आज के दौर में भले ही बड़े बजट, पॉपुलर स्टारकास्ट और भारी-भरकम प्रमोशन वाली फिल्मों का बोलबाला दिखता है, लेकिन सक्सेस की गारंटी उनके पास भी नहीं होती. कभी-कभी बिना किसी शोर-शराबे के रिलीज हुई छोटे बजट की फिल्में भी अपनी दमदार कहानी से दर्शकों के दिलों में ऐसी जगह बना लेती हैं कि हर कोई हैरान रह जाता है. फिल्म 'हनुमान अंश' के साथ भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला. महज डेढ़ से दो करोड़ के बजट में बनी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ वाली फिल्मों को कमाई में पछाड़ रही है.
दिलचस्प बात यह है कि फिल्म की शुरुआत काफी धीमी हुई थी. तब सभी को लगा था कि फिल्म फ्लॉप हो जाएगी. लेकिन फिर 'हनुमान अंश' ने अचानक ऐसी रफ्तार पकड़ी कि यह इस साल की सबसे बड़ी सुपरहिट साबित होने की रेस में शामिल हो गई. आइए जानते हैं वो 5 बड़ी वजहें, जिन्होंने इस फिल्म की किस्मत पूरी तरह बदल दी....
1. नीम करौली बाबा की बरसी कृपा
फिल्म की सफलता की सबसे बड़ी वजह नीम करौली बाबा के प्रति लोगों की अटूट आस्था को माना जा सकता है. जैसे-जैसे फिल्म आगे बढ़ी, दर्शकों को इसमें बाबा का आशीर्वाद और प्रभाव साफ महसूस होने लगा. इस अपार श्रद्धा ने फिल्म को सिर्फ मनोरंजन तक सीमित न रखकर एक आध्यात्मिक अनुभव में बदल दिया. यही कारण है कि लोग सिर्फ फिल्म देखने नहीं, बल्कि एक गहरी आस्था और भक्ति भाव के साथ थिएटर्स पहुंच रहे हैं.
2. फ्रेश कहानी और भक्ति के साथ गहरा इमोशन
बीते कुछ समय से सिनेमाघरों में लगातार आ रही एक जैसी एक्शन और खून खराबे से भरी फिल्मों के बीच दर्शक कुछ नया और अलग देखना चाह रहे थे. यह फिल्म नीम करौली बाबा के जीवन पर आधारित है. इससे पहले बड़े पर्दे पर इस तरह की फिल्में नहीं देखी गईं. ऐसे में 'हनुमान अंश' की बिल्कुल नई और अनोखी कहानी ने लोगों का दिल जीत लिया.
फिल्म की सबसे खास बात यह है कि इसमें भक्ति के साथ-साथ पारिवारिक मूल्यों, मानवीय रिश्तों और भावनाओं को इतनी खूबसूरती से पेश किया गया है कि हर किसी की आंखें नम हो गईं.
3. माउथ पब्लिसिटी का चला जादू
आज के डिजिटल दौर में किसी भी फिल्म का सबसे मजबूत प्रमोशन 'माउथ पब्लिसिटी' ही माना जाता है. जो लोग फिल्म देखकर थिएटर से बाहर निकले, वो इसके मुरीद हो गए. दर्शकों ने अपने दोस्तों, परिवारावालों और सोशल मीडिया पर फिल्म की इतनी तारीफ की कि बिना किसी पेड प्रमोशन के ही हर तरफ 'हनुमान अंश' की चर्चा होने लगी. लोगों के सच्चे रिव्यू ने थिएटर्स में भीड़ जुटाने का काम किया.
4. स्मार्ट और सटीक मैनेजमेंट
फिल्म के पीछे कोई बहुत बड़ा या दिग्गज बैनर नहीं था, लेकिन इसके बावजूद फिल्म की मार्केटिंग और मैनेजमेंट टीम की रणनीति बेहद सटीक रही. बिना बेफिजूल के खर्चे किए, टीम ने सही टारगेट ऑडियंस तक पहुंचने के लिए ग्राउंड लेवल और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का सही इस्तेमाल किया. सही समय पर सही दर्शकों तक बात पहुंचाना ही फिल्म के लिए टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ.
5. बड़ी फिल्मों के तूफान में भी मजबूती से टिकी
जिस वक्त 'हनुमान अंश' सिनेमाघरों में रिलीज हुई, उसी दौरान कई बड़े सितारों और बिग बजट की फिल्में भी रिलीज हुईं. अक्सर छोटी फिल्में बड़े बजट की फिल्मों के सामने सिमट जाती हैं, लेकिन इस फिल्म के मेकर्स नहीं भटके. सिनेमाघरों में उन्होंने अपनी पकड़ बनाए रखी और धीरे-धीरे दर्शकों का रुझान दूसरी फिल्मों से हटकर इसकी तरफ होता चला गया.
'हनुमान अंश' की शानदार सफलता इस बात का सबूत है कि अगर कहानी में सच्चाई हो, भावनाएं गहरी हो तो बड़े स्टार्स और भारी बजट के बिना भी कोई फिल्म इतिहास रच सकती है.