बहुत मायने रखता है.
खबरों के मुताबिक, माइक्रोसॉफ्ट के भारत में करीब 500 कर्मचारियों को परफॉर्मेंस इम्प्रूवमेंट प्लान (PIP) के तहत रखा गया है, क्योंकि कंपनी एआई (आरआईपी) के इर्द-गिर्द अपने वर्कफोर्स को नया रूप दे रही है. यह कदम प्रौद्योगिकी क्षेत्र में भूमिकाओं और स्किल की बढ़ती जांच-पड़ताल के बीच उठाया गया है.
माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि AI की वजह से जिस तेजी से चीजें बदली हैं वैसा पहले कभी नहीं हुआ. कई पीढ़ी के में टेक ऐसे बदलते थे, लेकिन AI की वजह से सबकुछ तुरंत ही हो गया. इसके लिए शायद दुनिया तैयार ही नहीं है.
कभी जिस माइक्रोसॉफ्ट में नौकरी पाने का सपना था, वहीं तक पहुंचने का सफर प्राचिती पारकर के लिए आसान नहीं था. माइक्रोसॉफ्ट इंडिया से रिजेक्शन मिलने के बाद उन्होंने हार नहीं मानी और अमेरिका जाकर अपनी पढ़ाई kr. मेहनत और लगन के दम पर आखिरकार उन्हें माइक्रोसॉफ्ट यूएस में सॉफ्टवेयर इंजीनियर II के तौर पर काम करने का मौका मिला. हाल ही में उन्होंने अपने माता-पिता को वहां का माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस दिखाया है जहां पर पहुंचना उनके लिए कभी सपना हुआ करता था.
माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला ने कंपनियों द्वारा बढ़ चढ़ कर एआई यूज किए जाने पर चेतावनी दी है. उन्होंने रिवर्स इनफॉर्मेशन पैराडॉक्स टर्म दिया है. उनका कहना है कि एआई यूज के लिए पहले पैसे दिया जा रहा है और यूज करने के दौरान जरूरी डेटा भी शेयर किया जा रहा है. इससे आने वाले समय में कंपनियों का बड़ा नुकसान भी हो सकता है.