
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद और उसके पड़ोसी शहर रावलपिंडी के कई हिस्सों में भीषण बाढ़ आ गई है. यहां पांच-छह फीट तक पानी भर आया है. लोगों के घर पानी में समा गए हैं.
रावलपिंडी की यह हालत भारी बारिश के कारण हुई है. कुछ दिनों से यहां तेज बारिश हो रही है, जिसके कारण ड्रेनेज सिस्टम पर दबाव बहुत ज्यादा पड़ गया और नाल-ए-लाई में पानी का स्तर तेजी से बढ़ता गया.

निचले इलाकों और सड़कों पर बाढ़ का पानी भर गया है. हालात ऐसे हैं कि बाढ़ में गाड़ियां फंस गई और घरों और बेसमेंट में भी पानी घुस गया. बाढ़ के कारण शहर के कई शिक्षण संस्थानों को बंद कर दिया गया. और रावलपिंडी में बारिश से जुड़ी इमरजेंसी घोषित कर दी गई.
रावलपिंडी में नदी-नाले उफान पर हैं. कटारियान ब्रिज पर नाल-ए-लई का पानी 29.5 फीट तक पहुंच गया है. बाढ़ ने रावलपिंडी में भारी तबाही मचाई है. रावलपिंडी की सड़कों पर गाड़ियां कागज की नावों की तहत तैर रही हैं. कुछ जगहों पर तो पानी इतना गहरा है कि गाड़ियां पूरी तरह डूब गई हैं. सिर्फ गाड़ियों की छतें नजर आ रही हैं.

रावलपिंडी में नाले और गलियां एक हो गई हैं. इलाके में इतना जलभराव है कि समझ ही नहीं आ रहा कि कहां नाले हैं और कहां गलियां. सफदरबाद, सादिकाबाद, धोके खाबा, पीरवधाई, फौजी कॉलोनी और आर्य मोहल्ला जैसे कई निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैल गया है.
मरी रोड और ओल्ड एयरपोर्ट रोड के कुछ हिस्से भी बाढ़ में डूब गए हैं. बाढ़ के कारण कई जगह ट्रैफिक भी पूरी तरह ठप हो गया है. बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए लोकल अधिकारियों ने इमरजेंसी कार्रवाई शुरू कर दी है. रावलपिंडी की वॉटर एंड सैनिटेशन एजेंसी ने नाल-ए-लाई के कैचमेंट एरिया में बारिश से जुड़ी इमरजेंसी भी घोषित कर दी है. प्रभावित इलाकों से पानी को निकालने के लिए भारी मशीनरी और पंप तैनात किए गए हैं.

रावलपिंडी जैसे घनी आबादी वाले शहरों में भारी बारिश कुछ ही घंटों में ड्रेनेज सिस्टम पर बहुत भारी पड़ी, जिसके कारण इलाके में बाढ़ आ गई. बीते दिन, SCO की बैठक में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ सिंधु जल समझौते का मुद्दा उठा रहे थे. भारत से पानी के लिए गुहार लगा रहे थे. वहीं, दूसरी ओर पाकिस्तान से बारिश का पानी नहीं संभल रहा. यहीं नहीं, जनता अपने बर्बाद समान को देखकर रो रही है तो जनरल असीम मुनीर अपने ठिकानों पर आराम कर रहे हैं.