
नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है. बाढ़ का पानी नुवाकोट जिले के त्रिशूली इलाके में स्थित कृषि विकास बैंक की शाखा में भी घुस गया और पूरा बैंक परिसर पानी में डूब गया. कई दिनों बाद जब हालात कुछ सामान्य हुए तो बैंक के अंदर फंसी करोड़ों की संपत्ति को सुरक्षित निकालने के लिए राहत और बचाव अभियान चलाया गया. इस दौरान बैंक से करीब 50 करोड़ नेपाली रुपये मूल्य का सोना बरामद किया गया.
पुलिस के मुताबिक 10 भाद्र को आई बाढ़ में कृषि विकास बैंक की त्रिशूली-ढुंगे शाखा पूरी तरह प्रभावित हुई थी. पानी और मलबे के बीच बैंक के लॉकर और अन्य हिस्सों तक पहुंचना बेहद चुनौतीपूर्ण था. इसके बावजूद पुलिस और संबंधित टीमों ने करीब 8 घंटे तक लगातार अभियान चलाकर बैंक के अंदर रखी कीमती धातुओं और नकदी को सुरक्षित बाहर निकाला.

अधिकारियों के अनुसार अभियान के दौरान करीब 50 करोड़ नेपाली रुपये मूल्य का सोना, लगभग डेढ़ करोड़ नेपाली रुपये नकद, चांदी और अन्य कीमती सामान बरामद किया गया. इसके अलावा बैंक के महत्वपूर्ण दस्तावेज भी सुरक्षित स्थान पर पहुंचाए गए.
बाढ़ ने मचाई तबाही, बैंक तक पहुंचना भी बना चुनौती
भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ ने नेपाल के कई इलाकों में जनजीवन को प्रभावित किया. तेज बहाव के कारण सड़कें और आसपास के इलाके जलमग्न हो गए. कई स्थानों पर बाढ़ का पानी और मलबा भरने से राहत एवं बचाव कार्य में भी मुश्किलें आईं. इसी त्रासदी के बीच त्रिशूली स्थित बैंक शाखा में रखी करोड़ों की संपत्ति को सुरक्षित निकालना भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया था.
बैंक शाखा के पानी में डूबने के बाद सबसे बड़ी चिंता वहां रखे सोने, नकदी और महत्वपूर्ण दस्तावेजों की सुरक्षा को लेकर थी. बचाव दल ने जोखिम के बीच बैंक के अंदर अभियान चलाया और एक-एक करके कीमती सामान को सुरक्षित बाहर निकाला.

करीब 8 घंटे चले इस अभियान के बाद करोड़ों रुपये मूल्य की संपत्ति सुरक्षित बरामद होने से बैंक अधिकारियों और प्रशासन ने राहत की सांस ली है. हालांकि, भोटेकोशी की बाढ़ ने नेपाल में प्राकृतिक आपदा के दौरान होने वाले भारी नुकसान और बचाव अभियानों की चुनौती को एक बार फिर सामने ला दिया है.
नेपाल में बाढ़ से 781 लोगों की मौत, 9,435 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने देश में पिछले पांच दिनों से जारी भीषण प्राकृतिक आपदा को लेकर राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों की विस्तृत जानकारी साझा की है. प्रधानमंत्री ने कहा कि रसुवा की भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ से हुई जन-धन और भौतिक क्षति का पूरा विवरण जुटाना अभी भी चुनौतीपूर्ण है. प्रतिकूल मौसम, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और लगातार बने जोखिम के बावजूद सरकार नागरिकों की जान बचाने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही है.

प्रधानमंत्री शाह के अनुसार अब तक 9,435 लोगों को हवाई और सड़क मार्ग से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. राहत और बचाव के लिए कुल 394 उड़ानें संचालित की जा चुकी हैं, जिनमें रविवार को 72 उड़ानें शामिल हैं. प्रभावित क्षेत्रों में नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के 20,618 सुरक्षाकर्मी तैनात हैं.
जलविद्युत परियोजना क्षेत्रों से नेपाली सेना के हेलीकॉप्टरों के जरिए 279 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है. भारतीय विशेषज्ञ टोली की मदद से रसुवा में अपर त्रिशूली-1 परियोजना के आसपास दो दिनों में 250 लोगों का उद्धार किया गया. भारत के अलावा चीनी और कोरियाई विशेषज्ञ दल नेपाली सेना के साथ मिलकर बचाव अभियान चला रहे हैं.भारतीय टीम सुरंग के भीतर करीब तीन किलोमीटर तक खोज कर रही है.