scorecardresearch
 

PAK: उज़ैर बलोच के भाई जुबैर को गोलियों से भूना, फिर जिंदा हुआ ल्यारी का गैंगवार

पाकिस्तान की पुलिस के मुताबिक ल्यारी के मिर्जा आदम खान रोड पर हुई फायरिंग में तीन लोग घायल हुए. घायलों में एक की पहचान जुबैर बलोच के रूप में की जा रही है. ल्यारी के गैंगवार की कहानी भारत के लोगों को आदित्य धर की मूवी धुरंधर से पता चली.

Advertisement
X
जुबैर बलोच (बाएं) प्रतिबंधित ल्यारी गैंग के चीफ रहे उजैर बलोच का भाई है. (Photo: ITG)
जुबैर बलोच (बाएं) प्रतिबंधित ल्यारी गैंग के चीफ रहे उजैर बलोच का भाई है. (Photo: ITG)

फिल्म धुरंधर में दिखी कराची के ल्यारी का गैंगवार एक बार फिर हकीकत में सामने आया है. गुरुवार शाम को कुख्यात गैंग लीडर उज़ैर बलोच के भाई बताए जा रहे ज़ुबैर बलोच को अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी. बताया जा रहा है कि उसकी हालत गंभीर है. पुलिस ने बताया कि ल्यारी में मिर्ज़ा आदम खान रोड पर हुई गोलीबारी में कम से कम तीन लोग घायल हुए हैं. 

साउथ के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) के मुताबिक घायलों में से एक ज़ुबैर बलोच हो सकता है, जो प्रतिबंधित पीपल्स अमन कमेटी के प्रमुख उज़ैर बलोच का भाई है. पुलिस ने कहा कि उसकी पहचान की अभी आधिकारिक तौर पर पुष्टि की जा रही है. 

पाकिस्तान के अखबार 'डॉन' की रिपोर्ट के मुताबिक मोटरसाइकिल पर सवार हमलावरों ने अपने चेहरे ढके हुए थे और एक दुकानदार के जवाबी हमले के बाद वे भाग गए. सीनियर पुलिस अधिकारी सैयद असद रज़ा ने बताया कि उस समय जुबैर बलोच अपने घर के बाहर था. 

2026 में रिलीज़ हुई भारतीय स्पाई-थ्रिलर फ़िल्म 'धुरंधर' में भारतीय एक्टर दानिश पंडोर ने उज़ैर बलोच का किरदार निभाया था. जबकि उजैर बलोच के उस्ताद रहमान डकैत का किरदार अक्षय खन्ना ने निभाया था. 

दानिश पंडोर ने फिल्म धुरंधर में उजैर बलोच का किरदार निभाया था.

खबरों के मुताबिक ज़ुबैर बलोच को 2012 में गिरफ़्तार किया गया था और पिछले साल जनवरी में रिहा कर दिया गया था, रिपोर्ट्स के अनुसार पुलिस इस घटना की कई पहलुओं से जांच कर रही है, जिसमें गैंग की आपसी दुश्मनी और निजी रंजिश भी शामिल है. 

Advertisement

जुबैर बलोच पर फायरिंग के बाद स्थानीय लोगों को गैंगवॉर के फिर से शुरू होने का डर है. अब ल्यारी में लोग ये जानने की कोशिश कर रहे हैं कि इस हमले के बाद जुबैर बलोच की क्या स्थिति है. कराची पुलिस इस हमले पर चुप्पी साधे हुए है.

ल्यारी के एक सामाजिक कार्यकर्ता ने 'डॉन' को बताया कि ज़ुबैर बलोच कुछ महीने पहले एक "राजनीतिक पार्टी" में शामिल हुआ था और उसने इलाके में उस पार्टी के झंडे भी लगाए थे.

सामाजिक कार्यकर्ता ने यह भी कहा कि ऐसी अफवाहें हैं कि 'कराची ऑपरेशन' के बाद दुबई और ईरान भाग गए कुछ गैंगस्टर अमेरिका-ईरान युद्ध के बाद वापस लौट आए हैं. 
 

कराची के ल्यारी गैंग की कहानी

कराची के ल्यारी गैंग की कहानी नशीली दवाओं, फिरौती और राजनीतिक संरक्षण की खूनी दास्तान है. 1960-80 के दशक में काला नाग, दादल (रहमान डकैत के पिता) और शेरू जैसे शुरुआती गैंगस्टर नशीले पदार्थों के कारोबार पर काबिज थे. फिल्म धुरंधर में इस पक्ष को भी छुआ गया है. यहां पर बाद में हाजी लालू और बाबू डकैत उभरे. दादल की हत्या के बाद उसका बेटा अब्दुर्रहमान बलूच उर्फ रहमान डकैत ने ताकत हासिल की और वो कराची का डॉन बन बैना. 

Advertisement

लालू के बेटे अरशद पप्पू से दुश्मनी ने 2003 से भीषण गैंग वॉर शुरू कर दी. 2008 में रहमान ने पीपुल्स अमन कमिटी (PAC) बनाई, जो PPP के संरक्षण में ल्यारी पर राज करती थी. अगस्त 2009 में पुलिस मुठभेड़ में रहमान की मौत के बाद नेतृत्व उनके चचेरे भाई उज़ैर बलूच ने संभाला.  उज़ैर ने 2013 में अरशद पप्पू की हत्या करवाई. बाद में उज़ैर बलोच का भी गैंग पर कब्जे को लेकर दूसरों से झगड़ा हुआ. रेंजर्स ऑपरेशन के बाद उज़ैर गिरफ्तार हो गया था. 
 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement