मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच जंग एक बार फिर तेज हो गई है. अमेरिकी सेना ने मंगलवार को लगातार दूसरे दिन ईरान में IRGC के कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले कर दिए हैं.
ईरानी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, दक्षिणी ईरान के बंदर अब्बास, कशम द्वीप, जास्क और सीरिक में कई जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं. इसके अलावा, दक्षिण-पूर्वी चाबहार और कोनारक इलाकों में चार प्रोजेक्टाइल आ गिरे. ईरान के फार्स ने IRGC के प्रवक्ता के हवाले से कहा कि 'अमेरिका को अपने नए हमलों पर पछतावा होगा.'
29 जुलाई को दर्जनों IRGC ठिकानों पर हुए हमले के बाद से कुछ हफ्तों तक शांति बनी हुई थी. लेकिन एक बार फिर मिडिल-ईस्ट में युद्ध बढ़ गया है. अमेरिका ने IRGC पर होर्मुज में कमर्शियल जहाजों और क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों पर हमले की कोशिश का आरोप लगाया है.
48 घंटे में दूसरा बड़ा हमला
अमेरिका ने ये एयर स्ट्राइक होर्मुज में ईरानी रॉकेट लॉन्चरों पर किए गए हमले के ठीक दो दिन बाद की है. उस हमले के जवाब में ईरान ने सोमवार को जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं. हालांकि, जॉर्डन का दावा है कि उसने अपने एयरस्पेस में एंट्री लेने वाली आठ मिसाइलों को बीच में ही मार गिराया.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड का कहना है कि IRGC होर्मुज में समुद्री बारूदी सुरंगें ले जाने वाले रॉकेट दागने की तैयारी कर रहे थे. ईरान ने इन अमेरिकी हमलों में अपने सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि की है. इसके साथ ही अमेरिका ने ईरान को गंभीर सैन्य और आर्थिक नतीजे भुगतने की धमकी दी है.
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बता दें कि 28 फरवरी 2026 को अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर मिसाइलें दाग दी थीं. इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार के कई सदस्यों की मौत हो गई थी. 7 महीने से चल रही इस जंग के बीच कई बार अमेरिका और ईरान में समझौता होते-होते रह गया. वहीं, अब ताजा हमलों के बाद एक बार फिर युद्ध चरम पर पहुंचने के संकेत मिल रहे हैं.