पाकिस्तान ने स्वदेशी फाज मिसाइल को जेएफ-17 फाइटर विमानों पर इंटीग्रेट कर लिया है. यह एक बियॉन्ड विजुअल रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल है. यह मिसाइल 180 किलोमीटर तक की रेंज रखने का दावा करती है. खुफिया सूत्रों के अनुसार यह इंटीग्रेशन जेएफ-17 ब्लॉक-III पर पूरा हो चुका है. अगले कुछ महीनों में टेस्ट फायरिंग की तैयारी चल रही है. यह विकास ऑपरेशन सिंदूर के बाद आया है जिसमें पाकिस्तान ने चीनी PL-15 मिसाइलों से भारतीय विमान गिराने का दावा किया था.
फाज मिसाइल परिवार को पाकिस्तान के नेशनल इंजीनियरिंग एंड साइंटिफिक कमीशन यानी नेस्कॉम ने विकसित किया है. ग्लोबल इंडस्ट्रियल एंड डिफेंस सॉल्यूशंस यानी जीआईडीएस इसे बना रहा है. इसे पहली बार 2023 में तुर्की के आईडीईएफ प्रदर्शनी में दिखाया गया था.
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फाज-1 या फाज-आरएफ और फाज-IIR वेरिएंट की रेंज करीब 100 किलोमीटर है. इनमें एक्टिव रडार होमिंग या इमेजिंग इन्फ्रारेड सीकर का विकल्प है. गति 4321 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंचती है. फाज-2 वेरिएंट की रेंज 180 किलोमीटर बताई गई है.

इसमें ड्यूल-पल्स सॉलिड रॉकेट मोटर लगी है. एआरएच व आईआईआर दोनों उपलब्ध हैं. कुछ पाकिस्तानी रोडमैप में ऊंचाई से लॉन्च करने पर रेंज को 200 किलोमीटर के करीब ले जाने की कोशिश का जिक्र है.
चीनी निर्भरता कम करने की कोशिश
पाकिस्तान इस मिसाइल को चीनी पीएल-15 के बराबर या उससे बेहतर बता रहा है. खुफिया आकलन के अनुसार ऑपरेशन सिंदूर में पीएल-15ई को करीब 200 किलोमीटर से दागा गया लेकिन एक्सपोर्ट वर्जन होने के कारण इसकी सफलता दर सीमित रही.
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भारतीय एस-400, सु-30एमकेआई के इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम और राफेल पर लगे मीटियोर मिसाइल ने इसे जाम या नाकाम कर दिया. फाज-2 के जरिए पाकिस्तान चीन पर निर्भरता घटाना चाहता है. ऐसी रेंज का दावा कर रहा है जो पीएल-15ई की 145 किलोमीटर से ज्यादा हो.

भारतीय वायुसेना की तैयारी
भारतीय वायुसेना के पास जवाबी विकल्प पहले से तैयार हो रहे हैं. अस्त्र मार्क-2 की रेंज 160 किलोमीटर है. इसके ट्रायल पूरे हो चुके हैं. अस्त्र मार्क-3 गांडीव सॉलिड फ्यूल रैमजेट वाली मिसाइल है जिसकी रेंज 350 किलोमीटर तक बताई जा रही है. इसे डीआरडीओ विकसित कर रहा है.
इसके अलावा राफेल पर लगे मीटियोर मिसाइल की रेंज 200 किलोमीटर से ज्यादा है. ये हथियार भारतीय विमानों को पाकिस्तानी फाज से निपटने में सक्षम बनाएंगे. यह इंटीग्रेशन पाकिस्तान की हवाई लड़ाई की क्षमता बढ़ाने का प्रयास है. जेएफ-17 ब्लॉक-III पर फाज लगाने से पाकिस्तानी पायलट दुश्मन विमानों को दूर से निशाना बना सकेंगे.
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वास्तविक युद्ध में मिसाइल की सटीकता, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर का मुकाबला और लॉन्च प्लेटफॉर्म की सुरक्षा बहुत मायने रखती है. ऑपरेशन सिंदूर के अनुभव से दोनों पक्षों ने सबक लिया है. भारत अपनी स्वदेशी मिसाइल श्रृंखला को तेजी से आगे बढ़ा रहा है जबकि पाकिस्तान भी आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ा रहा है. फाज का टेस्ट फायरिंग सफल रहा तो क्षेत्रीय हवाई शक्ति संतुलन पर असर पड़ सकता है.