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कॉकपिट की दीवार पर खून, क्रैश का प्लान, ईरान का भी रोल था क्या...फ्लाईदुबई फ्लाइट में ये बातें आई सामने

दुबई से इजरायल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में को-पायलट ने पायलट पर कुल्हाड़ी से हमला किया, जिससे विमान अचानक 16 हजार फीट नीचे गिर गया था. उस दिन की घटना में अब तक क्या हुआ है, इसके बारे में सिलसिलेवार ढंग से जानते हैं.

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30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उस फ्लाईट में क्या-क्या हुआ था (Photo: ITG)
30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उस फ्लाईट में क्या-क्या हुआ था (Photo: ITG)

दुबई से इजरायल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में अचानक एक ऐसी घटना हुई, जिसने यात्रियों और क्रू को दहशत में डाल दिया. 30 सितंबर को विमान 03:05 GMT पर रवाना हुआ था. सऊदी एयरस्पेस में 05:21 GMT पहुंचते ही विमान ने अचानक तेज मोड़ लिया और महज 30 सेकंड में 16 हजार फीट से ज्यादा नीचे गिर गया. इसके बाद फ्लाइट ने इमरजेंसी और गैर कानूनी दखल का संकेत देते हुए डिस्ट्रेस सिग्नल भेजा और सऊदी अरब के तबुक में इमरजेंसी लैंडिंग कराई.

एक इजरायली अधिकारी के मुताबिक, एक समय पर विमान का ट्रांसपोंडर लगभग आधे घंटे के लिए बंद रहा था. आइए उस दिन की घटना में अब तक क्या हुआ है, इसके बारे में सिलसिलेवार ढंग से जानते हैं.

कॉकपिट में क्या हुआ था?

इज़राइली और सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, उड़ान के दौरान को-पायलट ने पायलट स्मित मछार पर हमला किया और उन्हें घायल कर दिया. संयुक्त अरब अमीरात के अभियोजन पक्ष के प्रमुख के मुताबिक, को-पायलट ने हमले के लिए कुल्हाड़ी का इस्तेमाल किया. कुल्हाड़ी को आम तौर पर इमरजेंसी के समय इस्तेमाल के लिए कॉकपिट में रखा जाता है. 

अभियोजन पक्ष के प्रमुख ने कहा कि प्लेन के नीचे गिरने के दौरान, ज़मीन पर पड़े घायल भारतीय पायलट स्मित मछार ने किसी तरह प्लेन का दरवाजा खोला जिससे लोग कॉकपिट में घुस सके और को-पायलट को काबू में कर सके.

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इजरायली अधिकारी ने गवाहों का हवाला देते हुए कहा कि को-पायलट कंट्रोल पैनल को "जोर-जोर से मार रहा" था. हालांकि इस बारे में उन्होंने ज्यादा जानकारी नहीं दी. उनका कहना है कि ऐसा लग रहा था कि को-पायलट प्लेन को क्रैश करने की कोशिश कर रहा था.

को-पायलट के काबू में आने के बाद यात्रियों में से एक ने प्लेन को कुछ देर के स्थिर किया था. उसने खुद बताया कि एयर-क्रैश पर आधारित एक टीवी शो देखकर उसे यह पता चला था कि ऐसा कैसे करना है. इसके बाद प्लेन में मौजूद ऑफ ड्यूटी पायलटों ने कंट्रोल संभाला और प्लेन की लैंडिंग कराई. 

यह भी पढ़ें: फ्लाइट को हाइजैक कर इजरायल में क्रैश कराने का था इरादा! को-पायलट के खौफनाक मंसूबे आए सामने

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केबिन के अंदर के वीडियो में घायल पायलट और को-पायलट दिखे. वीडियो में दीवारों पर खून लगा हुआ दिखा, साथ ही, यात्रियों द्वारा को-पायलट को काबू में किए जाने की घटना भी नजर आई.

UAE के प्रॉसिक्यूटर जनरल ने इसे को-पायलट द्वारा "आतंकवादी हमले" की कोशिश बताया है. हालांकि, उन्होंने इस हमले के पीछे के मकसद को लेकर कोई बात नहीं है. 

