देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) अब घरेलू बाजार से आगे बढ़कर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में बड़ा विस्तार करने की तैयारी कर रही है. कंपनी पहले अपनी इंटरनेशनल फ्लीट में एयरबस A321 XLR विमान शामिल करेगी और फिर 2028 से एयरबस A350 के जरिए लंबी दूरी की उड़ानों की शुरुआत करेगी.
इंडिगो का लक्ष्य भारत को दुनिया के अधिक से अधिक शहरों से जोड़ना और विदेशों में बसे भारतीय समुदाय के लिए सीधी कनेक्टिविटी बढ़ाना है. यह घोषणा ऐसे समय हुई है, जब 4 अगस्त को इंडिगो अपनी स्थापना के 20 साल पूरे करने जा रही है.
घरेलू बाजार अब भी सबसे बड़ी ताकत
फिलहाल भारत के घरेलू विमानन बाजार में इंडिगो की हिस्सेदारी 66 फीसदी से अधिक है. कंपनी के सह-संस्थापक और सीईओ राहुल भाटिया का कहना है कि इंडिगो की सबसे बड़ी ताकत उसका घरेलू नेटवर्क है और अभी उसे पूरी तरह इंटरनेशनल एयरलाइन कहना जल्दबाजी होगी. उन्होंने कहा कि लंबी दूरी की उड़ानों का मकसद भारतीय यात्रियों को दुनिया के प्रमुख बाजारों तक पहुंचाना और विदेशों में रहने वाले भारतीयों को बेहतर तरीके से भारत से जोड़ना है. इसके लिए पहले A321 XLR और बाद में A350 विमानों के जरिए नए विदेशी शहरों को नेटवर्क में शामिल किया जाएगा.
गल्फ की एयरलाइंस को मिलेगी चुनौती
राहुल भाटिया का कहना है कि पिछले एक दशक में खाड़ी देशों की एयरलाइंस ने अपने हब के जरिए भारत के अंतरराष्ट्रीय ट्रैफिक का बड़ा हिस्सा अपने कब्जे में कर लिया है. इसका नतीजा यह हुआ कि भारतीय यात्रियों का बड़ा खर्च विदेशी एयरलाइंस और उन देशों की अर्थव्यवस्था तक पहुंचा. उन्होंने कहा कि इंडिगो और एयर इंडिया जैसी भारतीय एयरलाइंस की जिम्मेदारी है कि वे भारतीय यात्रियों को बेहतर विकल्प दें और इस खर्च का बड़ा हिस्सा देश की अर्थव्यवस्था में वापस लाएं. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इंडिगो का मॉडल एमिरेट्स जैसी ट्रांजिट एयरलाइन बनने का नहीं है. कंपनी का मुख्य फोकस भारतीय यात्रियों और भारत से जुड़े अंतरराष्ट्रीय ट्रैफिक पर रहेगा, क्योंकि घरेलू बाजार में अब भी जबरदस्त डिमांड की संभावनाएं मौजूद हैं.
इंडिगो भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन
इंडिगो ने 4 अगस्त 2006 को कुछ एयरबस A320 विमानों के साथ दिल्ली, गुवाहाटी और इम्फाल के बीच उड़ानों की शुरुआत की थी. पहले ही साल एयरलाइन का नेटवर्क 13 शहरों तक पहुंच गया. कम किराया, समय पर उड़ान और आसान यात्रा अनुभव के दम पर कंपनी कुछ ही वर्षों में तेजी से आगे बढ़ी और वित्त वर्ष 2015-16 तक देश की सबसे बड़ी एयरलाइन बन गई. 2016 से 2023 के बीच कंपनी का घरेलू नेटवर्क 35 से बढ़कर 85 से अधिक शहरों तक पहुंच गया. इसी दौरान सालाना यात्री संख्या 10 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई.
रिकॉर्ड विमानों का ऑर्डर, है बड़ी तैयारी
इंडिगो ने 2023 में एयरबस A320 फैमिली के 500 विमानों का रिकॉर्ड ऑर्डर दिया था. कंपनी अब तक 900 से ज्यादा विमानों का ऑर्डर दे चुकी है, जबकि 440 से अधिक विमान फिलहाल उसके बेड़े में शामिल हैं. एयरलाइन कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2030 तक अपने आकार को लगभग दोगुना करना है. कंपनी के मुताबिक अब तक उसे 500 से ज्यादा एयरबस विमान मिल चुके हैं और लगातार दो वर्षों तक वह दुनिया में एयरबस विमानों की सबसे बड़ी रिसीपिएंट रही है.
इंडिगो का बिजनेस सिर्फ यात्री सेवाओं तक सीमित नहीं है. इंडिगोस्ट्रेच अब 25 से अधिक रूट पर उपलब्ध है और मार्च 2027 तक इसकी क्षमता 4,300 सीट से ज्यादा होने की उम्मीद है. वहीं, इंडिगो ब्लूचिप लॉयल्टी प्रोग्राम से 1.3 करोड़ से अधिक सदस्य जुड़ चुके हैं. वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी ने 4.5 लाख टन कार्गो का संचालन किया, जो पिछले साल की तुलना में 26 फीसदी ज्यादा है.
इंडिगो के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और कई देशों के हवाई क्षेत्र पर लगी पाबंदियों का असर इंडिगो की कुछ अंतरराष्ट्रीय सेवाओं पर पड़ा है. कंपनी पहले ही घोषणा कर चुकी है कि 25 अक्टूबर से वाइड-बॉडी विमान संचालन बंद कर दिया जाएगा, जबकि बोइंग 787 विमानों की डैम्प लीज 31 अक्टूबर को समाप्त हो जाएगी. इसी बीच 3 अगस्त से विली वॉल्श ने कंपनी के सीईओ का पद संभाल लिया है. इंडिगो को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में कंपनी का अंतरराष्ट्रीय विस्तार और तेज होगा.
क्या है इंडिगो एयरलाइन का रोडमैप?
फिलहाल इंडिगो किसी नए बड़े विमान ऑर्डर की जल्दबाजी में नहीं है. कंपनी पहले ही एयरबस A350-900 के ऑर्डर को 30 से बढ़ाकर 60 विमान कर चुकी है और उसके पास 40 अतिरिक्त विमानों का विकल्प भी मौजूद है. राहुल भाटिया का कहना है कि मौजूदा ऑर्डर कंपनी की जरूरतों को 2035 तक पूरा करने के लिए पर्याप्त हैं. अगला बड़ा निवेश तब किया जाएगा, जब एविएशन इंडस्ट्री में नई पीढ़ी की तकनीक उपलब्ध होगी. अब कंपनी की नजर 4 अगस्त को अपनी 20वीं स्थापना वर्षगांठ, अक्टूबर में होने वाले वाइड-बॉडी फ्लीट के बदलाव और 2028 से शुरू होने वाली A350 की डिलीवरी पर रहेगी. आने वाले वर्षों में यही तय करेगा कि इंडिगो घरेलू बाजार की तरह अंतरराष्ट्रीय विमानन क्षेत्र में भी कितनी तेजी से अपनी पकड़ मजबूत कर पाती है.