राफेल फाइटर जेट
राफेल (Rafale) एक फ्रांसीसी फाइटर जेट है (French Fighter Jet). यह एक ट्विन इंजन, कैनार्ड डेल्टा विंग, मल्टीरोल लड़ाकू विमान है जिसे डसॉल्ट एविएशन (Dassault Aviation) ने डिजाइन और निर्माण किया है. राफेल वाइड रेंज विपन से लैस विमान है. राफेल का हाई स्पीड 1,912 किमी/घंटा और हाई रेंज: 3,700 किमी है. इस फाइटर जेट का वजन 9,979 किलो और लंबाई 15 मी है.
राफेल मरीन विमान ने 29 अक्टूबर को आईएनएस विक्रांत पर पहली बार सफल लैंडिंग की. यह भारतीय नौसेना के स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है. 26 विमानों का सौदा, मिग-29के की जगह लेंगे.
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह का कार्यकाल ऑपरेशन सिंदूर, तेजस विवाद और स्क्वॉड्रन कमी की चेतावनी से याद रखा जाएगा. उन्होंने तेज खरीद, स्वदेशी क्षमता और जॉइंटनेस पर जोर दिया. 31 अक्टूबर को रिटायर होंगे.
भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के अवसर पर वाराणसी के नमो घाट पर तीन दिवसीय ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो का भव्य आगाज हुआ. इस ऐतिहासिक आयोजन में राफेल, सुखोई और तेजस जैसे आधुनिक लड़ाकू विमानों ने गंगा के आसमान में अपनी ताकत और हैरतअंगेज कलाबाजियों का शानदार प्रदर्शन किया.
भारतीय नौसेना गोवा में राफेल मरीन विमान के उड़ान परीक्षण कर रही है. ये फाइटर जेट INS विक्रांत पर तैनात होंगे. 2025 में 26 विमानों का डील हुआ था. डिलीवरी 2028-29 में शुरू होगी.
चीन का J-20 विशाल स्टेल्थ फाइटर करीब 2000 किमी रेंज और भारी हथियार क्षमता के साथ भारत-ताइवान के लिए चुनौती बन रहा है. चीन J-36 जैसी छठी पीढ़ी वाले फाइटर Jट पर काम कर रहा है.
वाराणसी के नमो घाट पर 22, 24 और 25 अक्टूबर को आईएएफ का ‘विंग्स ओवर गैंजेस’ एरियल डिस्प्ले. पहली बार छह लड़ाकू विमान एक साथ एरोहेड फॉर्मेशन में. प्रचंड प्रदर्शन में ऑपरेशन सिंदूर के आयुध भी होंगे.
डसॉल्ट ने राफेल पर भारतीय हथियारों को लगाने की सहमति दी. 114 जेट MRFA डील मार्च 2027 तक संभव है. भारतीय वायु सेना स्क्वॉड्रन की मजबूती लिए मेक इन इंडिया पर जोर दे रही है.
हिंडन में वायुसेना दिवस पूर्वाभ्यास में ब्रह्मोस, राफेल और आकाश ने ताकत दिखाई. तेजस, सु-30 सहित विमान और मिसाइल प्रदर्शन हुआ. 8 अक्तूबर को मुख्य परेड होगा.
वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने कहा कि स्क्वॉड्रन ताकत गिरने से रोकने के लिए हर साल 36-40 लड़ाकू विमान शामिल करने होंगे. देरी क्षमता को नुकसान पहुंचाती है. पाक-चीन सहयोग चिंता का विषय है.
वायु सेना प्रमुख एपी सिंह ने सालाना प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वायु शक्ति किसी भी देश की ताकत का आधार है. ऑपरेशन सिंदूर में सफलता, आत्मनिर्भरता और एआई पर जोर दिया. वे इस महीने रिटायर हो रहे हैं.
फ्रांस ने कहा कि राफेल में भारतीय हथियार इंटीग्रेट करने का रास्ता निकाला जा सकता है. सोर्स कोड के बिना भी ICD से स्वदेशी सिस्टम जोड़े जा सकेंगे. 114 विमानों के सौदे पर बातचीत जारी है.
युद्धाभ्यास तरंग शक्ति 2026 जोधपुर में 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक होगा. अमेरिका के F35 फाइटर जेट पहली बार शामिल होंगे. करीब 40 देशों की भागीदारी से मल्टीनेशनल वायु अभ्यास मजबूत होगा.
रूस Su-57E स्टील्थ जेट भारत को बेचने पर जोर दे रहा है. चीन-पाकिस्तान की बढ़ती ताकत के बीच यह भारतीय वायुसेना के लिए जरूरी पुल साबित हो सकता है. तुरंत क्षमता बढ़ेगी लेकिन स्वदेशी AMCA पर असर भी देखना होगा.
पाकिस्तान ने स्वदेशी 180 किलोमीटर रेंज वाली फाज मिसाइल को जेएफ-17 फाइटर्स पर इंटीग्रेट कर लिया है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह कदम चीनी मिसाइलों पर निर्भरता कम करने और हवाई क्षमता बढ़ाने के लिए उठाया गया है.
ऑपरेशन सिंदूर में एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख थे. 1 जनवरी 2025 को पदभार संभाला. मई 2025 में पहलगाम हमले के जवाब में सटीक हमलों से आतंकी ठिकाने व पाक ठिकाने नष्ट कर पाकिस्तान को हराया.
चीन और मिस्र के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास के दौरान पहली बार चीनी जे-16 लड़ाकू विमान राफेल जेट के खिलाफ सीधे हवाई युद्ध अभ्यास में शामिल हुए. भारत के लिए यह अभ्यास एक नियमित सैन्य अभ्यास से कहीं अधिक महत्व रखता है. इसकी वजह ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान द्वारा चाइनीज फाइटर जेट का इस्तेमाल है.
अमेरिकी वायुसेना के पांचवीं पीढ़ी के F35 फाइटर जेट संभवतः पहली बार भारत के तरंग शक्ति 2026 अभ्यास में शामिल होंगे. जोधपुर में 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक होने वाले बहुराष्ट्रीय अभ्यास में 30 से अधिक देश भाग लेंगे.
पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय फाइटर जेट गिराने का दावा किया लेकिन जेन्स डिफेंस वीकली के अनुसार वे एक्स-गार्ड डिकॉय पर लगे. भारतीय राफेल ने इस इजरायली टोड डिकॉय सिस्टम से मिसाइलों को भटकाया और असली विमान सुरक्षित रहे.
ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायुसेना के सुखोई-30 एमकेआई ने 7 मई के हमलों में पाकिस्तानी वायुसेना की प्रतिक्रिया को बेहद धीमा पाया. पायलट के अनुसार 22 मिनट का विंडो खुला रहा, जिससे मिशन पूरा कर विमान सुरक्षित लौट आए.
ऑपरेशन सिंदूर में राफेल की चर्चा छाई रही, लेकिन असली हीरो सुखोई-30MKI था. दो रैंपेज ALBM सटीक हमले के लिए, दो अस्त्र मिसाइल आसमान साफ करने और दो R-73 मिसाइलें नजदीकी लड़ाई के लिए.
ऑपरेशन सिंदूर में रिटायर्ड पीएएफ अधिकारी खालिद चिश्ती ने माना कि पाकिस्तान ने F-16 फ्लीट जमीन पर रखी क्योंकि राफेल की मेटियोर मिसाइल, AMRAAM से लंबी रेंज वाली थी. रेंज और फर्स्ट-शॉट एडवांटेज ने हवाई लड़ाई तय की.