राफेल फाइटर जेट
राफेल (Rafale) एक फ्रांसीसी फाइटर जेट है (French Fighter Jet). यह एक ट्विन इंजन, कैनार्ड डेल्टा विंग, मल्टीरोल लड़ाकू विमान है जिसे डसॉल्ट एविएशन (Dassault Aviation) ने डिजाइन और निर्माण किया है. राफेल वाइड रेंज विपन से लैस विमान है. राफेल का हाई स्पीड 1,912 किमी/घंटा और हाई रेंज: 3,700 किमी है. इस फाइटर जेट का वजन 9,979 किलो और लंबाई 15 मी है.
रक्षा मंत्रालय को 2026-27 के लिए ₹7.8 लाख करोड़ का बजट मिला, जो पिछले साल से काफी अधिक है. आधुनिकीकरण के लिए कैपिटल बजट ₹1.80 लाख करोड़ से बढ़कर ₹2.19 लाख करोड़ कर दिया गया है. प्रमुख प्रोजेक्ट्स में राफेल फाइटर जेट, नई स्टील्थ सबमरीन (प्रोजेक्ट 75I) और UAV/ड्रोन शामिल हैं. यह बजट आत्मनिर्भर भारत और सेना की मजबूती पर फोकस करता है.
HAL ने 5 तेजस Mk1A लड़ाकू विमान तैयार कर लिए हैं, जो इस साल भारतीय वायु सेना को डिलीवर हो सकते हैं. इंजन सप्लाई की समस्या अभी खत्म नहीं हुई है. वायु सेना स्क्वाड्रन की कमी से जूझ रही है. तेजस Mk1A में AESA रडार जैसे आधुनिक फीचर्स हैं. यह स्वदेशी रक्षा उत्पादन के लिए बड़ा कदम है.
77वे गणतंत्र दिवस की परेड में कर्तव्य पथ पर भारतीय वायुसेना ने भी अपनी ताकत दिखाई. इस दौरान राफेल, जगुआर, मिग, सुखोई समेत तमाम एयरक्रॉफ्ट ने एक-से-एक गजब के फॉर्मेशन दिखाए. देखें वीडियो.
गणतंत्र दिवस पर भारतीय वायु सेना का सबसे बढ़िया और रोमांचक प्रदर्शन फ्लाईपास्ट होगा. जिसमें 16 फाइटर जेट्स, 4 ट्रांसपोर्ट विमान और 9 हेलिकॉप्टर भाग ले रहे हैं. आइए जानते हैं इनके बारे में...
राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद को लेकर एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है जिसमें बताया गया है कि भारत और फ्रांस फरवरी में होने वाली मोदी-मैक्रोन बैठक के दौरान इस सौदे को अंतिम रूप देने का प्रयास कर रहे हैं. भारत की 114 अतिरिक्त राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद योजना ने रक्षा खरीद बोर्ड से मंजूरी हासिल कर लिया है. अब यह प्रस्ताव रक्षा अधिग्रहण परिषद की बैठक में रखा जाएगा, जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। इसके बाद, अंतिम मंजूरी के लिए कैबिनेट सुरक्षा समिति के समक्ष यह विषय जाएगा.
114 अतिरिक्त राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद को लेकर भारत की योजना ने अहम प्रगति की है. डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और अब यह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल और फिर कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी के पास जाएगा. सूत्रों के मुताबिक भारत और फ्रांस फरवरी में प्रस्तावित मोदी-मैक्रों बैठक के दौरान इस रक्षा सौदे को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.
भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता को और घातक बनाने के लिए रक्षा मंत्रालय इस हफ्ते एक बेहद अहम बैठक करने जा रहा है. इस बैठक में फ्रांस से 3.25 लाख करोड़ रुपये की लागत से 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के प्रस्ताव पर चर्चा होगी. ये भारत का अब तक का सबसे बड़ा रक्षा सौदा हो सकता है.
भारत और फ्रांस के बीच अतिरिक्त राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद पर बातचीत तेज हो गई है. वायुसेना सरकार से सरकार के बीच डील के जरिए राफेल को अंतरिम समाधान मान रही है, जबकि फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के भारत दौरे से पहले इस सौदे को लेकर राजनीतिक और रणनीतिक गतिविधि बढ़ गई है.
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने दावा किया कि JF-17 फाइटर जेट के इतने ऑर्डर मिल रहे हैं कि छह महीने में IMF कर्ज की जरूरत नहीं पड़ेगी. लेकिन मई 2025 के ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायुसेना ने JF-17 को आसानी से मार गिराया, जो पाकिस्तान की सैन्य ताकत पर सवाल उठाता है. एक्सपर्ट कहते हैं कि ख्वाजा आसिफ बढ़ा-चढ़ा के बोल रहे हैं.
पाकिस्तान वायुसेना ने स्वदेशी तैमूर एयर लॉन्च्ड क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया. 600 किमी रेंज वाली यह मिसाइल कम ऊंचाई पर उड़कर दुश्मन की एयर डिफेंस से बच सकती है. लेकिन परीक्षण के दौरान मिसाइल टारगेट एरिया में सटीकता से नहीं गिरी. अब सोशल मीडिया पर पाकिस्तान का मजाक उड़ रहा है.
