जेपी मॉर्गन चेस के सीईओ जेमी डिमोन ने बिजनेस इनसाइडर की रिपोर्ट के अनुसार कहा है कि एआई इतनी तेजी से आगे बढ़ रही है कि सरकारों को भी इसके वैश्विक प्रसार को रोकने में मुश्किल हो सकती है. शिकागो के इकोनॉमिक क्लब में बोलते हुए जेमी डिमोन ने कहा कि एआई का विकास औद्योगिक क्रांति से भी तेज है. इसमें हर कुछ हफ्तों में नई क्षमताएं जुड़ रही हैं. चीन समेत कई देशों में ओपन-सोर्स एआई मॉडल और सिस्टम तेजी से फैल रहे हैं. ऐसे में सरकारों के लिए इस तकनीक पर नियंत्रण रखना मुश्किल होता जा रहा है.
घट सकता है काम और बढ़ सकती है इनकम
बिजनेस इनसाइडर के मुताबिक, जेमी डिमोन का मानना है कि एआई से काम करने की क्षमता बढ़ेगी. इससे अगले 30 सालों में लोगों को हफ्ते में सिर्फ साढ़े तीन से चार दिन काम करना पड़ सकता है और उनकी सालाना कमाई 3 लाख डॉलर तक पहुंच सकती है. डिमोन का यह बयान ऐसे समय आया है, जब बड़ी टेक कंपनियां एआई पर तेजी से पैसा लगा रही हैं. गूगल, अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट और मेटा ने इस साल एआई से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े निवेश की योजना बनाई थी. इन कंपनियों का कुल पूंजीगत खर्च 700 अरब डॉलर से ज्यादा होने का अनुमान था.
साइबर और बैंकिंग सुरक्षा पर चेतावनी
इतना ही नहीं डिमन ने चेतावनी दी कि एआई एजेंट दिन-रात साइबर हमले कर सकते हैं. अगर इन्हें लोगों की ओर से भुगतान करने के लिए बैंक खातों तक पहुंच दी गई, तो सुरक्षा से जुड़े खतरे पैदा हो सकते हैं. उन्होंने आगे कहा कि वित्तीय खातों तक पहुंच मिलने के बाद अगर एआई एजेंट यूजर्स के हित में काम नहीं करते हैं, तो लोगों को जोखिम का सामना करना पड़ सकता है.
डिमोन के मुताबिक, कंपनियों और सरकारों को साइबर सुरक्षा से जुड़े इन खतरों से निपटने के लिए तेजी से कदम उठाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि एआई को फैलने से रोकने के बजाय इसके आगे बढ़ने के साथ पैदा होने वाले खतरों को संभालना प्राथमिकता होनी चाहिए.
बिजनेस इनसाइडर ने बताया कि बैंक ऑफ अमेरिका ने उन्नत एआई मॉडल से सामने आई सॉफ्टवेयर की कमजोरियों को दूर करने के लिए 1,000 बाहरी सलाहकार नियुक्त किए थे. इससे वित्तीय क्षेत्र में एआई से जुड़े सुरक्षा खतरों को लेकर बढ़ती चिंता सामने आई है.