सोशल मीडिया पर किसी से दोस्ती हुई, बातचीत बढ़ी और फिर प्यार हो गया. ब्रिटेन की 80 साल की एक महिला को भी लगा कि फेसबुक पर मिला शख्स उसका सच्चा साथी है. लेकिन जिस व्यक्ति से वह दिल की बातें कर रही थीं, वह असल में कोई एक आदमी नहीं, बल्कि ठगों का एक पूरा गिरोह था.
आरोप है कि जालसाजों ने AI की मदद से उस फर्जी बॉयफ्रेंड की तस्वीरें और आवाज वाले मैसेज तैयार किए. फिर बीमारी और किडनैपिंग की झूठी कहानी सुनाकर महिला से करीब 1.7 करोड़ रुपये ठग लिए.
डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला ब्रिटेन का है. महिला की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है. उनकी बेटी ने BBC को बताया कि उनकी मां को फेसबुक पर मिले एक शख्स से प्यार हो गया था. मां को लगता था कि वह एक असली रिश्ते में हैं, जबकि पर्दे के पीछे बैठे ठग उनकी भावनाओं का फायदा उठा रहे थे.
पहले बीमारी का बहाना, फिर अस्पताल के नाम पर पैसे
ठगों ने महिला से पैसे ऐंठने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए. कभी उन्होंने फर्जी बॉयफ्रेंड की गंभीर बीमारी की कहानी सुनाई, तो कभी महंगे ऑपरेशन की जरूरत बताई. महिला को यकीन दिलाया गया कि इलाज के लिए तुरंत पैसे चाहिए.
एक बार तो महिला ने करीब 10 हजार पाउंड यानी लगभग 11 लाख रुपये एक खोखली किताब के अंदर छिपाकर भेज दिए. उन्हें बताया गया था कि यह रकम शंघाई के एक अस्पताल तक पहुंचानी है. महिला को लगा कि वह अपने बीमार साथी की मदद कर रही हैं, लेकिन असल में यह ठगी का हिस्सा था.
बॉयफ्रेंड के किडनैप होने की झूठी कहानी
ठग यहीं नहीं रुके. उन्होंने एक और खौफनाक कहानी रची. महिला को बताया गया कि उनके ऑनलाइन बॉयफ्रेंड का अपहरण कर लिया गया है और अगर फिरौती नहीं दी गई, तो उसकी हत्या कर दी जाएगी.
अपने साथी की जान बचाने की चिंता में महिला ने फिर पैसे भेज दिए. उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि किडनैपिंग की यह कहानी भी फर्जी थी और इसका मकसद उनसे और रकम वसूलना था.कुल मिलाकर महिला ने ठगों को करीब 1 लाख 40 हजार पाउंड, यानी लगभग 1.7 करोड़ रुपये दे दिए. उनकी बैंक ने अब तक करीब 45 हजार पाउंड लौटाए हैं.
बेटी को जब अपनी मां के साथ हुई ठगी का पता चला, तो उनके लिए हालात संभालना आसान नहीं था. उन्हें कुछ ऐसे संदेश मिले थे, जो असल में फर्जी बॉयफ्रेंड के लिए भेजे गए थे. इसके बाद उन्होंने मां को समझाने और इस रिश्ते से बाहर निकालने की कोशिश की.
लेकिन मां ने उनकी बात को दखलअंदाजी समझा. हेलन के मुताबिक, उनकी मां ने कहा कि बेटी ने उन्हें घिन और शर्मिंदगी महसूस कराई और उन्हें अपना रिश्ता जीने देना चाहिए था. बेटी ने बताया कि ऐसी स्थिति से निपटने के लिए परिवारों के पास अक्सर जरूरी जानकारी या साधन नहीं होते. उन्होंने कहा कि मुझे लगा कि मेरे पास इससे निपटने का कोई तरीका ही नहीं है. ज्यादातर परिवारों के पास ऐसी विशेषज्ञता नहीं होती.
AI से बनी तस्वीरें और आवाज भी बन सकती हैं ठगी का हथियार
इस मामले में ठगों ने कथित तौर पर AI की मदद से फर्जी व्यक्ति की तस्वीरें और वॉयस नोट तैयार किए. इससे महिला को भरोसा हुआ कि वह किसी असली शख्स से बात कर रही हैं. इस तरह की ठगी में जालसाज पहले भावनात्मक रिश्ता बनाते हैं और फिर बीमारी, यात्रा, मुसीबत या किसी आपात स्थिति का बहाना बनाकर पैसे मांगते हैं.
फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा ने अपने सेफ्टी सेंटर पर कहा है कि वह ऐसे स्कैम का पता लगाने और उन्हें रोकने के लिए लगातार काम कर रही है, जिनमें लोगों को धोखे से पैसे या संपत्ति देने के लिए मजबूर किया जाता है.
ब्रिटेन की संस्था Age UK के मुताबिक, अगर किसी को अनधिकृत या अप्रत्याशित भुगतान के जरिए ठगी का शिकार बनाया गया है, तो वह अपने बैंक से संपर्क कर खोई हुई रकम वापस पाने की संभावना के बारे में पूछ सकता है.
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ऑनलाइन रिश्ते में कोई व्यक्ति अचानक इलाज, फिरौती या आपात स्थिति के नाम पर पैसे मांगे, तो रकम भेजने से पहले उसकी पहचान और दावे की स्वतंत्र रूप से जांच करना जरूरी है. खासकर तब, जब सामने वाला व्यक्ति वीडियो कॉल या किसी भरोसेमंद तरीके से अपनी पहचान साबित करने से बच रहा हो.