scorecardresearch
 

होटल में रुके थे, अंकित बालियान की रेकी की थी... शामली एनकाउंटर में ढेर दोनों शूटर्स पर क्या खुलासे हुए

अंकित बालियान हत्याकांड में एनकाउंटर में मारे गए मोहित और सुमित ने 20-21 अगस्त को शामली में रहकर रेकी की थी. सूर्या होटल की CCTV फुटेज से पुलिस को अहम सुराग मिला है. इस मामले में पुलिस की छानबीन अभी भी जारी है. पढे़ं पूरी कहानी.

Advertisement
X
अभी पुलिस दो शूटर्स की तलाश में जुटी है (फोटो-ITG)
अभी पुलिस दो शूटर्स की तलाश में जुटी है (फोटो-ITG)

शामली में अंकित बालियान हत्याकांड की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस के मुताबिक, एनकाउंटर में मारे गए दो शूटर मोहित और सुमित ने वारदात से पहले अंकित बालियान की पूरी रेकी की थी. दोनों 20 अगस्त को शामली पहुंचे थे और यहां सूर्या होटल में ठहरे थे. अब होटल की CCTV फुटेज सामने आई है, जिसमें दोनों संदिग्ध नजर आ रहे हैं, पुलिस का दावा है कि होटल में रुककर दोनों ने अंकित की गतिविधियों और उसके आने-जाने के बारे में जानकारी जुटाई थी.

जांच के मुताबिक, मोहित और सुमित ने 20 और 21 अगस्त को अंकित बालियान की रेकी की थी. दोनों ने शामली के सूर्या होटल में कमरा लिया और होटल में आधार कार्ड समेत जरूरी दस्तावेज जमा किए थे. इसी दौरान होटल में लगे CCTV कैमरों ने दोनों की गतिविधियां रिकॉर्ड कर लीं. पुलिस ने जब हत्याकांड के बाद आसपास के कैमरों की फुटेज खंगाली तो होटल की यह फुटेज जांच के लिए अहम सुराग बन गई.

पुलिस की पड़ताल में सामने आया है कि अंकित बालियान की हत्या को अंजाम देने के लिए कुल चार शूटर पहुंचे थे. इनमें मोहित और सुमित भी शामिल थे, जबकि जांच में दो अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई है. पुलिस के अनुसार, ये दोनों लोग रेकी और दूसरी तरह की मदद में शामिल थे. यानी अब तक की जांच में हत्याकांड से जुड़े कुल छह लोगों की भूमिका सामने आ चुकी है.

Advertisement

वारदात के बाद पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगालनी शुरू की थी. फुटेज की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस ने चारों शूटरों की पहचान कर ली. जांच में पता चला कि गोली चलाने वाले आरोपी हरियाणा के हिसार और रोहतक से जुड़े हैं. इनमें से एक आरोपी पहले भी हत्या के मामले में जेल जा चुका था, जबकि बाकी तीन के खिलाफ छोटे-मोटे आपराधिक मामलों की जानकारी पुलिस को मिली थी.

शूटरों की पहचान सामने आने के बाद हरियाणा पुलिस ने उनके घरों और रिश्तेदारों के ठिकानों पर दबिश देना शुरू किया. परिवार के लोगों और करीबियों से पूछताछ की गई तो आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए. इसके बाद सभी आरोपी अपने ठिकानों से फरार हो गए. मामले की गंभीरता को देखते हुए यूपी STF ने भी उनकी तलाश तेज कर दी और हरियाणा समेत दूसरे संभावित ठिकानों पर दबिश शुरू हुई.

अंकित बालियान हत्याकांड की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस ने उसकी कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और WhatsApp मैसेजिंग हिस्ट्री की भी जांच की. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही थी कि हत्या की साजिश किसने रची और शूटरों तक जानकारी पहुंचाने या उनकी मदद करने वाले लोग कौन थे. इसी जांच के दौरान पुलिस को हत्याकांड में शामिल अन्य मददगारों तक पहुंचने के सुराग मिलने की बात सामने आई है.

