आज जिस सऊदी अरब को मक्का और मदीना के पवित्र शहरों का संरक्षक माना जाता है, उसकी कहानी करीब एक सदी पहले बिल्कुल अलग थी. तब मक्का पर पैगंबर मोहम्मद के वंश से जुड़े हाशमी परिवार का शासन था और मध्य अरब में इब्न सऊद अपनी ताकत बढ़ा रहे थे.
चीन ने ईरान को जॉर्डन स्थित अमेरिकी बेस की सैटेलाइट तस्वीरें दीं. जुलाई हमले में 3 अमेरिकी सैनिक मारे गए. हफ्तों बाद चीन का वही सैटेलाइट अंतरिक्ष में टूट गया. कारण किसी को पता नहीं चल रहा.
जॉर्डन के मुवाफ्फाक सल्ती एयर बेस पर मंगलवार रात से बुधवार तड़के के बीच हुए ईरानी हमलों में कई अमेरिकी सैन्य विमान डैमेज हुए, जिनमें करीब 8 एफ-15 और एक ए-10 थंडरबोल्ट शामिल बताया गया. इस हमले के बाद टकराव और बढ़ गया, अमेरिकी बलों ने 30 से ज्यादा पैट्रियट मिसाइलें दागीं और वॉशिंगटन ने ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाते रहने की बात कही.
ईरान अमेरिका के सहयोगी खाड़ी देशों और अमेरिकी ठिकानों पर शाहेद ड्रोन तथा फतेह समेत बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला कर रहा है. सस्ते ड्रोन और मिसाइलों की बौछार से एयर डिफेंस सिस्टम को थकाया जा रहा है.
5 ईरानी टैंकरों पर अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान ने खाड़ी में 2 अमेरिकी पोत और 8 तेल टैंकरों पर हमला करने का दावा किया. इसके साथ ही कुवैत और बहरीन के उन बंदरगाहों में मौजूद टैंकरों को भी खाली करने की चेतावनी दी गई, जहां अमेरिकी मौजूद हैं.
US-Iran War Updates: अमेरिका और ईरान के बीच एक महीने की खामोशी के बाद जंग फिर शुरू हो गई है. अमेरिका ने होर्मुज के पास IRGC के ठिकानों पर हमला किया, जिसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन के प्रिंस हसन एयरबेस और मरीन बेस पर मिसाइलें दागीं, बहरीन में ड्रोन हमला किया और कुवैत में भी हमले हुए. जॉर्डन ने 13 में से 10 मिसाइलें रोकीं. IRGC के बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक मारने के दावे को अमेरिका ने झूठा बताया.
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच जॉर्डन के आसमान में दिखी हलचल दिखी है. इजरायल के इलात में एक चश्मदीद ने जॉर्डन की तरफ जाता हुआ तेज रफ्तार प्रोजेक्टाइल देखा.
मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर से बढ़ गया है. अमेरिकी सेना ने लगातार दूसरे दिन ईरान में IRGC के कई ठिकानों पर हवाई हमला कर दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमलों के बाद ईरान को धमकी भी दी है कि वो जवाबी कार्रवाई करने की कोशिश न करें, वरना उसका अंजाम बहुत बुरा होगा.
लारक द्वीप के पास अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने बदले की खुली चेतावनी दी और जॉर्डन की ओर दागी गई मिसाइलों को रोकने का दावा भी सामने आया. होर्मुज में बढ़ते तनाव, घटती जहाजी आवाजाही और चढ़ते तेल दाम इस टकराव की गंभीरता दिखा रहे हैं.
ईरानी कमांडर मोहसेन रेजई ने दावा किया कि अमेरिकी जमीनी हमला सेंटकॉम की गलत जानकारी और कैल्कुलेशन के कारण फेल हो गया. उन्होंने कुवैत बेस पर नुकसान, एर्बिल खाली होने और कमांडरों के ट्रांसफर का जिक्र किया.
ईरान ने दावा किया कि उसके अरश ड्रोन ने बहरीन स्थित शेख ईसा एयर बेस पर अमेरिकी नेविगेशन सिस्टम को निशाना बनाया. दोनों पक्षों के हमलों से क्षेत्रीय युद्ध का खतरा बढ़ रहा है.
अमेरिका ने 30 जुलाई को ईरान के कई ठिकानों पर हवाई हमले शुरू किए हैं। यह कार्रवाई जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ईरान द्वारा दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों के जवाब में की गई। CENTCOM के मुताबिक सभी मिसाइलें इंटरसेप्ट कर ली गई थीं।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इसे अचानक किए गए हमले की कोशिश बताया है. CENTCOM के मुताबिक, सभी मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक दिया गया. एक दिन पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच अच्छी बातचीत चल रही है और समझौते की अच्छी संभावना है.
ईरानी सेना ने बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जबरदस्त हमला किया है. ईरान ने बहरीन के एयरबेस को निशाना बनाया तो वहीं जॉर्डन के एयरबेस पर भी हमले का दावा किया. इन हमलों को ईरान ने अमेरिकी एयर स्ट्राइक का जवाब बताया है. इराक में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर कई सारे धमाके किए गए.
अमेरिका ने ईरान जंग में B-1 लैंसर, B-2 और B-52 स्ट्रैटोफोर्ट्रेस बॉम्बर्स की ताकत झोंक दी है. ये सुपरसोनिक, स्टेल्थ और लंबी दूरी वाले योद्धा ईरान के परमाणु, मिसाइल और तेल ठिकानों पर तबाही मचा रहे हैं.
ईरान-अमेरिका जंग को लेकर एक और बड़ी खबर आई है. ईरान ने एक बार फिर जॉर्डन पर किया हमला किया है. हमले के बाद जॉर्डन में साइरन बज रहे रहे है. हमले को लेकर जॉर्डन की सेना ने बयान जारी कर कहा, तीन ईरानी मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर तबाह किया गया है. वहीं अभी तक किसी भी तरह के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है.
ईरान अब अमेरिकी विमानों को सीधे मारने की बजाय उनके रनवे छीन रहा है. इसे डिबेसिफिकेशन कहते हैं. क्षेत्रीय एयरबेस कम होने से अमेरिका के ऑपरेशन मुश्किल हो गए हैं.
नौ रातों के लड़ाई में अमेरिका-ईरान टकराव तेज हो गया है. जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों को नुकसान, ईरान में बुनियादी ढांचे की भारी तबाही हुई है. मिडिल ईस्ट के कई देश प्रभावित हुए हैं.
उत्तर इराक में एक ईरानी ड्रोन के फटने से एक अमेरिकी सैनिक की मौत और एक के घायल होने के बाद मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी सेना ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर भीषण हवाई हमले किए हैं.
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब जॉर्डन पर भी दिखने लगा है. अमेरिकी दूतावास ने जॉर्डन के अकाबा शहर को लेकर सुरक्षा अलर्ट जारी करते हुए अपने नागरिकों को एयरपोर्ट और बंदरगाह से दूर रहने की सलाह दी है. हालांकि, जॉर्डन सरकार ने किसी भी खतरे या निकासी के दावे से इनकार किया है.
Iran ने चेतावनी दी है कि अगर United States के हमले जारी रहे, तो वह ‘फुल-स्केल आक्रामक सैन्य कार्रवाई’ शुरू करेगा। Mohsen Rezaei ने अमेरिका को तनाव न बढ़ाने की चेतावनी दी है, जबकि युद्धविराम टूटने के बाद ईरान ने खाड़ी क्षेत्र और जॉर्डन में हमले तेज कर दिए हैं।