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बिना दूसरे ऑफर के छोड़ दी 33 लाख की नौकरी, सैलरी तो अच्छी थी लेकिन...

सोशल मीडिया पर जॉब से जुड़ी तरह-तरह की खबरें आती हैं. इस बीच एक घटना और सामने आई है जहां एक व्यक्ति को 33 लाख का पैकेज मिल रहा था लेकिन उसकी जिंदगी में सुकून नहीं था. लगातार बढ़ते वर्क लोड और लंबे नोटिस पीरियड से तंग आकर बिना किसी नए ऑफर के उसने रिजाइन कर दिया. लेकिन कुछ ही दिनों में उसने जब नौकरी खोजने की तैयारी शुरू की तो, उसे तान कंपनियों से रिजेक्शन मिला. 

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शख्स ने क्यों छोड़ी 33 लाख सालाना की नौकरी?
शख्स ने क्यों छोड़ी 33 लाख सालाना की नौकरी?

आज के बदलते जॉब मार्केट में नौकरी खोजना तो बड़ा टास्क बन गया है लेकिन अपनी नौकरी को बचाना उससे बड़ा टास्क बन गया है लेकिन सोशल मीडिया पर एक मामला तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एक शख्स ने काम के प्रेशर और लंबे नोटिस पीरियड की वजह से बिना किसी ऑफर के ही अपनी नौकरी से रिजाइन कर दिया. सोशल मीडिया पर पोस्ट में बताया गया है कि उसकी सैलरी पैकेज 33 लाख रुपये सालाना था. उसपर इतना प्रेशर था कि वह अपने परिवार को समय नहीं दे पा रहा था. इतना ही नहीं उसने दूसरी नौकरी ढूंढने की भी कोशिश की लेकिन इंटरव्यू तैयारी करने का समय भी नहीं मिलता था. आखिरकार तंग आकर उसने नौकरी छोड़ दी.  

5 दिन का लिया ब्रेक 

किसी के लिए भी नौकरी छोड़ना आसान नहीं होता है लेकिन जब प्रेशर बहुत बढ़ जाता है, तो आपके पास इसके अलावा और कोई विकल्प नहीं बचता है. इस व्यक्ति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. बिना किसी दूसरे जॉब ऑफर के बिना ही उसने नौकरी छोड़ दी. इसके बाद उसने 5 दिन का ब्रेक लिया. कोई काम नहीं किसी बस अपने परिवार को समय दिया, किसी तरह की कोई चिंता नहीं की. इन 5 दिनों के दौरान उसने अपने दिमाग को रिफ्रेश किया. 

फिर शुरू की नई नौकरी की तलाश 

ब्रेक से वापस लौटकर उसने नए सिरे से तैयारी शुरू की. उसने अपने इंटस्ट की नौकरियों में अप्लाई करना शुरू कर दिया. इस दौरान तीन कंपनियों से रिजेक्शन मिला. लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और आखिरकार चौथे कंपनी से उसे ऑफर लेटर मिल गया. यह ऑफर 29 लाख सालाना का था यानी पुरानी कंपनी से चार लाख रुपये कम थे लेकिन इस ऑफर से सबसे खास बात यह थी कि उसे  ‘वर्क फ्रॉम होम’ (WFH) जॉब थी. उसे ऑफिस तब ही जाना था, जब जरूरत हो. 

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4 लाख का नुकसान सही लेकिन परिवार जरूरी

गौर करने वाली जो बात है, वह ये है कि उस शख्स ने 4 लाख रुपये के कम ऑफर को केवल इसलिए स्वीकार कर लिया ताकि वह अपने परिवार के साथ समय बिता सकें. उसने यह साबित कर दिया है कि पैसे से सुकून नहीं आता है. 

देर रात तक काम और वर्क-लाइफ बैलेंस 

पोस्ट में यह भी बताया गया है कि पिछले छह महीने से उसपर लगातार काम का बोझ बढ़ रहा था. देर रात तक काम करना और परिवार से दूर रहना रोज की मजबूरी बन चुकी थी. सबसे बड़ी परेशानी लंबा नोटिस पीरियड था, जिसके बाद उसने बड़ा फैसला किया. 

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