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'मुस्लिम विरोधी नहीं थे सावरकर, राहुल गांधी ने बनाई गलत छवि', परिवार का दावा

पुणे कोर्ट में सावरकर परिवार ने राहुल गांधी के 2023 के लंदन भाषण पर सवाल उठाए. सावरकर के परपोते सत्यकी सावरकर ने दावा किया कि भाषण में सावरकर की मुस्लिम विरोधी छवि पेश की गई, जिसे उन्होंने गलत बताया.

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विनायक दामोदर सावरकर का ऐतिहासिक फोटो. (File Photo)
विनायक दामोदर सावरकर का ऐतिहासिक फोटो. (File Photo)

राहुल गांधी के 2023 के लंदन भाषण में सावरकर को लेकर कही गई बात अब पुणे की अदालत में चल रहे मानहानि केस का मुद्दा बन गई है. सावरकर के परपोते सत्यकी सावरकर ने अदालत में दावा किया कि 'राहुल गांधी ने अपने भाषण में विनायक दामोदर सावरकर की ऐसी तस्वीर पेश की, जिसमें उन्हें मुस्लिम विरोधी बताया गया'. उनका कहना है कि सावरकर की लिखी बातों से यह दावा मेल नहीं खाता.

1 सितंबर को सुनवाई के दौरान सत्यकी सावरकर से बचाव पक्ष के वकील मिलिंद डी. पवार ने बहस की. उनसे कहा गया कि वह अपनी शिकायत देखे बिना बताएं कि राहुल गांधी ने भाषण में क्या कहा था. सत्यकी ने इसके जवाब में भाषण का वह हिस्सा अदालत में दोहराया, जिसमें सावरकर और उनके कुछ साथियों द्वारा एक मुस्लिम व्यक्ति की पिटाई किए जाने की बात कही गई थी.

सत्यकी ने इस बयान को सावरकर की गलत तस्वीर पेश करने वाला बताया. उनका दावा है कि इससे सावरकर को मुस्लिम विरोधी और भीड़ के साथ हिंसा करने वाले व्यक्ति के तौर पर दिखाया गया. उन्होंने कहा कि सावरकर की अपनी लिखी बातों में मुस्लिमों की तरक्की के तरीकों का जिक्र मिलता है.

पुराने रिश्तों से लेकर RSS तक सवाल

अदालत में बहस सिर्फ 2023 के भाषण तक सीमित नहीं रही, बल्कि सावरकर परिवार के पुराने रिश्तों और संघ से जुड़े सवाल भी उठे. सत्यकी पहले ही बता चुके हैं कि उनके नाना गोपाल गोडसे और परनाना नाथूराम गोडसे RSS से जुड़े थे. इस दौरान बचाव पक्ष के वकील ने गोपाल गोडसे के पुराने वीडियो इंटरव्यू के कुछ हिस्से सामने रखकर हिंदू महासभा और RSS की भूमिका पर सवाल पूछे. साथ ही नाथूराम गोडसे के जुड़ाव को लेकर भी सत्यकी से कई बातें पूछी गईं.

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सावरकर से जुड़े पुराने मामलों पर भी सवाल

बहस के दौरान सावरकर पर अंग्रेजों के जमाने में दर्ज मुकदमों का भी जिक्र छिड़ा. सत्यकी ने माना कि अंग्रेजी हुकूमत ने सावरकर पर बगावत छेड़ने का आरोप लगाया था, साथ ही नासिक कलेक्टर जैक्सन हत्याकांड में भी उनका नाम घसीटा था.

महात्मा गांधी की हत्या के बाद बने कपूर आयोग पर सवाल उठा, तो सत्यकी ने साफ किया कि यह जांच सावरकर की भूमिका तय करने के लिए नहीं बनी थी. आयोग का मकसद बस यह देखना था कि क्या अफसरों को इस साजिश की पहले से भनक थी और प्रशासन ने क्या कदम उठाए. साथ ही उन्होंने बताया कि उनके नाना गोपाल गोडसे ने इस पूरे अदालती मामले पर 'गांधी हत्या आणि मी' नाम से किताब लिखी थी.

सावरकर की ओर से वकील संग्राम कोठालकर ने राहुल गांधी के वकील की ओर से पूछे गए कुछ सवालों पर आपत्ति जताई. अदालत ने कहा कि इन आपत्तियों पर अंतिम फैसला सुनाते समय विचार किया जाएगा.

अब मामले में आगे की सुनवाई 3 सितंबर को होगी. फिलहाल अदालत में बहस का केंद्र वही 2023 का लंदन भाषण है, जिसमें सावरकर को लेकर कही गई बात पर उनके परिवार ने आपत्ति जताई है.
 

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