आसिम मुनीर
जनरल असीम मुनीर अहमद (General Asim Munir Ahmed) पाकिस्तान के आर्मी चीफ हैं (Asim Munir, Army Chief, Pakistan). उन्होंने 17 जून 2019 से 6 अक्टूबर 2021 तक गुजरांवाला में XXX कोर (पाकिस्तान) की कमान संभाली थी (Asim Munir, XXX Core). उन्होंने आईएसआई के 23वें महानिदेशक के रूप में भी कार्य किया (Asim Munir, Former Director General ISI). फिर वे16 जून 2019 को लेफ्टिनेंट जनरल बनाया गया. उन्हें स्वॉर्ड ऑफ ऑनर भी मिल चुका है (Asim Munir, Sword of Honour). पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Pakistani CM Shehbaz Sharif) ने उन्हें 24 नवंबर 2022 को 3 साल की अवधि के लिए 11 वें सेनाध्यक्ष के रूप में घोषित किया है.
आसिम मुनीर, मंगला के ऑफिसर्स ट्रेनिंग स्कूल के 17वें कोर्स से हैं. उन्हें फ्रंटियर फोर्स रेजिमेंट की 23 वीं बटालियन में कमीशन दिया गया था. उन्होंने 1986 में अपना सैन्य करियर शुरू किया. उन्हें सितंबर 2018 में लेफ्टिनेंट जनरल के पद मिला था और बाद में उन्हें डीजी आईएसआई के रूप में नियुक्त किया गया. उन्होंने पहले सैन्य खुफिया महानिदेशक के रूप में कार्य किया था. उन्हें मार्च 2018 में हिलाल-ए-इम्तियाज से सम्मानित किया गया. उन्होंने पहले पाकिस्तान के उत्तरी क्षेत्रों में तैनात सैनिकों के कमांडर के रूप में कार्य किया है. जून 2019 में, मुनीर की जगह लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद को नए डीजी आईएसआई के रूप में नियुक्त किया गया था (Asim Munir Career).
अमेरिका और ईरान के बीच पीस डील कराने के लिए दौड़-भाग कर रहे आसिम मुनीर बदले में डोनाल्ड ट्रंप से क्या उम्मीद लगाए बैठे हैं? कहा जा रहा है कि वह ट्रंप को भरोसे में लेकर एक बार फिर कश्मीर फ्रंट को गर्म करना चाहते हैं. ये मानकर कि यदि जंग तक आई तो ट्रंप संभाल लेंगे. लेकिन, यदि इस बार कुछ गड़बड़ हुई तो बात सिर्फ सर्जिकल स्ट्राइक तक नहीं रुकेगी.
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच पीस डील की प्रक्रिया में पाकिस्तान ने अहम भूमिका निभाई. उन्होंने फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों ने शांति स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया.
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर यानी PoK में बगावत अब बहुत आगे बढ़ चुकी है. आसिम मुनीर जितने बेगुनाहों का लहू बहा रहे हैं, पाकिस्तान के खिलाफ विद्रोह उतना ही भड़क रहा है. मुनीर जिस तरह से PoK में नरसंहार कर रहे हैं, अब लोग पाकिस्तानी सेना की गोलियां अपने सीने पर खाने के लिए तैयार हैं. PoK में रावलकोट के ईदगाह मैदान में मुनीर की फौज ने मौत का ऐसा तांडव मचाया कि 16 निहत्थे लोगों को मरवा दिया, जबकि 37 लोग घायल हो गए. देखें दस्तक.
अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौता पाकिस्तान के बजाय यूरोप में साइन हो सकता है. राष्ट्रपति ट्रंप के इस फैसले से मध्यस्थता में जुटे पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर को बड़ा झटका लगा है.
आज हम आपको दिखाने जा रहे हैं पाकिस्तान में हो रहे जुल्म की ग्राउंड रिपोर्ट. PoK में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के अत्याचार और गोलीबारी में हुई मौत के खिलाफ वहां विरोध प्रदर्शन तेज है. बीती रात भी पाक अधिकृत जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान सेना के खिलाफ उग्र प्रदर्शन हुए हैं.
गाजा और लेबनान के नाम पर दुनिया के सामने घड़ियाली आंसू बहाने वाले पाकिस्तान का वो खूनी और घिनौना चेहरा बेनकाब हो गया है. पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के कुनार, पक्तिका और खोस्त में नागरिक इलाकों पर हवाई हमला किया है. पाकिस्तान के हमलों में 19 लोगों की मौत हो गई है जिनमें ज्यादातर बच्चे और महिलाएं हैं. मरने वालों में 11 बच्चे, एक महिला और एक बुजुर्ग शामिल हैं. 14 महिलाएं घायल हुई हैं.
बीते तकरीबन एक हफ्ते से पाकिस्तानी आर्मी कत्लेआम मचा रही है. PoK में आसिम मुनीर के सेना ने जो नरसंहार किया है वह सबसे ताजा मामला है, लेकिन पाक सैनिक और सुरक्षा बल पूरे मुल्क में ही बड़े सिलसिलेवार तरीकों से ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. पाकिस्तानी सेना का टकराव सिर्फ बलोचिस्तान के लड़ाकों और वजीरिस्तान के विद्रोहियों भर से नहीं है, बल्कि सेना, सीमा पार भी कत्लेआम मचा रही है. अफगानिस्तान में हमला इसी की बानगी है.
पाकिस्तानी सेना ने PoK, बलूचिस्तान और अफगानिस्तान में सैन्य अभियान चलाकर व्यापक हिंसा और मानवाधिकार उल्लंघन किए हैं. PoK में विरोध प्रदर्शनकारियों पर क्रूर कार्रवाई में 26 लोग मारे गए, जिनमें 7 गर्भवती महिलाएं शामिल हैं.
पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू कश्मीर में हिंसक प्रदर्शन जारी है. पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की फायरिंग में बड़ी संख्या में लोगों की मौत को लेकर लोगों में गुस्सा है. अब भारत सरकार ने भी मामले को लेकर चिंता जताई है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सवाल उठे हैं.
पाक अधिकृत कश्मीर के रावलकोट में प्रदर्शनकारियों और शोकसभा में शामिल लोगों पर पाक सेना की गोलीबारी में 27 लोगों की मौत और 200 से अधिक घायल हुए हैं.
जिस PoK को पाकिस्तान अपनी जमीन बताता है, आसिम मुनीर ने उसी जमीन को बेगुनाहों के लहू से रंग दिया. अपना हक मांगने सड़कों पर उतरे PoK के लोगों पर जनरल डायर की तरह आसिम मुनीर ने सीधे गोलियां चलवा दीं. जिसमें 27 लोगों की मौत हो गई, और 200 से ज्यादा घायल हैं. PoK में कैसे मचा कत्लेआम? देखें 10 तक.
पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर यानि PoK हिंसा की आग में जल रहा है. पाकिस्तान की बर्बर सेना ने रावलकोट में अंधाधुंध गोलियां बरसाकर 27 निहत्थे लोगों को मौत के घाट उतार दिया. पूरे PoK और गिलगित-बाल्टिस्तान में लोग सड़कों पर हैं. आखिर PoK में लोग आजादी क्यों मांग रहे हैं और असीम मुनीर को दहशतगर्द बताते हुए नारे क्यों लगा रहे हैं? देखें ब्लैक एंड व्हाइट.
पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर यानी PoK की सड़कों पर पाक फौज के खिलाफ विद्रोह भड़का हुआ है. PoK की जनता 'पाकिस्तानी सेना वापस जाओ' के नारे लगा रही है. 'आसिम मुनीर दहशतगर्द' के नारे लगा रहे हैं. मुजफ्फराबाद में पाकिस्तान की सेना प्रदर्शनकारियों पर खुलेआम गोलियां बरसा रही है. देखें वीडियो.
सिंगापुर में आयोजित शांगरी-ला डायलॉग के दौरान US रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने पाकिस्तान के नेतृत्व की जमकर तारीफ की है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के साथ सच्ची दोस्ती कायम की है. भारत और पाकिस्तान को लेकर कहा कि फिलहाल अमेरिका दोनों देशों से किसी मिसाइल खतरे को नहीं देखता.
पाकिस्तान की मध्यस्थता पूरी तरह फेल हो गई. आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर और नकवी की तेहरान यात्रा भी अमेरिका-ईरान टकराव को रोक नहीं पाई. होर्मुज में तनाव जारी है. दोनों देश आमने-सामने हैं.
पाकिस्तान को उसकी औकात अमेरिका के साथ-साथ उसके पाले आतंकियों ने भी याद दिलाई है. दरअसल, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच सुलह कराने के लिए शांति का मसीहा बन रहे पाकिस्तान के सामने राष्ट्रपति ट्रंप ने इजरायल से दोस्ती का प्रस्ताव रख दिया गया है. डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान समेत कई अरब और मुस्लिम देशों से कहा है कि वो अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल होकर इजरायल को मान्यता दें.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ 23 से 26 मई तक चीन के दौरे पर हैं. उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग संग मुलाकात भी की. इस दौरान चीन और पाकिस्तान ने मंगलवार को एक संयुक्त बयान जारी किया. इस संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाया गया.
ट्रंप के अब्राहम अकॉर्ड्स के दबाव में पाकिस्तान फंस गया है. आर्मी चीफ मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज मुश्किल में हैं. पाकिस्तान इजरायल को मान्यता देने से मना कर रहा है, क्योंकि यह फिलीस्तीन समर्थन और विचारधारा के खिलाफ है.
अब्राहम अकॉर्ड्स को लेकर अमेरिका के बढ़ते दबाव के बीच पाकिस्तान दुविधा में नजर आ रहा है. इजरायल मान्यता, फिलीस्तीन समर्थन और घरेलू राजनीति को लेकर बहस तेज हो गई है. फिलहाल पाकिस्तान ने अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल होने को लेकर कोई बदलाव संकेत नहीं दिया है, लेकिन क्षेत्रीय राजनीति में इस मुद्दे पर चर्चा तेज बनी हुई है.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बढ़ाने के लिए कूटनीतिक सफलता पर बधाई दी है. दरअसल ट्रंप ने मिडिल-ईस्ट और साउथ एशिया के मुस्लिम देशों के नेताओं के साथ एक कॉन्फ्रेंस कॉल की, जिसमें पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर भी शामिल थे.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान के नक्शे पर अमेरिकी झंडे वाली तस्वीर पोस्ट की है. यह पोस्ट ऐसे समय सामने आई है जब मिडिल ईस्ट में तनाव और अमेरिका-ईरान संबंधों को लेकर चर्चाएं तेज हैं.