भारत 114 राफेल जेट्स (90 F4 + 24 F5 ऑप्शन) खरीदने की योजना बना रहा है. मेक-इन-इंडिया तभी संभव अगर पूरा ऑर्डर (140 तक) फ्रांस को मिले. फ्रांस के साथ G2G डील, इंजन MRO और फ्यूजलेज प्रोडक्शन भारत में को लेकर डील हुई है. पाकिस्तान-चीन की चुनौती के बीच IAF की ताकत बढ़ाने के लिए जरूरी है.
भारतीय वायुसेना की पहली महिला राफेल पायलट स्क्वाड्रन लीडर शिवांगी सिंह अब हॉक ट्रेनर जेट उड़ाकर युवा पायलटों को ट्रेनिंग देंगी. ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के उन्हें कैद करने के झूठे दावे को बेनकाब कर चुकीं शिवांगी ने हाल ही में फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर कोर्स पूरा किया. उनकी नई भूमिका से नेक्स्ट जेनरेशन फाइटर पायलट मजबूत होंगे.
ट्रंप फिर चमका रहे हैं 40 साल पुराने पाकिस्तानी F-16 फाइटर जेट फ्लीट को. लेकिन भारत को कोई फर्क नहीं पड़ेगा. भारतीय वायुसेना के पास राफेल, सुखोई-30 MKI और मिराज-2000 है. इनके आगे नए पॉलिश से चमकदार हुआ F-16 भी फेल हो जाएगा. बालाकोट से ऑपरेशन सिंदूर तक IAF का दबदबा बरकरार है.
अमेरिका ने पाकिस्तान के F-16 के लिए 5800 करोड़ रुपये का अपग्रेड पैकेज मंजूर किया है. इसमें Link-16 डाटा लिंक, क्रिप्टो उपकरण, एवियोनिक्स अपडेट और ट्रेनिंग शामिल है. इससे F-16 की उम्र 2040 तक बढ़ेगी और अमेरिकी वायुसेना के साथ सीधा तालमेल बनेगा. भारत को चिंता है कि इससे क्षेत्रीय संतुलन पर असर पड़ेगा.
भारत-फ्रांस वायुसेना का संयुक्त अभ्यास ‘गरुड़-25’ 27 नवंबर को फ्रांस में सफलतापूर्वक समाप्त हुआ. भारतीय वायुसेना ने Su-30MKI, IL-78 और C-17 विमानों के साथ हिस्सा लिया. जटिल हवाई मिशन, हमला-सुरक्षा अभ्यास और ईंधन भराई का प्रशिक्षण हुआ. दोनों सेनाओं में तालमेल बढ़ा और रणनीतिक साझेदारी मज़बूत हुई. दल 2 दिसंबर को स्वदेश लौटा.
पुतिन 4-5 दिसंबर को भारत आ रहे हैं. इस दौरे में ब्रह्मोस मिसाइल के नए वर्जन पर बात पक्की है. हल्का ब्रह्मोस-NG हर फाइटर जेट पर लगेगा, रेंज 400 किमी से ज्यादा. लंबी रेंज वाली ब्रह्मोस 1000-1500 किमी तक मार करेगा. हाइपरसोनिक मिसाइल प्रोजेक्ट भी शुरू होगा. ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना को और खतरनाक ब्रह्मोस चाहिए. भारत-रूस की यह डील दुश्मनों की नींद उड़ा देगी.
रूस से Su-57 की डील हो सकती है. पुतिन के दौरे में 120-140 स्टील्थ जेट भारत में बन सकते हैं. राफेल के साथ जुगलबंदी से वायुसेना की ताकत 50-60% तक बढ़ सकती है. चीन के J-20 और पाक के J-10C/J-35 पुराने पड़ जाएंगे. 300 किमी रेंज मिसाइल से दुश्मन दूर से खत्म होगा. भारत बनेगा एशिया का हवाई सुपरपावर.
नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि 26 राफेल मरीन विमानों की डील अगले कुछ महीनों में फाइनल हो जाएगी. पहले चार जेट 2029 तक भारत आएंगे, बाकी 2030-31 में. ये स्वदेशी विमानवाहक पोत INS विक्रांत व विक्रमादित्य पर तैनात होंगे. इससे नौसेना की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी और हिंद महासागर में भारत की बादशाहत मजबूत होगी.
इंडियन नेवी चीफ़ एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा ऐलान किया है. नेवी चीफ़ एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि 26 राफेल मरीन विमानों की डील अगले कुछ महीनों में फाइनल हो जाएगी. पहले चार जेट 2029 तक भारत आएंगे और 2031 तक बाकी सभी विमान नौसेना में शामिल हो जाएंगे.
फ्रांस की सैफ्रान कंपनी अब भारत में राफेल के M88 फाइटर जेट इंजन की पूरी असेंबली और Hammer घातक मिसाइलें बनाएगी. हैदराबाद में M88 इंजन लाइन और BEL के साथ जॉइंट वेंचर से मिसाइल प्रोडक्शन होगा. 100% टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, हजारों नौकरियां और आत्मनिर्भर रक्षा के लिए बड़ा कदम. भारत जल्द ही जेट इंजन बनाने वाला देश बनेगा.
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और फ्रांस की साफ्रान ने HAMMER स्मार्ट प्रिसिजन गाइडेड बम भारत में बनाने के लिए जॉइंट वेंचर समझौता किया. 50-50% हिस्सेदारी वाली कंपनी बनेगी. 60% तक स्वदेशीकरण होगा. भारतीय वायुसेना-नौसेना के लिए राफेल व तेजस पर लगने वाला यह बम भारत में बनेगा.