scorecardresearch
 

ऑपरेशन सिंदूर के बाद कौन-कौन से हथियार पाकिस्तान को दे रहा चीन?

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने आतंकवादी ठिकानों को छिपाया, नई कमान व्यवस्था बनाई और चीन से ड्रोन्स, फाइटर जेट्स व मिसाइलें खरीदीं. चीन के साथ उसकी रक्षा साझेदारी बहुत मजबूत हुई है. जानिए कैसे...

Advertisement
X
ऑपरेशन सिंदूर के बाद चीन-पाकिस्तान के बीच डिफेंस डील्स काफी ज्यादा बढ़ गई है. (Photo: ITG)
ऑपरेशन सिंदूर के बाद चीन-पाकिस्तान के बीच डिफेंस डील्स काफी ज्यादा बढ़ गई है. (Photo: ITG)

ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने पाकिस्तान स्थित आतंकवादी ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की थी. इस ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान की सेना और सरकार में काफी हलचल मची हुई थी. पाकिस्तान को इस संघर्ष में काफी नुकसान हुआ, जिसके बाद उसने अपनी सेना को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं. साथ ही चीन के साथ उसकी रक्षा भागीदारी और भी गहरी हो गई है.

पाकिस्तान ने क्या तैयारियां की हैं?

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने अपनी सैन्य कमियों को समझा और उन्हें दूर करने के लिए तेजी से काम शुरू किया. सबसे पहले उसने अपनी पुराने बमों और आतंकवादी लॉन्च पैड्स को सीमा से दूर जंगलों या गहरे इलाकों में शिफ्ट कर दिया. पाकिस्तान ने 70 से ज्यादा आतंकवादी लॉन्च पैड्स को गहराई में ले जाकर छिपा दिया है ताकि भारत की अगली कार्रवाई में आसानी से नष्ट न हो सकें.

यह भी पढ़ें: अब बम गिरेगा नहीं, हवा में 'तैरकर' करेगा दुश्मन का काम तमाम, DRDO का टेस्ट सफल

China Pakistan Operation Sindoor

पाकिस्तान ने अपनी सेना की कमान व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव किया. उसने जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमिटी के पद को बदलकर एक नया पद चीफ ऑफ डिफेंस फोर्स (CDF) बनाने का फैसला किया. इसका मकसद थलसेना, वायुसेना और नौसेना के बीच बेहतर तालमेल बैठाना है. साथ ही पाकिस्तान आर्मी रॉकेट फोर्स कमांड बनाने की योजना बना रहा है, जो लंबी दूरी के मिसाइल हमलों पर फोकस करेगी.

Advertisement

पाकिस्तान ने हथियार खरीद भी तेज कर दी है. उसने चीन से एडवांस्ड ड्रोन्स, सरफेस टू एयर मिसाइलें, फाइटर जेट्स और सबमरीन्स खरीदने के सौदे किए हैं. तुर्की से भी ड्रोन्स और हमले वाले हथियार लिए गए हैं. पाकिस्तान की सेना अब लगातार प्रशिक्षण और नई तकनीकों पर जोर दे रही है ताकि भविष्य के हमले का मुकाबला कर सके.

यह भी पढ़ें: अग्नि-6 सुपर मिसाइल तैयार, भारत दुनिया को दिखाने जा रहा ताकत

पाकिस्तान-चीन रक्षा साझेदारी कितनी मजबूत हुई?

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन ने पाकिस्तान को खुलकर मदद की. चीन ने पाकिस्तान को रीयल-टाइम इंटेलिजेंस, सैटेलाइट डेटा और इलेक्ट्रॉनिक सपोर्ट दिया. पाकिस्तान ने चीनी J-10C फाइटर जेट्स, PL-15 मिसाइलें और HQ-9 एयर डिफेंस सिस्टम इस्तेमाल किया. इस संघर्ष ने दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों को और मजबूत कर दिया.

China Pakistan Operation Sindoor

ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान ने चीन से और बड़े सौदे किए. इसमें J-35 स्टेल्थ फाइटर जेट्स (लगभग 40), KJ-500 एयरबोर्न वॉर्निंग एयरक्राफ्ट, HQ-19 मिसाइल डिफेंस सिस्टम और नई पनडुब्बियों की खरीद शामिल है. चीन अब पाकिस्तान को 5th जेनरेशन तकनीक भी दे रहा है. दोनों देशों के बीच खुफिया जानकारी साझा करने और संयुक्त सैन्य अभ्यास भी बढ़ गए हैं.

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान-चीन की रक्षा साझेदारी कहीं ज्यादा मजबूत हो गई है. यह अब सिर्फ हथियार खरीद तक सीमित नहीं है बल्कि रीयल-टाइम सहयोग, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और संयुक्त रणनीति तक पहुंच गई है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: ऑपरेशन सिंदूर के एक साल... हवाई ताकत कितनी बदली- राडार, फाइटर जेट, मिसाइलें, एंटी ड्रोन

आगे क्या हो सकता है?

पाकिस्तान अभी भी अपनी सेना को आधुनिक बनाने में लगा हुआ है. हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि आर्थिक संकट के कारण पाकिस्तान को ये तैयारियां पूरा करना आसान नहीं होगा. भारत के लिए यह स्थिति चुनौती भरी है क्योंकि चीन-पाकिस्तान गठबंधन अब और करीब आ गया है. दोनों देशों के बीच तनाव अभी भी जारी है. पाकिस्तान कह रहा है कि वह किसी भी हमले का जवाब देने के लिए तैयार है. 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement