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ओमानी पायलट से सच उगलवाना चाहता है इजरायल, लेकिन फंस रहा एक पेच

इजरायल ने साफ को कहा है कि ओमानी पायलट इस प्लेन को कब्जे में लेकर इसे क्रैश करना चाहता था. अब इजरायली सरकार ने इस पायलट के प्रत्यर्पण की मांग की है. लेकिन सऊदी अरब से इजरायल के कूटनीतिक रिश्ते है हीं नहीं.

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इजरायल ओमानी पायलट के प्रत्यपर्ण की मांग करने जा रहा है, (Photo: AP)
इजरायल ओमानी पायलट के प्रत्यपर्ण की मांग करने जा रहा है, (Photo: AP)

इजरायल जा रहे प्लेन को कथित रूप से हाई जैक करने की कोशिश के आरोप में गिरफ्तार ओमानी को पायलट पर तेल अवीव शिकंजा कसने की कोशिश कर रहा है. इजरायल इस ओमानी पायलट को अपने शिकंजे में लेकर इस साजिश की तह तक जाना चाहता है, इसके लिए इजरायल ने इस ओमानी पायलट के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू की है. लेकिन यहां एक पेच फंस रहा है. दरअसल ये पायलट अभी सऊदी अरब में है, जहां विमान के लैंडिंग के बाद उसे गिरफ्तार किया गया है, लेकिन न तो सऊदी अरब और न ही ओमान के साथ इजरायल का कूटनीतिक रिश्ता है.  

इजरायल के नेशनल सिक्योरिटी मिनिस्टर इतामार बेन-गवीर ने गुरुवार को कहा कि वह ओमान के उस को-पायलट के प्रत्यर्पण की मांग करेंगे, जिस पर तेल अवीव जा रहे फ्लाईदुबई के विमान को क्रैश करने की कोशिश का आरोप है.  यह कदम हवा में हुई उस घटना के बाद उठाया जा रहा है जिसमें एक भारतीय पायलट गंभीर रूप से घायल हो गया था. 

संदिग्ध ओमानी पायलट अभी सऊदी अरब में हिरासत में है. कॉकपिट में हुई बहस के बाद, 180 को ले जा रहे विमान की बुधवार को तबुक में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी थी.

सिक्योरिटी कैबिनेट के सदस्य बेन-गवीर ने कहा कि वे गुरुवार को होने वाली सिक्योरिटी कैबिनेट की बैठक में जस्टिस मिनिस्ट्री और डिप्लोमैटिक अधिकारियों से कहेंगे कि वे संदिग्ध को इज़राइल लाने के लिए सभी उपलब्ध तरीकों का इस्तेमाल करें, ताकि उससे पूछताछ की जा सके और उस पर मुकदमा चलाया जा सके. यह जानकारी 'जेरूसलम पोस्ट' अखबार ने मिनिस्टर के ऑफिस से जारी बयान के हवाले से दी.

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हालांकि न तो सऊदी अरब और न ही ओमान के इजरायल के साथ डिप्लोमैटिक संबंध हैं, जिससे सीधे प्रत्यर्पण की कोशिश मुश्किल हो सकती है.

'द टाइम्स ऑफ़ इज़राइल' अखबार के मुताबिक उम्मीद है कि सऊदी अरब की शुरुआती जांच पूरी होने के बाद संयुक्त अरब अमीरात (UAE) संदिग्ध को अपनी कस्टडी में ले लेगा. 

हालांकि इज़राइल के UAE के साथ डिप्लोमैटिक संबंध हैं, लेकिन दोनों देशों के बीच प्रत्यर्पण को लेकर कोई द्विपक्षीय संधि नहीं है.

बेन-गवीर ने बयान में कहा, "जिस किसी ने भी विमान को क्रैश करने और 180 इज़रायलियों की हत्या करने की योजना बनाई, उसे इज़राइल प्रत्यर्पित किया जाना चाहिए और उसे यहां सबसे कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए।"

उन्होंने हमले के बाद बीच-बचाव करने वाले यात्रियों और क्रू की भी तारीफ़ की और कहा कि इज़राइल की सिक्योरिटी पॉलिसी में यह साफ़ होना चाहिए कि जो लोग इज़राइलियों को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं, उनका पीछा किया जाएगा।

बेन-गवीर ने कहा, "हमारी सिक्योरिटी पॉलिसी साफ होनी चाहिए, जो कोई भी इज़राइलियों की हत्या करने या उन्हें नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा, इज़रायल राज्य उसका पीछा करेगा और दुनिया में कहीं भी उससे हिसाब बराबर करेगा."

इज़राइली अधिकारियों ने कहा है कि संदिग्ध ने भारतीय कैप्टन स्मित मछार को चाकू मारा और कथित तौर पर विमान पर कब्ज़ा करके उसे क्रैश करने की कोशिश की. घटना के हालात और मकसद की जांच अभी चल रही है. कॉकपिट में हुए हमले में गंभीर रूप से घायल हुए मछार ने विमान के सुरक्षित रूप से तबुक में उतरने से पहले उस पर दोबारा नियंत्रण पाने की कोशिश में मदद की. रियाद में भारतीय दूतावास और जेद्दा में वाणिज्य दूतावास उनकी हालत पर नज़र रखे हुए हैं. स्मित मछार का पहले सऊदी अरब में इलाज हुआ, इसके बाद उन्हें एयर लिफ्ट कर UAE ले जाया जा रहा है.

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यह घटना तब हुई जब फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ 1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी. इस घटना के बाद इज़रायल में विमानन सुरक्षा की समीक्षा भी शुरू की गई.

परिवहन मंत्री मिरी रेगेव ने जांच पूरी होने तक इज़रायल के लिए फ्लाईदुबई की उड़ानों को रोकने की मांग की, जबकि इज़राइली विमानन और सुरक्षा अधिकारियों ने इज़रायली हवाई क्षेत्र की ओर आने वाले संदिग्ध विमानों से निपटने की प्रक्रियाओं की समीक्षा की. 


 

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