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Guru Purnima 2026: गुरु पूर्णिमा आज, इस अबूझ मुहूर्त में होगा श्रीहरि का पूजन, ये रहेगी उपासना विधि

Guru Purnima 2026: गुरु पूर्णिमा के दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा की जाती है. इस दिन व्यक्ति का अन्न दान भी किया जाता है, मान्यता है कि अन्न दान करने से लोगों के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं, मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्यक्ति को स्नान-ध्यान करने के बाद गुरु के पास जाकर उनकी विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए.

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गुरु पूर्णिमा 2026 (Photo: ITG)
गुरु पूर्णिमा 2026 (Photo: ITG)

Guru Purnima 2026: आज गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व है. सनातन परंपरा में यह दिन गुरु-शिष्य परंपरा का उत्सव मनाने और महर्षि वेद व्यास जी की जयंती के रूप में श्रद्धापूर्वक मनाया जाता है. महर्षि वेद व्यास ने वेदों का विभाजन और अनेक पुराणों की रचना कर ज्ञान के प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिया, इसी कारण उन्हें आदिगुरु माना जाता है. गुरु पूर्णिमा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि गुरु के प्रति श्रद्धा, समर्पण और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है. इस दिन शिष्य अपने गुरु की विधि-विधान से पूजा करते हैं और अपनी सामर्थ्य अनुसार उन्हें दक्षिणा, वस्त्र, पुष्प आदि अर्पित करते हैं. 

आध्यात्मिक दृष्टि से यह दिन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि शिष्य इस दिन अपने अवगुणों और अहंकार को गुरु चरणों में समर्पित कर आत्मिक उन्नति का संकल्प लेता है. जीवन में अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाले गुरुजनों का आशीर्वाद पाने के लिए यह दिन बेहद खास और शुभ माना गया है. 
 
गुरु पूर्णिमा पर स्नान-दान शुभ मुहूर्त (Guru Purnima 2026 Snan Daan Shubh Muhurat)

गुरु पूर्णिमा पर आज स्नान और दान का मुहूर्त सुबह 4 बजकर 17 मिनट से लेकर सुबह 4 बजकर 59 मिनट तक था. 

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12 बजे से 12 बजकर 55 मिनट तक. 

शुभ चौघड़िया मुहूर्त

अमृत मुहूर्त: सुबह 7 बजकर 30 मिनट से लेकर सुबह 9 बजे तक.

गुरु पूर्णिमा 2026 की सही तिथि (Guru Purnima 2026 Date)

द्रिक पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में आषाढ़ पूर्णिमा तिथि का आरंभ 28 जुलाई की शाम 6 बजकर 18 मिनट से हो चुकी है और इसका समापन 29 जुलाई यानी आज रात 8 बजकर 5 मिनट पर होगा. 

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गुरु पूर्णिमा की उपासना विधि

गुरु पूर्णिमा पर सुबह जल्दी उठकर पवित्र नदी में स्नान करें या घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा-सा गंगाजल डालकर स्नान करें. इसके बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें. फिर, घर के मंदिर में उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुंह करके बैठें. सबसे पहले महर्षि वेद व्यास जी, भगवान विष्णु और अपने इष्टदेव का ध्यान करें.

इसके बाद अपने गुरु की पूजा करें. उन्हें रोली, चंदन, अक्षत, पीले फूल और पीली मिठाई अर्पित करें. फिर, मंत्र जाप: ऊं गुरुवे नमः या अपने गुरु द्वारा दिए गए मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें. उसके बाद गुरु जी की आरती उतारें, चरण स्पर्श करके उनका आशीर्वाद लें और उन्हें अपनी सामर्थ्य अनुसार दक्षिणा या वस्त्र भेंट करें.

मनोकामना पूर्ति के अचूक उपाय

ज्ञान और विद्या के लिए
विद्यार्थी इस दिन अपने गुरु को पीले रंग की वस्तुएं जैसे पीली मिठाई, पीले वस्त्र या चने की दाल भेंट करें और उनका आशीर्वाद लें.

किस्मत और गुरु ग्रह को मजबूत करने के लिए 
पीपल के पेड़ में जल अर्पित करें और उसकी सात बार परिक्रमा करें. पीपल में ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास माना जाता है.

सुख-समृद्धि के लिए  
आज के दिन गरीबों या जरूरतमंदों को पीले फल, चने की दाल, केसरयुक्त खीर, धार्मिक पुस्तकें या वस्त्रों का दान करना अत्यंत फलदायी होता है.

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मानसिक शांति के लिए 
शिवलिंग पर जल में थोड़ा-सा केसर मिलाकर अर्पित करें और ऊं नमः शिवाय का जाप करें.

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