पिछले सप्ताह के दौरान शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिली. कई कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट आई तो कुछ कंपनियों के शेयरों ने अच्छे प्रदर्शन किए. शेयरों के परफॉर्मेंश के आधार इन कंपनियों के मार्केट कैप में भी बदलाव आया है और शेयर बाजार में इनके पोजिशन में भी चेंज आया है.
पिछले सप्ताह के दौरान अगर सिर्फ टॉप 10 सबसे वैल्यूएबल कंपनियों की बात करें तो इनमें से नौ का संयुक्त मार्केट कैपिटलाइजेशन 2.51 लाख करोड़ रुपये बढ़ा है, जिसमें शेयर बाजार में सकारात्मक रुझान के साथ बजाज फाइनेंस सबसे बड़ा विजेता बनकर उभरी. यानी बाजार फाइनेंस के शेयरों में इस हफ्ते के दौरान अच्छी उछाल आई है और इन 10 में से सबसे ज्यादा इसका मार्केट कैप बढ़ा है.
शुक्रवार को कंपनी का शेयर 8 फीसदी से ज्यादा चढ़ गया था. इस दौरान रिलायंस का मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹39,447.35 करोड़ रुपये बढ़कर 17,69,108.79 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. वहीं शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव को ट्रैक करें तो पता चलता है कि पिछले सप्ताह, बीएसई का बेंचमार्क सेंसेक्स 2,034.87 अंक या 2.67 प्रतिशत चढ़ा, और एनएसई का निफ्टी 616.15 अंक या 2.59 प्रतिशत बढ़ा. इस तेजी के कारण व्यापक स्तर पर कई सेक्टर में अच्छी उछाल रही.
कौन-कौन से शेयरों में आई अच्छी तेजी?
टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के मार्केट कैपिटलाइजेशन में बढ़ोतरी हुई है. वहीं हिंदुस्तान यूनिलीवर की बाजार पूंजीकरण में गिरावट देखने को मिली है.
बजाज फाइनेंस के बाद एयरटेल का मार्केट कैप ₹44,959.50 करोड़ रुपये बढ़कर ₹12,30,005.63 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. इसके बाद टीसीएस का बाजार मूल्यांकन ₹40,414.03 करोड़ रुपये बढ़कर ₹8,55,894.78 करोड़ रुपये, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड का ₹39,447.35 करोड़ रुपये बढ़कर 17,69,108.79 करोड़ रुपये और लार्सन एंड टुब्रो का बाजार पूंजीकरण ₹21,096.80 करोड़ रुपये बढ़कर ₹5,41,844.69 करोड़ रुपये हो गया.
क्यों आई पिछले हफ्ते मार्केट में तेजी?
PTI के मुताबिक, रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष, अनुसंधान, अजीत मिश्रा ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, भू-राजनीतिक माहौल में सुधार, वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के उत्साहजनक नतीजों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की दोबारा खरीदारी से जोखिम लेने की प्रवृत्ति बढ़ने के कारण बाजारों में इस सप्ताह जोरदार उछाल आया और हालिया गिरावट का सिलसिला टूट चुका है.
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)