
हैदराबाद में खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले गिरोह के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई सामने आई है. हैदराबाद फूड एडल्टरेशन सर्विलांस टीम (H-FAST) ने GHMC के फूड सेफ्टी विभाग के साथ मिलकर शहर के अलग-अलग मसाला कारोबारी और प्रोसेसिंग यूनिट्स पर एक साथ छापेमारी की. इस अभियान में करीब 25 टन मिलावटी मसाले बरामद किए गए. इस सिलसिले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके खिलाफ तीन अलग-अलग आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं.
पुलिस के मुताबिक, यह विशेष अभियान लोगों से मिली विश्वसनीय सूचनाओं के आधार पर शुरू किया गया था. लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ कारोबारी मसालों में खतरनाक रसायन और औद्योगिक रंग मिलाकर उन्हें बाजार में बेच रहे हैं. इसका मकसद मसालों का रंग चमकदार बनाना, उनका वजन बढ़ाना और अधिक मुनाफा कमाना था. H-FAST ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए GHMC फूड सेफ्टी विभाग के साथ संयुक्त अभियान चलाया ताकि मिलावट पर रोक लगाई जा सके और लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा हो सके.
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने शहर की 13 मसाला ट्रेडिंग और प्रोसेसिंग यूनिट्स का निरीक्षण किया. जांच में सामने आया कि कई यूनिट्स में मसालों को आकर्षक दिखाने के लिए सिंथेटिक फूड कलर, कपड़ों में इस्तेमाल होने वाली डाई, औद्योगिक परमानेंट रंग, टैल्कम पाउडर और राइस ब्रान ऑयल का इस्तेमाल किया जा रहा था. इन पदार्थों को मिलाकर मसालों की गुणवत्ता और रंग कृत्रिम रूप से बढ़ाया जाता था, जिससे ग्राहकों को धोखा देकर ज्यादा कीमत वसूली जा सके.

जांच में यह भी पता चला कि खराब गुणवत्ता वाली और रिजेक्ट की गई सरसों को कपड़ों की डाई, टैल्कम पाउडर और तेल के साथ मिलाकर दोबारा बाजार में बेचा जा रहा था. वहीं लौंग और शाही जीरा पर सिंथेटिक रंग चढ़ाए जा रहे थे. अजवाइन, शाही जीरा और अन्य मसालों में औद्योगिक डाई मिलाकर उनकी चमक और रंग को कृत्रिम रूप से बेहतर बनाया जा रहा था. इस तरह के मसाले सीधे लोगों की रसोई तक पहुंच रहे थे, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक माने जाते हैं.
इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान काटेदान निवासी राहुल भाटी, बेगम बाजार निवासी विशाल पंवार और दुलीचंद कच्छावा के रूप में हुई है. इनके खिलाफ कुल तीन आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं. इनमें से दो केस मैलारदेवपल्ली पुलिस स्टेशन और एक मामला बालापुर पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ है. पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं.
छापेमारी के दौरान पुलिस अधिकारियों ने कुल 25,300 किलोग्राम मिलावटी मसाले जब्त किए. जिनमें 7,920 किलो अजवाइन, 6,700 किलो जीरा, 550 किलो लौंग, 2,280 किलो शाही जीरा, 540 किलो सौंफ, 4,960 किलो सरसों और 2,350 किलो जीरा डस्ट शामिल है. इसके अलावा मसालों को प्रोसेस करने में इस्तेमाल होने वाला भारी मात्रा में कच्चा माल और अन्य उपकरण भी जब्त किए गए.

कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने 89 टन से अधिक कच्चा माल भी जब्त किया. इसमें सरसों, मेथी और तिल के बीज शामिल हैं. साथ ही सिंथेटिक रंग, शाइनिंग पाउडर, राइस ब्रान ऑयल और मसालों की प्रोसेसिंग में इस्तेमाल होने वाली तीन रोलिंग मशीनें भी कब्जे में ली गईं. फूड सेफ्टी विभाग ने सभी यूनिट्स से नमूने लेकर उन्हें लैब जांच के लिए भेज दिया है ताकि रासायनिक मिलावट की पुष्टि की जा सके.
अधिकारियों ने बताया कि यूनिट संचालकों के खिलाफ फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 और अन्य लागू कानूनों के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है. जांच रिपोर्ट आने के बाद आरोपियों पर और भी गंभीर धाराएं जोड़ी जा सकती हैं. प्रशासन का कहना है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह का अभियान जारी रहेगा.
विशेषज्ञों और अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि औद्योगिक रंग, कपड़ों की डाई और खाने योग्य नहीं होने वाले रसायनों का सेवन शरीर के लिए बेहद नुकसानदायक है. इससे लीवर और किडनी को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है. इसके अलावा कैंसर का खतरा बढ़ सकता है, पाचन संबंधी बीमारियां, एलर्जी, त्वचा रोग और लंबे समय में तंत्रिका तंत्र तथा प्रतिरक्षा प्रणाली पर भी बुरा असर पड़ सकता है. इसलिए लोगों को बेहद सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

पुलिस के अनुसार H-FAST के गठन के महज 140 दिनों के भीतर टीम ने 659 छापेमारी अभियान चलाए हैं. इस दौरान 202 एफआईआर दर्ज की गईं और 246 टन मिलावटी खाद्य पदार्थ जब्त किए गए. 232 मामलों को GHMC फूड सेफ्टी विभाग के पास भेजा गया. इसके अलावा 46 पनीर और 83 घी बेचने वाले प्रतिष्ठानों की भी जांच की गई. यह आंकड़े बताते हैं कि शहर में खाद्य मिलावट के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है.
H-FAST ने पिछले कुछ महीनों में कई बड़े खाद्य मिलावट गिरोहों का पर्दाफाश किया है. टीम ने अदरक-लहसुन पेस्ट में टाइटेनियम डाइऑक्साइड और एसिटिक एसिड के इस्तेमाल का खुलासा किया था. 27 टन से ज्यादा मिलावटी पेस्ट, 12 टन से अधिक सड़ा हुआ मांस, लगभग 60 टन गलत तरीके से रखा गया पोल्ट्री वेस्ट, केमिकल से पकाए गए फल, मिलावटी अचार, चाय पाउडर, सिंथेटिक पनीर, मिलावटी दही, क्रीम और घी भी जब्त किए गए थे. इसके अलावा घटिया RO वॉटर प्लांट और अस्वच्छ खाद्य निर्माण इकाइयों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई थी.
हैदराबाद सिटी पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे केवल लाइसेंस प्राप्त दुकानों से ही खाद्य सामग्री खरीदें. खरीदारी से पहले FSSAI लाइसेंस की जांच जरूर करें. बहुत अधिक चमकीले रंग वाले मसालों और बेहद सस्ती कीमत पर मिलने वाले खुले या बिना ब्रांड वाले खाद्य पदार्थों से बचें. यदि कहीं भी खाद्य मिलावट या अस्वच्छ तरीके से खाद्य पदार्थ तैयार किए जाने की जानकारी मिले तो तुरंत डायल-100 या H-FAST हेल्पलाइन पर शिकायत करें. पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी.
यह विशेष अभियान टास्क फोर्स के डीसीपी गायकवाड़ वैभव रघुनाथ की निगरानी में चलाया गया. उनके साथ H-FAST टीम के इंस्पेक्टर रंजीत और अंजैया, सब-इंस्पेक्टर शंकर, कृष्णा, अखिल और अन्य पुलिसकर्मियों ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया. अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी मिलावटखोरों के खिलाफ इसी तरह सख्त अभियान जारी रहेगा ताकि लोगों तक सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री पहुंच सके.