प्लेन क्रैश होने के कितने करीब पहुंच गया था?

सबसे ज़्यादा ढलान वाले हिस्से में, प्लेन की ऊंचाई लगभग 544 फ़ीट (166 मीटर) प्रति सेकंड की रफ़्तार से कम हो रही थी. ऐसी ही स्थिति में बड़े क्रैश हुए हैं. लेकिन यात्रियों, क्रू और पायलट स्मित मछार की सूझबूझ और बहादूरी के कारण ऐसा नहीं हुआ.

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यात्रियों की क्या भूमिका रही?

जब पायलट स्मित मछार ने कॉकपिट का दरवाजा खोला तो एक महिला ने थोड़ी हलचल देखी. कम से कम चार यात्री कॉकपिट की ओर दौड़े और को पायलट पर हमला करके उसे काबू में किया. 

जिस यात्री ने ऑफ़-ड्यूटी पायलटों के कमान संभालने से पहले कुछ देर के लिए प्लेन को संभाला था, उन्होंने बताया कि उन्होंने सबसे पहले दूसरे यात्रियों की मदद से को-पायलट को कंट्रोल से पीछे खींचा था. वहीं, उनमें से एक अन्य यात्री ने बताया कि दो अन्य यात्रियों ने को-पायलट पर हमला किया और ईयरफोन के केबल से उसे बांध दिया. प्लेन में मौजूद एक डॉक्टर ने विमान में ही घायल पायलट का इलाज शुरू किया.

फ़्लाइट में दूसरे पायलट क्यों थे?

रॉयटर्स के मुताबिक, एक पायलट ने बताया कि फ़्लाईदुबई के दो ऑफ़-ड्यूटी पायलट क्रू के बैकअप के तौर पर प्लेन में मौजूद थे. पायलट ने कहा कि ईरान के साथ चल रहे अमेरिका-इज़राइल तनाव के कारण मध्य पूर्व के विमानों को अक्सर अपना रास्ता बदलना पड़ता है. ऐसे में, फ्लाइट में ऑफ ड्यूटी पायलट मौजूद थे. 

को-पायलट के बारे में हमें क्या पता है?

को-पायलट की पहचान हमाम-अल-हम्मामी के तौर पर हुई है. इज़रायली अधिकारियों का कहना है कि वह ओमान का नागरिक है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बताया कि को-पायलट "इस्लामिक कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित" था और वह आत्महत्या करना चाहता था. वहीं, इजरायल के सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि हो सकता है कि उसने अकेले ही यह सब किया हो. हालांकि इस मामले में गहन जांच की जा रही है. 

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यह भी पढ़ें: 'को-पायलट नमाज के बहाने उठा और पीछे से मार दी कुल्हाड़ी...', कैप्टन स्मित ने बताया कॉकपिट में क्या हुआ था

संयुक्त अरब अमीरात में इजरायल के राजदूत ने कहा कि अभी तक को-पायलट के मकसद का पता नहीं चल पाया है. को-पायलट ने रॉयल एयर मारोक (RAM) के साथ ट्रेनिंग ली थी, लेकिन RAM ने कहा कि उन्होंने वहां काम करने के लिए उसकी अर्जी ठुकरा दी थी. इजरायली सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि इजरायली को अभी तक इसमें ईरान की कोई भूमिका नज़र नहीं आई है.

इस मामले में गहन जांच की जा रही है. घटना हुई कैसे, इसे लेकर तमाम सवाल उठ रहे हैं. बता दें, पायलटों की बैकग्राउंड जांच और नियमित मनोवैज्ञानिक जांच होती है. 2001 में अमेरिका में हुए 9/11 हमलों के बाद से ही कड़े उपाय लागू किए गए हैं. इजरायल वहां जाने वाले हर व्यक्ति की कड़ी जांच करता है. इस मामले में नेतन्याहू ने कहा है कि इज़राइल उस "खामी" की जांच करेगा जिसकी वजह से को-पायलट को विमान में आने की अनुमति मिली. 

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