Advertisement

हत्याकांड के खुलासे के लिए मेरठ जोन के सात जिलों के पुलिस अधिकारियों की आठ टीमें बनाई गई थीं. पुलिस की टीमें लगातार हरियाणा और दिल्ली में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं. इससे पहले मेरठ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) भानु भास्कर भी शामली पहुंचे थे और अधिकारियों के साथ करीब दो घंटे तक बैठक की थी. उन्होंने उस समय कहा था कि पुलिस आरोपियों और वारदात में इस्तेमाल हथियारों तक पहुंचने के काफी करीब है.

पुलिस के मुताबिक, 20 अगस्त को ही अंकित बालियान की रेकी के लिए दो शूटर शामली पहुंचे थे. दोनों सूर्या होटल में ठहरे और अंकित की गतिविधियों पर नजर रखते रहे. हत्या के बाद चारों शूटरों ने मौके से भागने के लिए अलग-अलग रास्ते अपनाए. इनमें से दो शूटर बाइक से करनाल की तरफ भागे, जबकि मोहित और सुमित बागपत की ओर फरार हुए थे.

पुलिस ने मोहित और सुमित की लोकेशन ट्रैक करने के बाद उनकी तलाश तेज की. इसी दौरान कैराना रोड स्थित इंडियन गैस गोदाम के पास पुलिस और दोनों आरोपियों के बीच मुठभेड़ हो गई. पुलिस के मुताबिक, दोनों शूटरों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वे गोगी गैंग से जुड़े बताए जा रहे थे. जवाबी फायरिंग में दोनों को गोली लगी और बाद में अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

Advertisement

मुठभेड़ के दौरान SWAT टीम के हेड कांस्टेबल हरविंदर और प्रदीप भी घायल हुए. पुलिस ने मौके से दो पिस्टल, जिंदा और खोखा कारतूस, एक स्प्लेंडर बाइक, बैग, मोबाइल फोन और 5 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं. अब पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि हत्या की साजिश में शामिल बाकी आरोपियों की भूमिका क्या थी और उन्हें किसने निर्देश दिए थे. मोहित और सुमित के एनकाउंटर के बाद भी इस केस की जांच जारी है.

कौन थे मोहित और सुमित?

मोहित और सुमित हरियाणा के सोनीपत से जुड़े दो कथित शार्प शूटर थे, जिन पर शामली में हरियाणवी गायक और यूट्यूबर अंकित बालियान की हत्या में शामिल होने का आरोप था. 31 अगस्त की तड़के शामली के औद्योगिक इलाके में पुलिस के साथ मुठभेड़ में दोनों मारे गए. पुलिस के मुताबिक, दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था और उनके तार कुख्यात गोगी गैंग से जुड़े बताए गए हैं.

पुलिस से मिली जानकारी के आधार पर विभिन्न रिपोर्टों में मोहित की उम्र करीब 22 साल बताई गई है. एक रिपोर्ट के मुताबिक वह सोनीपत के बईयापुर खुर्द का रहने वाला था और उसका मूल गांव जटवाड़ा बताया गया है. उसके खिलाफ हरियाणा में करीब 14 मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है. हालांकि, शामली के एसपी के हवाले से एक रिपोर्ट में कहा गया कि उसके खिलाफ 15 मुकदमे दर्ज थे. इतना साफ है कि मोहित का आपराधिक रिकॉर्ड था.

Advertisement

सुमित की उम्र करीब 24 साल बताई गई है. एक रिपोर्ट के मुताबिक वह सोनीपत के कुंडली इलाके की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहता था और उसका मूल पता ककरौही गांव बताया गया है. पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ हरियाणा में कम से कम एक मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिली है. उसके दूसरे आपराधिक मामलों की भी जांच की जा रही है.

गोगी गैंग से क्या कनेक्शन था?

पुलिस के मुताबिक, मोहित और सुमित को गोगी गैंग से जुड़ा हुआ बताया गया है. पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक अंकित बालियान की हत्या के पीछे गैंगवार से जुड़ा एंगल सामने आया है. शामली एसपी के मुताबिक, राहुल उर्फ भोलू शाहपुरिया ने हत्या की साजिश रची और शूटरों से संपर्क कर उन्हें हथियार व पैसे उपलब्ध कराए. पुलिस का दावा है कि अंकित को टिल्लू गैंग से जोड़कर देखा जा रहा था और इसी कथित गैंग रंजिश के चलते उसकी हत्या की साजिश रची गई.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement